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साढ़े चार हजार गांव में शहर के तर्ज पर गिलेगी बिजली
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electricity in village
- फोटो : Jhjhar
बिजली निगम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर शनिवार को अधिकारियों के साथ मीटिंग करने के लिए झज्जर के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचे। जहां पर उन्होंने मीटिंग लेते हुए लाइनलॉस व बिजली चोरी के केस की रिपोर्ट मांगी। वहीं उन्होंने कालोनियों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की स्थिति के बारे में भी जानकारी हासिल की।
सीएमडी कपूर ने खतरनाक लाइनों की जानकारी मांगी तो एसई एसके जैन ने बताया कि जिला में करीब 62 खतरनाक लाइनें है जिनमें से करीब 40 लाइनों को बदला जा चुका है बाकी पर तेजी से काम चल रहा है। अन्य लाइनों की मरम्मत का कार्य भी किया जा रहा है। इसके अलावा झज्जर जिला में करीब साढे़ चार हजार ट्यूबवेल कनेक्शन के डिफाल्टर उपभोक्ता थे। जिनमें से 3 हजार से अधिक उपभोक्ता योजना का लाभ उठा चुके हैं। फिलहाल करीब 400 डिस कनेक्टेड व 1100 कनेक्टेड उपभोक्ता बाकी बचे हैं। इन उपभोक्ताओं को योजना में शामिल किए जाने का प्रयास है।
फायदे में चल रहा है निगम
सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने बताया कि पिछले तीन साल में न तो फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है और न ही बिजली की यूनिट के रेट बढ़ाए हैं। इसके बावजूद पिछले दो साल से बिजली निगम घाटे की बजाए फायदे में चल रहे है। फ्यूल सरचार्ज पिछले तीन साल से 37 पैसे पर अटका हुआ है। जबकि इससे पहले फ्यूल सरचार्ज करीब सवा रुपये लगता था। वहीं बिजली के रेट भी घटे है। उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक 2 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली दी जा रही है। जिससे उपभोक्ताओं को करीब साढ़े चार सौ रुपये की सब्सिडी मिल रही है।
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2600 गांव में 24 घंटे बिजली योजना पर चल रहा कार्य
सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत प्रदेश के करीब साढ़े चार हजार गांवों को शहरी तर्ज पर बिजली मुहैया कराई जा रही है। बाकी बचे करीब 2600 गांवों को भी 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। जबकि लाइन लॉस के मामले में भी हरियाणा अग्रणी है। क्योंकि देश के लाइन लॉस देखा जाए तो वह 18.6 प्रतिशत है, वहीं प्रदेश का लाइन लॉस साढ़े 17 प्रतिशत आ गया है।
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सीएमडी कपूर ने खतरनाक लाइनों की जानकारी मांगी तो एसई एसके जैन ने बताया कि जिला में करीब 62 खतरनाक लाइनें है जिनमें से करीब 40 लाइनों को बदला जा चुका है बाकी पर तेजी से काम चल रहा है। अन्य लाइनों की मरम्मत का कार्य भी किया जा रहा है। इसके अलावा झज्जर जिला में करीब साढे़ चार हजार ट्यूबवेल कनेक्शन के डिफाल्टर उपभोक्ता थे। जिनमें से 3 हजार से अधिक उपभोक्ता योजना का लाभ उठा चुके हैं। फिलहाल करीब 400 डिस कनेक्टेड व 1100 कनेक्टेड उपभोक्ता बाकी बचे हैं। इन उपभोक्ताओं को योजना में शामिल किए जाने का प्रयास है।
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फायदे में चल रहा है निगम
सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने बताया कि पिछले तीन साल में न तो फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है और न ही बिजली की यूनिट के रेट बढ़ाए हैं। इसके बावजूद पिछले दो साल से बिजली निगम घाटे की बजाए फायदे में चल रहे है। फ्यूल सरचार्ज पिछले तीन साल से 37 पैसे पर अटका हुआ है। जबकि इससे पहले फ्यूल सरचार्ज करीब सवा रुपये लगता था। वहीं बिजली के रेट भी घटे है। उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक 2 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली दी जा रही है। जिससे उपभोक्ताओं को करीब साढ़े चार सौ रुपये की सब्सिडी मिल रही है।
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2600 गांव में 24 घंटे बिजली योजना पर चल रहा कार्य
सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत प्रदेश के करीब साढ़े चार हजार गांवों को शहरी तर्ज पर बिजली मुहैया कराई जा रही है। बाकी बचे करीब 2600 गांवों को भी 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। जबकि लाइन लॉस के मामले में भी हरियाणा अग्रणी है। क्योंकि देश के लाइन लॉस देखा जाए तो वह 18.6 प्रतिशत है, वहीं प्रदेश का लाइन लॉस साढ़े 17 प्रतिशत आ गया है।