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घर का बिजली बिल आया 60 लाख 42645 रुपये, अंचभित रह गया मकान मालिक
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बिजली का बिल दिखाते हुए पीडित राजसिंह। संवाद
- फोटो : Jhjhar
झज्जर। गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी एंड बीआर यूनियन के जिला प्रधान को बिजली निगम की लापरवाही के चलते 2 महीने का बिजली बिल 60, 42, 645 रुपये थमा दिया गया है। बिल देखकर उपभोक्ता राज सिंह अचंभित और परेशान हो गया। बिजली निगम के भेजे गए बिल के चलते वह फिलहाल तक कार्यालय नहीं जा पाया है। जोंधी गांव निवासी राज सिंह पुत्र डीघराम लोक निर्माण विभाग में मेट के पद पर कार्यरत हैं।
राज सिंह ने बताया कि वह समय पर अपना बिजली का बिल भरता रहता है, लेकिन बिजली निगम ने उसे 5 अक्तूबर से 5 दिसंबर का 60 लाख 42 हजार 645 रुपये का बिल दे दिया है। पीड़ित राज सिंह का कहना है कि उसके घर में चार एलईडी बल्ब और फ्रिज हैं और कोई भी अन्य बिजली का उपकरण नहीं है। पीड़ित राज सिंह ने कहा कि ऐसे लापरवाह कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी उपभोक्ता को मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि वह शुक्रवार को इस बिल को लेकर बिजली निगम के अधिकारियों के पास जाएंगे। जबकि मौखिक रूप से बिजली निगम के संबंधित कर्मचारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा है कि यह बिल भरना पड़ेगा, जबकि उसके मीटर में रीडिंग भी सही हैं। अब उसे इस बात का पता नहीं है कि यह बिजली बिल इतना अधिक कैसे आया है।
बिजली का बिल लाखों रुपये में आया है तो यह क्लेरिकल मिस्टेक हो सकती है। इसकी जांच करवा कर बिल को ठीक करवाया जाएगा, ताकि उपभोक्ता को कोई परेशानी न हो।
- सुरेश कुमार, एसडीओ, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम, झज्जर।
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राज सिंह ने बताया कि वह समय पर अपना बिजली का बिल भरता रहता है, लेकिन बिजली निगम ने उसे 5 अक्तूबर से 5 दिसंबर का 60 लाख 42 हजार 645 रुपये का बिल दे दिया है। पीड़ित राज सिंह का कहना है कि उसके घर में चार एलईडी बल्ब और फ्रिज हैं और कोई भी अन्य बिजली का उपकरण नहीं है। पीड़ित राज सिंह ने कहा कि ऐसे लापरवाह कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी उपभोक्ता को मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि वह शुक्रवार को इस बिल को लेकर बिजली निगम के अधिकारियों के पास जाएंगे। जबकि मौखिक रूप से बिजली निगम के संबंधित कर्मचारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा है कि यह बिल भरना पड़ेगा, जबकि उसके मीटर में रीडिंग भी सही हैं। अब उसे इस बात का पता नहीं है कि यह बिजली बिल इतना अधिक कैसे आया है।
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बिजली का बिल लाखों रुपये में आया है तो यह क्लेरिकल मिस्टेक हो सकती है। इसकी जांच करवा कर बिल को ठीक करवाया जाएगा, ताकि उपभोक्ता को कोई परेशानी न हो।
- सुरेश कुमार, एसडीओ, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम, झज्जर।