{"_id":"5e4ae9c58ebc3ef2a660d4be","slug":"eight-families-of-houses-razed-in-joundhi-village-jhjhar-news-rtk542762325","type":"story","status":"publish","title_hn":"जौंधी गांव में आठ परिवारों के मकान ढहाये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जौंधी गांव में आठ परिवारों के मकान ढहाये
विज्ञापन
Eight families of houses razed in Joundhi village
- फोटो : Jhjhar
गांव जौंधी में पंचायती जमीन पर हुए कब्जे को प्रशासन ने पुलिस के पहरे में हटवा दिया। सोमवार को जैसे ही प्रशासन इन अवैध कब्जों को तुड़वाने के लिए गांव में पुलिस बल के साथ पहुंचा तो कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया। पंचायती जमीन पर लोग 40 वर्ष से मकान बनाकर रह रहे थे। हालांकि उन्होंने अधिकारियों के सामने उन्हें बेघर न करने की मिन्नतें भी की, लेकिन इन सबके बावजूद इन कब्जों को जेसीबी की मदद से हटा दिया गया। इस दौरान मामूली विरोध भी देखने को मिला। लेकिन मौके पर पुलिस बल के मौजूद होने की वजह से उनका विरोध ज्यादा देर तक नहीं टिक सका।
कोर्ट में चल रहा था मामला
गांव जौंधी में पंचायती जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जे कर रखे थे। कुछ ने यहां पर मकान भी बना लिए थे। इसे लेकर अदालत में मुकदमा भी चल रहा था। लेकिन फैसला उनके खिलाफ आने की वजह से सोमवार को प्रशासन ने पुलिस बल ले जाकर इन कब्जों को हटवा दिया। मामले को लेकर गत दिवस गांव में एक सामाजिक पंचायत भी हुई थी। पंचायत में फैसला लिया गया था कि फिलहाल इन कब्जों का न हटवा जाए। लेकिन चूंकि मामला अदालती आदेशों से संबंध रखता था। इसी के चलते प्रशासन ने इन कब्जों का हटवा कर पंचायती जमीन को खाली करा दिया। वहीं, जिन लोगों के मकान को प्रशासन ने तोड़ा, वह अब खुले आसमान के नीचे अपना सामान रखने को मजबूर है। इन का कहना था कि गांव में अनेक लोगों ने पंचायती जमीन पर कब्जा कर रखा है, लेकिन कब्जा हटाने के लिए उनके मकानों को ही क्यों निशाना बनाया गया यह समझ से परे है।
कोर्ट के आदेश पर पंचायती जमीन से कब्जा हटवाने की कार्रवाई हुई है। प्रशासन को गांव की आपसी मामले से कोई औचित्य नहीं है।
ईश्वर सिंह, नायब तहसीलदार, झज्जर।
विज्ञापन
कोर्ट में चल रहा था मामला
गांव जौंधी में पंचायती जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जे कर रखे थे। कुछ ने यहां पर मकान भी बना लिए थे। इसे लेकर अदालत में मुकदमा भी चल रहा था। लेकिन फैसला उनके खिलाफ आने की वजह से सोमवार को प्रशासन ने पुलिस बल ले जाकर इन कब्जों को हटवा दिया। मामले को लेकर गत दिवस गांव में एक सामाजिक पंचायत भी हुई थी। पंचायत में फैसला लिया गया था कि फिलहाल इन कब्जों का न हटवा जाए। लेकिन चूंकि मामला अदालती आदेशों से संबंध रखता था। इसी के चलते प्रशासन ने इन कब्जों का हटवा कर पंचायती जमीन को खाली करा दिया। वहीं, जिन लोगों के मकान को प्रशासन ने तोड़ा, वह अब खुले आसमान के नीचे अपना सामान रखने को मजबूर है। इन का कहना था कि गांव में अनेक लोगों ने पंचायती जमीन पर कब्जा कर रखा है, लेकिन कब्जा हटाने के लिए उनके मकानों को ही क्यों निशाना बनाया गया यह समझ से परे है।
विज्ञापन
कोर्ट के आदेश पर पंचायती जमीन से कब्जा हटवाने की कार्रवाई हुई है। प्रशासन को गांव की आपसी मामले से कोई औचित्य नहीं है।
ईश्वर सिंह, नायब तहसीलदार, झज्जर।