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डेंगू, चिकनगुनिया का खतरा, फॉगिंग भी ठीक से नहीं
ब्यूरो_अमर उजाला_झज्जर
Updated Fri, 16 Sep 2016 11:59 PM IST
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डेंगू, मच्छर
- फोटो : Demo Pic
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डेंगू और चिकनगुनिया के जो हालात दिल्ली में बने हैं, ठीक वैसे ही हालात बहादुरगढ़ शहर में भी बने हुए हैं। यहां के तमाम अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। इस समस्या से निपटने के लिए दिल्ली में तो जरूरी इंतजाम पूरे हैं, मगर बहादुरगढ़ में कुछ खास बंदोबस्त दिखाई नहीं पड़ते। यहां तो फॉगिंग कार्य भी ठीक से नहीं हो रहा। सरकारी अस्पताल प्रांगण में भी मच्छर पनपे हुए हैं।
नागरिक अस्पताल में भी मच्छर
इन दिनों शहर में डेंगू, चिकनगुनिया व वायरल का कहर बरपा हुआ है। शहर की हरेक कॉलोनी में लोग पीड़ित हैं और सरकारी हो या निजी, हरेक अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ी हुई है। इसके बावजूद बचाव कार्यों पर जोर नहीं दिया जा रहा। बचाव कार्य तो छोड़िए सरकारी अस्पताल के पास भी हालात सामान्य नहीं है। अस्पताल के बाहर और भीतर प्रांगण में पानी भरा हुआ है, जिनमें मच्छर पनपे हुए हैं। अस्पताल परिसर में भरे पानी के अंदर पनपे मच्छरों से लापरवाही का अंदाजा साफ लगाया जा सकता है। वायरल, चिकनगुनिया से ग्रस्त लोग यहां इलाज कराने आते हैं, मगर यहां भी मच्छरों के काटने का खतरा बना हुआ है। शुक्रवार को अस्पताल में आए अनिल ने बताया कि जब सरकारी अस्पताल प्रांगण में ही ये हालात हैं तो बाकी शहर के हालात तो रामभरोसे हैं।
इन कॉलोनियों में खतरा ज्यादा
शहर में फॉगिंग कार्य और दवा छिड़कने का काम सुचारु ढंग से नहीं चल रहा। एकाध कॉलोनियों को छोड़ दें तो कहीं भी फॉगिंग नहीं हुई और न ही नालों व जलभराव वाले स्थानों में दवाइयां छिड़की गई हैं। इससे वहां खतरा बना हुआ है। छोटूराम नगर, नई बस्ती, छिकारा कॉलोनी व नालों के साथ लगती कॉलोनियों में खतरा अधिक बना हुआ है। छिकारा कॉलोनी निवासी राज सिंह ने कहा कि उनकी कॉलोनी ड्रेन के साथ बसी है। मगर यहां न तो ड्रेन में दवा छिड़की गई है और न ही कॉलोनी में फॉगिंग हो रही है। लोग बीमारियों से जूझ रहे हैं।
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हेल्पलाइन नंबर हो जारी
नई बस्ती निवासी सूर्यकांत ने कहा कि दिल्ली सरकार ने फॉगिंग के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। चूंकि बहादुरगढ़ में भी दिल्ली की तरह हालात बने हैं तो यहां भी फॉगिंग और स्वास्थ्य सेवा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाने चाहिए। अब की बार खतरा अधिक बना हुआ है, लेकिन फॉगिंग बिलकुल नहीं हुई। हां, उनकी कॉलोनी में एक कर्मचारी जरूर आया था, मगर वह केवल कार्य की इतिश्री करके चल दिया। पूरी कालोनी में ढंग से फॉगिंग नहीं हुई।
घर-घर चले जांच अभियान
लोगों ने घर-घर जाकर जांच अभियान चलाने की मांग की है। हरीश ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रत्येक घर में जाकर जांच करे। यदि कहीं पानी भरा मिलता है तो चालान किया जाए। इसके अलावा ऐसी टीम गठित की जाए जो घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य की जांच करे।
मिलकर करने होंगे प्रयास
किला मोहल्ला निवासी नितिन ने कहा कि दिल्ली में तमाम राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थानों के लोग एकजुट होकर इस समस्या के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। बहादुरगढ़ में इस संबंध में कुछ खास कदम उठाए नहीं जा रहे।
अधिकारी बोले
उधर, नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक (सीएसआई) सुनील हुड्डा ने कहा कि फॉगिंग का कार्य सही गति से चल रहा है। अब तक 18 वार्डों को कवर किया जा चुका है, शीघ्र ही शेष वार्डों में भी फॉगिंग हो जाएगी। यदि फॉगिंग में कहीं लापरवाही हो रही है तो जनता अपने वार्ड के प्रमुख (एमसी) या फिर नगर परिषद में आकर उनसे संपर्क करें।
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नागरिक अस्पताल में भी मच्छर
इन दिनों शहर में डेंगू, चिकनगुनिया व वायरल का कहर बरपा हुआ है। शहर की हरेक कॉलोनी में लोग पीड़ित हैं और सरकारी हो या निजी, हरेक अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ी हुई है। इसके बावजूद बचाव कार्यों पर जोर नहीं दिया जा रहा। बचाव कार्य तो छोड़िए सरकारी अस्पताल के पास भी हालात सामान्य नहीं है। अस्पताल के बाहर और भीतर प्रांगण में पानी भरा हुआ है, जिनमें मच्छर पनपे हुए हैं। अस्पताल परिसर में भरे पानी के अंदर पनपे मच्छरों से लापरवाही का अंदाजा साफ लगाया जा सकता है। वायरल, चिकनगुनिया से ग्रस्त लोग यहां इलाज कराने आते हैं, मगर यहां भी मच्छरों के काटने का खतरा बना हुआ है। शुक्रवार को अस्पताल में आए अनिल ने बताया कि जब सरकारी अस्पताल प्रांगण में ही ये हालात हैं तो बाकी शहर के हालात तो रामभरोसे हैं।
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इन कॉलोनियों में खतरा ज्यादा
शहर में फॉगिंग कार्य और दवा छिड़कने का काम सुचारु ढंग से नहीं चल रहा। एकाध कॉलोनियों को छोड़ दें तो कहीं भी फॉगिंग नहीं हुई और न ही नालों व जलभराव वाले स्थानों में दवाइयां छिड़की गई हैं। इससे वहां खतरा बना हुआ है। छोटूराम नगर, नई बस्ती, छिकारा कॉलोनी व नालों के साथ लगती कॉलोनियों में खतरा अधिक बना हुआ है। छिकारा कॉलोनी निवासी राज सिंह ने कहा कि उनकी कॉलोनी ड्रेन के साथ बसी है। मगर यहां न तो ड्रेन में दवा छिड़की गई है और न ही कॉलोनी में फॉगिंग हो रही है। लोग बीमारियों से जूझ रहे हैं।
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हेल्पलाइन नंबर हो जारी
नई बस्ती निवासी सूर्यकांत ने कहा कि दिल्ली सरकार ने फॉगिंग के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। चूंकि बहादुरगढ़ में भी दिल्ली की तरह हालात बने हैं तो यहां भी फॉगिंग और स्वास्थ्य सेवा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाने चाहिए। अब की बार खतरा अधिक बना हुआ है, लेकिन फॉगिंग बिलकुल नहीं हुई। हां, उनकी कॉलोनी में एक कर्मचारी जरूर आया था, मगर वह केवल कार्य की इतिश्री करके चल दिया। पूरी कालोनी में ढंग से फॉगिंग नहीं हुई।
घर-घर चले जांच अभियान
लोगों ने घर-घर जाकर जांच अभियान चलाने की मांग की है। हरीश ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रत्येक घर में जाकर जांच करे। यदि कहीं पानी भरा मिलता है तो चालान किया जाए। इसके अलावा ऐसी टीम गठित की जाए जो घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य की जांच करे।
मिलकर करने होंगे प्रयास
किला मोहल्ला निवासी नितिन ने कहा कि दिल्ली में तमाम राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थानों के लोग एकजुट होकर इस समस्या के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। बहादुरगढ़ में इस संबंध में कुछ खास कदम उठाए नहीं जा रहे।
अधिकारी बोले
उधर, नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक (सीएसआई) सुनील हुड्डा ने कहा कि फॉगिंग का कार्य सही गति से चल रहा है। अब तक 18 वार्डों को कवर किया जा चुका है, शीघ्र ही शेष वार्डों में भी फॉगिंग हो जाएगी। यदि फॉगिंग में कहीं लापरवाही हो रही है तो जनता अपने वार्ड के प्रमुख (एमसी) या फिर नगर परिषद में आकर उनसे संपर्क करें।