{"_id":"601f7a2407a7166d1051acc3","slug":"kisan-andolan-two-farmers-died-at-tikri-border","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं थम रहा आंदोलन में किसानों की मौत का सिलसिला, टीकरी बॉर्डर पर दो और की जान गई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
नहीं थम रहा आंदोलन में किसानों की मौत का सिलसिला, टीकरी बॉर्डर पर दो और की जान गई
Sun, 07 Feb 2021 10:57 AM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 07 Feb 2021 10:57 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टीकरी बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर दो किसानों की मौत हो गई। पंजाब के रहने वाले एक किसान की मौत नया गांव चौक के नजदीक बस की चपेट में आने से हुई तो वहीं जींद जिले के रहने वाले एक किसान के हृदयाघात से मौत होने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए हैं।
विज्ञापन
पंजाब के मानसा जिले के गांव बाघड़ा के रहने वाले किसान बबली सिंह टीकरी बार्डर पर चल रहे आंदोलन में शामिल थे। वह बहादुरगढ़ बाईपास पर नयागांव चौक के नजदीक किसानों के जत्थे में ठहरे थे। दो फरवरी को आंदोलन में हिस्सा लेने बहादुरगढ़ आए थे। शुक्रवार की दोपहर बाद बबली अपने साथी किसान मेजर सिंह के साथ लंगर का सामान लेने जा रहे थे। जब वे नयागांव चौक के पास सड़क पार कर रहे थे तो इसी दौरान बादली की तरफ से आ रही बस की चपेट में आ गए।
विज्ञापन
घटना में वह गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें इलाज के लिए बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जींद के गांव मोहनगढ़ के किसान रणधीर सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। बताया गया है कि रणधीर सिंह तीन सप्ताह से टीकरी बार्डर पर लगभग हर रोज किसानों की सभा में भाग लेते थे। रणधीर सिंह की मौत की असल वजह का अभी पता नहीं लग पाया है। हृदयाघात होने का अनुमान लगाया है।
विज्ञापन