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साथी छात्रों को ब्लैकमेल करऐंठे पौने दो लाख रुपये

अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़ Updated Sun, 24 Jul 2016 01:31 AM IST
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school - फोटो : Bureau
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 बच्चों में टीवी का असर किस कदर बढ़ रहा है इसका अंदाजा झज्जर के एक स्कूल में छात्रों के बीच हुई आपसी ब्लैकमेलिंग की घटना से लगाया जा सकता है। यहां पीड़ित छात्रों को प्रताड़ित करके ब्लैकमेलिंग के साथ-साथ किसी को इस बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई, जबकि स्कूल स्टाफ अपने आप को मामले से ही अनभिज्ञ बताता रहा। पीड़ित बच्चों का कहना है कि उन्होंने इस बारे में क्लास इंचार्ज को भी सूचित कराया था। स्कूल प्राचार्य का कहना था कि उन्हें इस मामले की कोई भी जानकारी नहीं थी। मामले का खुलासा होने के बाद पीड़ित के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
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जानकारी अनुसार शहर के ही सुभाष नगर में रहने वाले कृष्ण व बाली ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि उनके बच्चे कक्षा 6 में साहिल व लक्ष्य 7वीं में पढ़ता है। अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि इन दोनों ही बच्चों को 8 माह से स्कूल की 8वीं व 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले तीन बच्चे मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। इनके साथ एक अन्य स्कूल के तीन बच्चे भी शामिल हैं। उक्त बच्चे पीड़ितों को स्कूल के बाथरूम में ले जाते और वहां उन्हें टॉर्चर कर उन पर अपने घरों से पैसे लाकर उन्हें देने का दबाव बनाते। आरोप यह भी है कि स्थानीय खेल स्टेडियम में भी उक्त बच्चे परेशान कर उन पर दबाव बनाते थे। परिणाम यह रहा कि लक्ष्य व साहिल मानसिक रूप से इतने दबाव में आ गए कि उन्होंने अपने घरों से चोरी कर इन्हें पैसे लाकर देना शुरू कर दिया। अभिभावकों की माने तो लक्ष्य ने अपने घर से चोरी कर 80 हजार रुपये व साहिल ने एक लाख रुपये चोरी कर प्रताड़ित करने वाले बच्चों को लाकर दिए।
चोरी की घटनाओं को लेकर गंभीर थे परिजन
पीड़ित बच्चों के परिजनों के अनुसार अकसर उनके घर में रुपये गायब पाए जाते थे, लेकिन पैसे चोरी कर कौन रहा है इस बात का काफी प्रयास करने के बाद भी उन्हें पता नहीं लग पाया। तीन-चार दिन पूर्व लक्ष्य के ही पड़ोस में रहने वाले उसके क्लासमेट ने यह सारी बात अपने पिता को बताई। पड़ोसी बच्चे के पिता से ही पता चला कि उनके बच्चों पर दबाव बनाकर किस तरह से पैसे चोरी कर मंगवाए जाते हैं। पीड़ितों के अभिभावकों का यह भी कहना है कि उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप के लिए स्कूल संचालक व प्राचार्य से भी बातचीत की थी, लेकिन उन्होंने मामला बाहरी होने के चलते कोई भी कार्रवाई करने से साफ इन्कार कर दिया।

पैसे एंठने के अलावा शारीरिक सजा भी देते थे
इस बारे में जानकारी देते हुए पीड़ित बच्चों के पिता कृ ष्ण कुमार जोकि एक सरकारी स्कूल में बतौर डीपी अध्यापक कार्यरत हैं व बाली ने बताया कि चोरी की घटनाओं को लेकर अकसर उनके परिवार में झगड़ा भी होता रहा। कभी 10 हजार कभी 30 हजार रुपये घर से गायब मिलते। इतनी बड़ी राशी के गायब होने पर बच्चों पर भी शक नहीं जाता था। जिसके कारण परिवार में आपस में ही तनातनी का माहौल बना रहता है। मामले का खुलासा होने के बाद पता चला कि उक्त बच्चे स्टेडियम में पीड़ित बच्चों की कमर में आलपिन चुभोकर उन्हें प्रताड़ित करते थे और कहते थे कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो अंजाम बहुत ही खतरनाक होगा।
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मामले की सूचना मिलने पर स्कूल मैनेजमेंट व स्वयं उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जानकारी मिलने के बाद दोनों पक्षों के बच्चों व उनके परिजनों को बुलाकर इस मामले में पूछताछ की थी। मामला लेकिन जो कुछ भी लक्ष्य व साहिल के साथ जो हुआ है उसके लिए स्कूल की तरफ से जांच की जा रही है।
-अमिल रोनाल्ड, प्राचार्य झज्जर।
वर्जन
पीड़ित पक्ष द्वारा शिकायत मिलने के बाद दूसरे पक्ष को भी बुलाया गया है। दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है। मामले की गहनता से जांच करने की कोशिश जारी है।
-नरेश कुमार, जांच अधिकारी।
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