{"_id":"94797338d299528a0424659c6b51ce24","slug":"greedy-swindled-five-doctors-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लालच में आकर पांच डॉक्टर हुए ठगी के शिकार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लालच में आकर पांच डॉक्टर हुए ठगी के शिकार
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़
Updated Thu, 05 Nov 2015 01:00 AM IST
विज्ञापन
एक ठग ने खुद को अंधविश्वास से दूूर बताने वाले डॉक्टरों को भावनाओं कोजाल में उलझाकर उनकी जेब ढीली कर डाली। ऐसा के वल एक नहीं पांच डॉक्टरों के साथ हुआ है।
विज्ञापन
ठग ने डॉक्टरों को अपनी बातों में इस कदर उलझाया कि वे उसके जाल में उलझते ही चले गए। बड़े ही शातिराना अंदाज में ठग ने मंगलवार के दिन ही सभी डॉक्टरों को चूना लगा गया। डॉक्टरों के अनुसार पुराना नजफगढ़ रोड स्थित पुनहानी क्लीनिक के संचालक डॉ. प्रेम पनहानी इस ठग का पहला शिकार बने।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे सफेद रंग की आल्टो कार में सफेद धोती कुर्ता पहने एक शख्स उनके पास आया। उसने खुद को पूर्व ब्लाक अध्यक्ष कुलदीप बताया। इसके बाद शुरू उसने अपने मीठी बातों का जाल फेंकना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
डॉ. पनहानी ने बताया कथित कुलदीप ने कहा कि उसके घर में 20 साल के बाद बेटा पैदा हुआ है। इस खुशी में उसने प्रसाद के रूप में डॉ. पुनहानी को एक कैलेंडर, एक चांदी का सिक्का और एक सोने का टीका भेंट किया।
इसके बाद डॉक्टर से कहा कि वह 20 दानी सज्जनों से धनराशि इक्ट्ठा कर रहा है। जब उसे पर्याप्त धनराशि मिल जाएगी तो वह बेटे के लिए भंडारा करेगा, इसलिए आप अपनी मर्जी से दान दें। डॉक्टर पुन्हानी ने बताया कि उन्होंने श्रद्धा से कुछ नकद राशि इस व्यक्ति को भेंट कर दी।
कई डॉक्टरों दिए नकद राशि
ठग यहीं नहीं रुका इसके बाद वह ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल के निदेशक डॉ. मनीष शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश नारंग, रेलवे रोड पर डॉ. पवन गुप्ता व डॉ. विजय अरोड़ा से मिला और यही सारी बातें दोहराई।
किसी ने 500 रुपये दिए तो किसी ने 11 सौ रुपये दिए। अनुमान ये भी लगाया जा रहा है कि ठग के जाल में आए डॉक्टरों ने असली सोने-चांदी के सिक्के मानकर उसको हजारों रुपये भेंट किए होंगे। ठग कमोबेश हर डॉक्टर की भावनाओं को कैश करने में सफल रहा।
यूं हुआ ठगी का खुलासा
डॉक्टरों को ठगी का पता तब चला जब डॉ. प्रेम पुनहानी की पत्नी डॉ. सरोज पुनहानी ने कथित चांदी के सिक्के और सोने के टीका सुनार को दिखाया।
सुनार ने बताया कि ये दोनों चीजें नकली हैं और कौड़ियों के भाव की हैं। इस पर उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए डॉक्टरों के ग्रुप में अपने साथ हुए धोखे के बारे में बताया। इस पर एक के बाद एक कई डॉक्टर सामने आए। पता चला कि सबको एक ही तरीके से चूना लगा गया।
कुछ रोज पहले अपनी समझदारी की वजह से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र सांगवान ठगी के शिकार होने से बच गए। असल में उनके पास एक व्यक्ति आया और खुद को सिरसा का नामी चिकित्सक बताते हुए कहा कि उनके रिश्तेदार का रास्ते में एक्सीडेंट हो गया और किसी ने उनके पैसे भी छीन लिए।
इसलिए पैसों की जरूरत बताते हुए उसने डॉ. सांगवान से आर्थिक मदद मांगी। डॉ. सांगवान ने बताया कि उन्होंने इस बारे में पता किया तो उस नाम का कोई डॉक्टर नहीं मिला। इसलिए उन्होंने पुलिस बुलाने की धमकी दी तो वह व्यक्ति खिसक गया। बाद में उन्होंने पुलिस को भी मामले की शिकायत की।