फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Gang arrested, BJP leader lured for compaigning

भाजपा नेताओं से चुनाव में ठगी करने वाला गिरोह काबू

Tue, 17 Nov 2015 01:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर Updated Tue, 17 Nov 2015 01:30 AM IST
विज्ञापन
Gang arrested, BJP leader lured for compaigning

विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक दरियाव सिंह राजौरा से चंदे के नाम पर 60 हजार रुपये की ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है।

विज्ञापन


अपराध जांच शाखा बहादुरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक सुमित कुमार की टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को काबू किया है। पुलिस के हत्थे चढ़े ठग राज गुप्ता, गांव भंगेड़ी, जिला रूड़की, नौशाद उर्फ  बबलू निवासी गांव खंजरपुर जिला रूड़की और धर्मेन्द्र निवासी गांव चैलुसैन जिला पौड़ी घड़वाल, उतराखंड को मंगलवार को अदालत में पेश पुलिस रिमांड पर लेगी।
विज्ञापन

एसपी सुमित कुमार ने सोमवार को पत्रकारवार्ता में हाई प्रोफाइल लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों की गिरफ्तारी की सूचना दी। बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पूर्व विधायक दरियाव सिंह से ठगी करने वाले शहर में आए हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गिरफ्तार सदस्यों में से एक धर्मेंद्र ने पूर्व विधायक से धोखे से अपने खाते में पैसे डलवाए थे। पुलिस ने गुप्त सूचना के बाद शहर में नाकेबंदी कर तीनों शातिर ठगों को दबोच लिया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। ठगी के कई बड़े मामलों से पर्दा उठने की उम्मीद भी एसपी ने जताई है।

चुनाव प्रचार के नाम पर ठगे गए थे पूर्व विधायक
दो बार के विधायक रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता दरियाव सिंह अक्तूबर 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में झज्जर से भाजपा के प्रत्याशी थे। सितंबर महीने के दौरान एक व्यक्ति ने उनको फोन कर चुनाव प्रचार के नाम पर एक लाख रुपये मांगे। उन्होंने भाजपा में आए ज्यादा दिन नहीं हुए थे, वह फोन करने वाले के झांसे में आ गया ओर 60 हजार रुपये उसके खाते में जमा करवा दिए। पूर्व विधायक को इस दौरान ठग ने मोटा चंदा दिलाने का आश्वासन भी दिया था। बाद में जब विधायक को अपने साथ हुई ठगी का पता चला तो मामले की शिकायत पुलिस को दी।

यूपी से बिहार तक दौड़ी पुलिस, नहीं मिल रहा था धर्मेंद्र का सुराग
पुलिस ने पूर्व विधायक की शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन की तो पता चला कि जिस फोन नंबर से बात हुई थी, वह धर्मेंद्र निवासी नंदा कॉलोनी गाजियाबाद का है।

उसने ही फोन करके आईसीआईसीआई के अपने जसौला (दिल्ली) के खाते में पैसे जमा कराने को कहा था। जांच में पता लगा है कि खाता फर्जी वोटर कार्ड तथा पैन नंबर पर खुला। यह खाता फैशन बसंत कुंज के नाम पर है। खाते में उस वक्त दो लाख रुपये थे। धमेंद्र का पता नहीं लगा। उस के सारे पते फर्जी निकले। आईसीआईसीआई बैंक के उसके खाते को वहां के क्लर्क सवान मियां ने वेरिफाई किया था।

 लेकिन जब टैक्स पेपर देखे गए तो उसमें नाम धर्मेंद्र न होकर सिकंदर पासवान पुत्र अनिल पासवान था। उसका स्थायी पता गांव मस्तान मनिहारी कटिहार बिहार में है।

जिन नंबरों से ठग बात कर रहा था उसकी आईडी भी बिहार की मिली। पुलिस दूसरी बार बिहार गई तो वहां से पता लगा कि सिकंदर मर चुका है। उसकी मौत दिल्ली में होने की बात कही गई। पुलिस ने उसका फोटो लेकर तमाम मुर्दाघर खंगाल डाले पर न तो वह जिंदा निकला और न ही मरा हुआ। अब शातिर बदमाश धर्मेंद्र पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।

डिप्टी स्पीकर संतोष यादव से भी हुई थी ठगी
चुनाव के दौरान चंदे व उनके पक्ष में चुनावी माहौल बनाने का झांसा देकर ठगी का शिकार बनने वालों में केवल पूर्व विधायक दरियाव सिंह का ही नाम नहीं है, बल्कि तब अटेली से भाजपा प्रत्याशी और अब विधानसभा में डिप्टी स्पीकर संतोष यादव भी इस गिरोह की ठगी की शिकार हुई थी।


 हालंाकि उन्होंने तब पुलिस को शिकायत नहीं दी थी, लेकिन एक लाख रुपये धर्मेंद्र के खाते में जमा कराने की पुष्टि जरूर की थी। सूत्रों का कहना है कि और भी कई भाजपा नेता इस गिरोह की ठगी के शिकार हुए थे। लेकिन वे मौन रहे। अब इन ठगों के पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद पुलिस को उम्मीद है कि सारी वारदातों से जल्द पर्दा उठ जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed