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Haryana: परिवार पहचान पत्र की गलतियां बनी सिरदर्द, 15 साल के किशोर की आय ढाई लाख रुपये दिखाई
Fri, 14 Apr 2023 04:39 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Fri, 14 Apr 2023 04:39 PM IST
सार
बहादुरगढ की काठ मंडी में स्थित आरा मशीन वाली गली में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां पर रहने वाले राकेश कुमार ने बताया कि उसका बेटा तुषार दसवीं कक्षा में पढ़ता है और 15 साल का है। तुषार की जन्म तिथि 3 जून 007 है। उसके बेटे की परिवार पहचान पत्र (8एलएआई9113) में आय ढाई लाख रुपये दिखाई गई है।
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परिवार पहचान पत्र की गलतियां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा में परिवार पहचान पपत्र (पीपीपी) लोगों के जी का जंजाल बन गया है। गलत आय दर्ज होने के कारण बहुत से परिवार जहां सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं, वहीं कई और परेशानी भी इनमें गलत एंट्री से खड़ी हो गई हंै। प्रशासन के दरवाजे पर शिकायतों के ढेर लगे हैं। आरोप है कि कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
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पिता की आय है 75 हजार से एक लाख रुपये
बहादुरगढ की काठ मंडी में स्थित आरा मशीन वाली गली में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां पर रहने वाले राकेश कुमार ने बताया कि उसका बेटा तुषार दसवीं कक्षा में पढ़ता है और 15 साल का है। तुषार की जन्म तिथि 3 जून 007 है। उसके बेटे की परिवार पहचान पत्र (8एलएआई9113) में आय ढाई लाख रुपये दिखाई गई है। जबकि वह स्कूल में पढ़ता है।
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वार्षिक इनकम हटवाने के लिए काटने पड़ रहे है चक्कर
कई दिनों से वह परिवार पहचान पत्र सही करवाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। कई बार सीएससी सेंटर पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने बताया कि उसके परिवार पहचान पत्र में उसके 15 वर्षीय बेटे तुषार की इनकम 2 लाख 50 हजार रुपये दर्शाई गई है। जो पूर्णतया गलत है। माता सुमन गृहिणी हैं। राकेश ने बताया कि उनकी स्वयं आय 75 हजार से एक लाख रुपये सालाना है। इसी से परिवार का गुजर-बसर चलता है।
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नहीं हो रहा समस्या का समाधान
बेटे तुषार की वार्षिक इनकम हटवाने के लिए सीएससी सेंटरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिल पा रही है। परिवार में एक बेटी स्नेहा भी है। परिवार पहचान पत्र में हुई गलती का शिकार केवल राकेश कुमार ही नहीं हुआ है। शहर में भारी संख्या में लोगों के पीपीपी में भरपूर गलतियां हैं। इन्हें ठीक करवाने में अभिभावकों के पसीने छूट रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों व सरकार से आह्वान किया है कि जिन भी लोगों की परिवार पहचान में त्रुटियां हुई हैं, उन्हें जल्द से जल्द ठीक किया जाना चाहिए। ताकि भविष्य में उन्हें किसी अन्य तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।