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डेरा चेयरपर्सन ने एसआईटी को सौंपे लीज के कागजात
Updated Sun, 22 Oct 2017 11:47 PM IST
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डेरा चेयरपर्सन ने एसआईटी को सौंपे लीज के कागजात
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
व्यवसाय में हिस्सेदारी का आश्वासन देकर गांव बलकरा निवासी डेरा समर्थक सोमबीर से 3.20 करोड़ हड़पने के मामले में चरखी दादरी एसआईटी जांच के लिए सिरसा पहुंची। टीम ने डेरा प्रमुख के करीबी एवं डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपासना से इस मामले में पूछताछ की। पुलिस को विपासना ने एआरजेड यूनिक इंटरप्राइजेज को लीज पर दी गई डेरा की जमीन संबंधी दस्तावेज भी सौंपे। वहीं, मृतक डेरा अनुयायी सोमबीर का बेटा प्रदीप पहले ही पुलिस को बैंक ट्रांजेक्शन की डिटेल सौंप चुका है। सोमबीर और प्रदीप ने करीब 3.20 करोड़ रुपये कंपनी के खाते में चेक से जमा करवाए हैं। सिरसा से लौटे एसआईटी सदस्य एवं सदर थाना प्रभारी रघुवीर सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि डेरा अनुयायी ने यह राशि डेरा सच्चा सौदा को न देकर कंपनी के खाते में डाली है। उन्होंने बताया कि एआरजेड नामक कंपनी के मालिकों तक पहुंचने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। इसमें कुछ अन्य आवश्यक जानकारी भी पुलिस के हाथ लगी है। उन्होंने बताया कि कंपनी मालिकों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही इस संबंध में जांच आगे बढ़ पाएगी।
गौरतलब है कि आठ सितंबर को चरखी दादरी के गांव बलकरा निवासी डेरा अनुयायी का शव गांव के कुएं से बरामद हुआ था। मृतक के परिजनों ने डेरा प्रमुख और कमेटी पर आत्महत्या के लिए मजबूूर करने, जमीन बिकवाकर उनकी करोड़ों की संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने मृतक अनुयायी के साले के बयान पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला भी दर्ज किया था। एसपी सुनील दलाल ने मामले की गंभीरता और परिजनों के आरोपों के मद्देनजर एक तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। कुछ दिन पहले ही यह एसआईटी जांच करने सिरसा पहुंची। सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रघुवीर सिंह ने बताया कि मृतक सोमबीर के बेटे प्रदीप ने जो बैंक स्टेटमेंट पुलिस को सौंपे उसके मुताबिक करीब दो करोड़ रुपये की राशि प्रदीप के खाते से और 1.10 करोड़ की राशि डेरा अनुयायी सोमबीर के खाते से चेक के माध्यम से अदा की गई है। डेरा चेयरपर्सन विपासना ने बताया कि एआरजेड यूनिक इंटरप्राइजेज नामक कंपनी को डेरे ने 30 साल के लिए जमीन लीज पर दी है। यह कांट्रेक्ट 2033 में पूरा होना है। एसआईटी को इस लीज में शामिल कुछेक अन्य डेरा सेवादारों के नाम भी पता चले हैं। इनका डाटा जुटाने में पुलिस जुटी हुई है। इंस्पेक्टर रघुवीर सिंह ने बताया कि विपासना से डेरा अनुयायी सोमबीर के मामले में पुलिस ने पूछताछ भी की। पूछताछ में चेयरपर्सन विपासना ने बताया कि सोमबीर ने अपने पैसे शेयर के तौर पर लगाए थे। कंपनी ने डेरे से जमीन लीज पर ली थी। इसके बाद पुलिस टीम उक्त कंपनी के ऑफिस भी पहुंची लेकिन यह बंद मिला। रघुवीर सिंह ने बताया कि सोमबीर और प्रदीप ने यह रकम 2014 में अदा की थी। वार्षिक बचत में से कुछ प्रतिशत देने पर समझौता हुआ था।
मृतक अनुयायी के परिवार की सुरक्षा में अब भी तैनात गनमैन
भले ही डेरा प्रमुख राम रहीम का मसला अब ठंडा पड़ गया हो लेकिन इसके बावजूद जिला पुलिस चौकसी में कोई समझौता नहीं कर रहा। मृतक अनुयायी सोमबीर के परिजनों की मांग पर एसपी सुनील दलाल ने गनमैन घर पर तैनात कर रखे हैं। हालांकि परिजनों ने एक बार भिवानी के समीप अज्ञात बाइक सवारों पर हमला करने का आरोप लगाया है। मृतक अनुयायी सोमबीर के बेटे प्रदीप ने बताया कि उन्होंने भिवानी सदर थाना और बवानीखेड़ा थाना में इस हमले की लिखित शिकायत भी दी थी। इससे पहले मृतक अनुयायी के परिजनों ने पुलिस के सामने जान का खतरा होने की आशंका भी जताई थी।
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कंपनी मालिकों की पुष्टि होने से खुलेंगे कई राज
चरखी दादरी एसआईटी डेरा चेयरपर्सन विपासना से पूछताछ के बाद अब एआरजेड यूनिक इंटरप्राइजेज नामक कंपनी का रिकॉर्ड खंगालने में जुट गई है। एसआईटीम अब कंपनी मालिकों के नाम मालूम करने का प्रयास कर रही है। नामों की पुष्टि होने के बाद पुलिस इन मालिकों से पूछताछ करेगी। इस पूछताछ में भी स्पष्ट हो पाएगा कि झांसा देकर करोड़ों की राशि हड़पने में कौन-कौन संलिप्त है और इसमें डेरा की क्या भूमिका रही है।
वर्जन::
हम मामले की जांच के लिए सिरसा गए थे। हमने डेरा चेयरपर्सन विपासना से भी पूछताछ की। विपासना ने एआरजेड यूनिक इंटरप्राइजेज नामक कंपनी को लीज पर दी गई जमीन के कागजात भी सौंपे हैं। फिलहाल कंपनी के मालिकों की जानकारी जुटाने का प्रयास हम कर रहे हैं। इसके बाद ही जांच आगे बढ़ पाएगी। - इंस्पेक्टर रघुवीर सिंह, चरखी दादरी सदर थाना प्रभारी
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
व्यवसाय में हिस्सेदारी का आश्वासन देकर गांव बलकरा निवासी डेरा समर्थक सोमबीर से 3.20 करोड़ हड़पने के मामले में चरखी दादरी एसआईटी जांच के लिए सिरसा पहुंची। टीम ने डेरा प्रमुख के करीबी एवं डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपासना से इस मामले में पूछताछ की। पुलिस को विपासना ने एआरजेड यूनिक इंटरप्राइजेज को लीज पर दी गई डेरा की जमीन संबंधी दस्तावेज भी सौंपे। वहीं, मृतक डेरा अनुयायी सोमबीर का बेटा प्रदीप पहले ही पुलिस को बैंक ट्रांजेक्शन की डिटेल सौंप चुका है। सोमबीर और प्रदीप ने करीब 3.20 करोड़ रुपये कंपनी के खाते में चेक से जमा करवाए हैं। सिरसा से लौटे एसआईटी सदस्य एवं सदर थाना प्रभारी रघुवीर सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि डेरा अनुयायी ने यह राशि डेरा सच्चा सौदा को न देकर कंपनी के खाते में डाली है। उन्होंने बताया कि एआरजेड नामक कंपनी के मालिकों तक पहुंचने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। इसमें कुछ अन्य आवश्यक जानकारी भी पुलिस के हाथ लगी है। उन्होंने बताया कि कंपनी मालिकों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही इस संबंध में जांच आगे बढ़ पाएगी।
गौरतलब है कि आठ सितंबर को चरखी दादरी के गांव बलकरा निवासी डेरा अनुयायी का शव गांव के कुएं से बरामद हुआ था। मृतक के परिजनों ने डेरा प्रमुख और कमेटी पर आत्महत्या के लिए मजबूूर करने, जमीन बिकवाकर उनकी करोड़ों की संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने मृतक अनुयायी के साले के बयान पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला भी दर्ज किया था। एसपी सुनील दलाल ने मामले की गंभीरता और परिजनों के आरोपों के मद्देनजर एक तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। कुछ दिन पहले ही यह एसआईटी जांच करने सिरसा पहुंची। सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रघुवीर सिंह ने बताया कि मृतक सोमबीर के बेटे प्रदीप ने जो बैंक स्टेटमेंट पुलिस को सौंपे उसके मुताबिक करीब दो करोड़ रुपये की राशि प्रदीप के खाते से और 1.10 करोड़ की राशि डेरा अनुयायी सोमबीर के खाते से चेक के माध्यम से अदा की गई है। डेरा चेयरपर्सन विपासना ने बताया कि एआरजेड यूनिक इंटरप्राइजेज नामक कंपनी को डेरे ने 30 साल के लिए जमीन लीज पर दी है। यह कांट्रेक्ट 2033 में पूरा होना है। एसआईटी को इस लीज में शामिल कुछेक अन्य डेरा सेवादारों के नाम भी पता चले हैं। इनका डाटा जुटाने में पुलिस जुटी हुई है। इंस्पेक्टर रघुवीर सिंह ने बताया कि विपासना से डेरा अनुयायी सोमबीर के मामले में पुलिस ने पूछताछ भी की। पूछताछ में चेयरपर्सन विपासना ने बताया कि सोमबीर ने अपने पैसे शेयर के तौर पर लगाए थे। कंपनी ने डेरे से जमीन लीज पर ली थी। इसके बाद पुलिस टीम उक्त कंपनी के ऑफिस भी पहुंची लेकिन यह बंद मिला। रघुवीर सिंह ने बताया कि सोमबीर और प्रदीप ने यह रकम 2014 में अदा की थी। वार्षिक बचत में से कुछ प्रतिशत देने पर समझौता हुआ था।
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मृतक अनुयायी के परिवार की सुरक्षा में अब भी तैनात गनमैन
भले ही डेरा प्रमुख राम रहीम का मसला अब ठंडा पड़ गया हो लेकिन इसके बावजूद जिला पुलिस चौकसी में कोई समझौता नहीं कर रहा। मृतक अनुयायी सोमबीर के परिजनों की मांग पर एसपी सुनील दलाल ने गनमैन घर पर तैनात कर रखे हैं। हालांकि परिजनों ने एक बार भिवानी के समीप अज्ञात बाइक सवारों पर हमला करने का आरोप लगाया है। मृतक अनुयायी सोमबीर के बेटे प्रदीप ने बताया कि उन्होंने भिवानी सदर थाना और बवानीखेड़ा थाना में इस हमले की लिखित शिकायत भी दी थी। इससे पहले मृतक अनुयायी के परिजनों ने पुलिस के सामने जान का खतरा होने की आशंका भी जताई थी।
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कंपनी मालिकों की पुष्टि होने से खुलेंगे कई राज
चरखी दादरी एसआईटी डेरा चेयरपर्सन विपासना से पूछताछ के बाद अब एआरजेड यूनिक इंटरप्राइजेज नामक कंपनी का रिकॉर्ड खंगालने में जुट गई है। एसआईटीम अब कंपनी मालिकों के नाम मालूम करने का प्रयास कर रही है। नामों की पुष्टि होने के बाद पुलिस इन मालिकों से पूछताछ करेगी। इस पूछताछ में भी स्पष्ट हो पाएगा कि झांसा देकर करोड़ों की राशि हड़पने में कौन-कौन संलिप्त है और इसमें डेरा की क्या भूमिका रही है।
वर्जन::
हम मामले की जांच के लिए सिरसा गए थे। हमने डेरा चेयरपर्सन विपासना से भी पूछताछ की। विपासना ने एआरजेड यूनिक इंटरप्राइजेज नामक कंपनी को लीज पर दी गई जमीन के कागजात भी सौंपे हैं। फिलहाल कंपनी के मालिकों की जानकारी जुटाने का प्रयास हम कर रहे हैं। इसके बाद ही जांच आगे बढ़ पाएगी। - इंस्पेक्टर रघुवीर सिंह, चरखी दादरी सदर थाना प्रभारी