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बहादुरगढ़ में मिले स्वाइन फ्लू के दो केस, स्वास्थ्य विभाग सतर्क
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। सर्दी के इस मौसम में स्वाइन फ्लू का खतरा लगातार मंडरा रहा है। दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में कई संभावित केसों की जांच विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा की जा चुकी है। ऐसे में स्वाइन फ्लू के दो केस पॉजिटिव मिले हैं। फिलहाल मरीजों की स्थिति ठीक है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी इस बीमारी से बचाव को लेकर लोगों से विशेष ध्यान रखने के लिए आह्वान किया है। स्वास्थ्य विभाग भी इसके लिए पूरी तरह सतर्क है। नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। ऐसे में उन्हें प्राइवेट अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुछ केस संभावित मिले हैं तो कुछ पॉजिटिव। बहादुरगढ़ की धर्मपुरा कॉलोनी में भी स्वाइन फ्लू के दो पॅाजिटिव केस सामने आए हैं। एक केस कुछ दिनों पहले का है तो दूसरा अभी सामने आया है। फिलहाल जो महिला स्वाइन फ्लू के लक्षणों से पीड़ित होकर बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची है उसका उपचार कई चिकित्सकों की टीम की देखरेख में किया जा रहा है। फिलहाल महिला की हालत में सुधार है। उधर, जिस कॉलोनी में यह केस मिला है वहां रहने वाले अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम अपनी कार्रवाई में जुटी है। साथ में यह भी परख रही है कि परिवार के अन्य सदस्य तो स्वाइन फ्लू के लक्षणों से पीड़ित तो नहीं है।
यह है स्वाइन फ्लू
इन्फ्लूएंजा ए (एचएन-1) जोकि एक संक्रमण रोग है। यह एक व्यक्ति से दूसरे के संपर्क में आने से जल्दी फैलता है। वे लोग इसकी जकड़ में अधिक आते हैं जो या तो लंबी बीमारी से ग्रस्त हैं या फिर उनकी आयु 65 से अधिक है। 5 वर्ष से कम आयु वाले बच्चे व गर्भवती महिलाओं के भी इसकी चपेट में आने की संभावना अधिक बनी रहती है।
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लक्षण
बुखार के साथ बहती नाक, खांसी और गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई, जोड़ों व सिर में दर्द, थकावट व सर्दी लगना, दस्त व उल्टी लगना, थूक के साथ खून आना
क्या करें
हाथ मिलाने व गले मिलने से बचे, खांसते व छींकते समय अपने मुंह व नाक पर रूमाल, टिशू पेपर से ढके, अपने नाक-कान, मुंह को छूने से पहले व बाद में हाथों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह से धोएं, भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहें और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आएं, अच्छी नींद लें, शारीरिक रूप से सक्रिय रहें व स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं, पानी का अधिक सेवन करें और पौष्टिक आहार लें, चिंता व तनाव से दूर रहें।
यह न करें
किसी से हाथ न मिलाएं, गले न मिलें अथवा अन्य संपर्क बढ़ाने वाले कार्य न करें, डाक्टर की सलाह के बिना कोई दवाई अपनी मर्जी से न लें, खुले में न थूकें, घबराए नहीं और न ही अफवाहें फैलाएं।
फिलहाल दो केस पॉजिटिव मिल चुके हैं। विभाग की ओर से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। दवाईयों व अन्य किसी तरह की कोई कमी नहीं है।
डॉ. विनय देशवाल, स्वास्थ्य विभाग।
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बहादुरगढ़। सर्दी के इस मौसम में स्वाइन फ्लू का खतरा लगातार मंडरा रहा है। दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में कई संभावित केसों की जांच विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा की जा चुकी है। ऐसे में स्वाइन फ्लू के दो केस पॉजिटिव मिले हैं। फिलहाल मरीजों की स्थिति ठीक है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी इस बीमारी से बचाव को लेकर लोगों से विशेष ध्यान रखने के लिए आह्वान किया है। स्वास्थ्य विभाग भी इसके लिए पूरी तरह सतर्क है। नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। ऐसे में उन्हें प्राइवेट अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुछ केस संभावित मिले हैं तो कुछ पॉजिटिव। बहादुरगढ़ की धर्मपुरा कॉलोनी में भी स्वाइन फ्लू के दो पॅाजिटिव केस सामने आए हैं। एक केस कुछ दिनों पहले का है तो दूसरा अभी सामने आया है। फिलहाल जो महिला स्वाइन फ्लू के लक्षणों से पीड़ित होकर बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची है उसका उपचार कई चिकित्सकों की टीम की देखरेख में किया जा रहा है। फिलहाल महिला की हालत में सुधार है। उधर, जिस कॉलोनी में यह केस मिला है वहां रहने वाले अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम अपनी कार्रवाई में जुटी है। साथ में यह भी परख रही है कि परिवार के अन्य सदस्य तो स्वाइन फ्लू के लक्षणों से पीड़ित तो नहीं है।
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यह है स्वाइन फ्लू
इन्फ्लूएंजा ए (एचएन-1) जोकि एक संक्रमण रोग है। यह एक व्यक्ति से दूसरे के संपर्क में आने से जल्दी फैलता है। वे लोग इसकी जकड़ में अधिक आते हैं जो या तो लंबी बीमारी से ग्रस्त हैं या फिर उनकी आयु 65 से अधिक है। 5 वर्ष से कम आयु वाले बच्चे व गर्भवती महिलाओं के भी इसकी चपेट में आने की संभावना अधिक बनी रहती है।
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लक्षण
बुखार के साथ बहती नाक, खांसी और गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई, जोड़ों व सिर में दर्द, थकावट व सर्दी लगना, दस्त व उल्टी लगना, थूक के साथ खून आना
क्या करें
हाथ मिलाने व गले मिलने से बचे, खांसते व छींकते समय अपने मुंह व नाक पर रूमाल, टिशू पेपर से ढके, अपने नाक-कान, मुंह को छूने से पहले व बाद में हाथों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह से धोएं, भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहें और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आएं, अच्छी नींद लें, शारीरिक रूप से सक्रिय रहें व स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं, पानी का अधिक सेवन करें और पौष्टिक आहार लें, चिंता व तनाव से दूर रहें।
यह न करें
किसी से हाथ न मिलाएं, गले न मिलें अथवा अन्य संपर्क बढ़ाने वाले कार्य न करें, डाक्टर की सलाह के बिना कोई दवाई अपनी मर्जी से न लें, खुले में न थूकें, घबराए नहीं और न ही अफवाहें फैलाएं।
फिलहाल दो केस पॉजिटिव मिल चुके हैं। विभाग की ओर से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। दवाईयों व अन्य किसी तरह की कोई कमी नहीं है।
डॉ. विनय देशवाल, स्वास्थ्य विभाग।