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एसपी के साथ हुआ बार कमेटी का समझौता, फैसले के वरिध में बागी हुए कुछ वकील
Updated Thu, 14 Sep 2017 01:48 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
डीएसपी और बार कमेटी के बीच मीटिंग के दौरान हुए विवाद का बुधवार को पटाक्षेप हो गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार और एसपी सतीश बालन के साथ बार डेलिगेशन ने बुधवार को बैठक की। जिसमें 3 मुद्दों पर सहमति बनाते हुए समझौता वार्ता को सिरे चढ़ाया गया। समझौते में डीएसपी राजीव को छुट्टी पर भेजने, वकीलों के द्वारा शिकायत दिए जाने के बाद नपा गेट पर ताला जड़ने वाले पार्षदों के खिलाफ मामला दर्ज करने और अधिवक्ता रोशनलाल यादव के द्वारा सुरक्षा मांगें जाने पर सुरक्षा मुहैया करवाए जाने की बात शामिल है। वहीं, मामले में बाकी बचे लोगों की गिरफ्तारी करवाने का भी आश्वासन दिया गया है। मांगों पर सहमति जताते हुए बार डेलिगेशन ने प्रशासन के साथ समझौते की घोषणा करते हुए वर्क सस्पेंड और धरना खत्म करने की ऐलान कर दिया है। जिसके बाद कुछ वकील इस फैसले के विरोध में हो गए हैं।
फैसला सुनते ही नाराज हुए कुछ वकील
बैठक के बाद बार प्रधान ने जब हड़ताल पर बैठे वकीलों को यह फैसला सुनाया तो कुछ वकील फैसले का विरोध जताने लगे। लेकिन बार प्रधान ने बताया कि डेलिगेशन ने यह फैसला बहुत सोच समझकर लिया है। समझौते में उनकी अधिकतर मांगों को माना गया है। ऐसे में अब विरोध करना उचित नहीं है। जिसके बाद सचिव प्रवीन डबास और उपप्रधान माया नेहरा के साथ कुछ वकील उठकर चले गए।
आमजन को मिली समझौते से राहत
शुक्रवार से चले आ रहे वर्क सस्पेंड के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जमानत के लिए कुछ लोग बाहर से वकीलों को लेकर आ रहे थे लेकिन उन्हें यहां के वकीलों का विरोध झेलना पड़ रहा था। जिसके चलते लोगों के पैसे तो खर्च हो रहे थे। लेकिन काम किसी का नहीं हो पा रहा था। कुछ लोग ऐसे भी रहे, जिन्हें कोर्ट ने जमानत दे दी थी, लेकिन हड़ताल के चलते बेल बांड जमा नहीं करवाए जाने के कारण जेल से रिहा नहीं हो पाए। ऐसे में बार का वर्क सस्पेंड खत्म होना लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है।
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समझौते के खिलाफ मीटिंग के लिए आए हैं पत्र : डबास
बार सचिव प्रवीन डबास का कहना है कि डेलिगेशन द्वारा जो फैसला लिया गया है, उससे बहुत वकील नाराज हैं। फैसले के खिलाफ काफी लोगों ने मीटिंग बुलाने के लिए एक पत्र दिया है। जिस पर बार की मीटिंग बुलाने के लिए विचार किया जा रहा है। समझौते में डीएसपी राजीव के निलंबन की मुख्य मांग को ही स्वीकार नहीं किया गया। साथ ही बार उपप्रधान माया नेहरा ने भी फैसले पर असहमति जताई है।
राजनीति से प्रेरित कर रहे हैं विरोध : कादियान
बार प्रधान देवेंद्र कादियान ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार और एसपी सतीश बालन के साथ बड़े ही सौहार्दपूर्व माहौल में बैठक हुई। जिसमें उनकी सारी मांगें मान ली गई हैं। जिसके चलते उन्होंने वर्क सस्पेंड व धरना खत्म करने का फैसला लिया है। वीरवार से कोर्ट में कार्य फिर से सुचारु हो जाएगा। जो लोग फैसले का विरोध कर रहे हैं, वे बार की राजनीति से प्रेरित हैं।
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झज्जर।
डीएसपी और बार कमेटी के बीच मीटिंग के दौरान हुए विवाद का बुधवार को पटाक्षेप हो गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार और एसपी सतीश बालन के साथ बार डेलिगेशन ने बुधवार को बैठक की। जिसमें 3 मुद्दों पर सहमति बनाते हुए समझौता वार्ता को सिरे चढ़ाया गया। समझौते में डीएसपी राजीव को छुट्टी पर भेजने, वकीलों के द्वारा शिकायत दिए जाने के बाद नपा गेट पर ताला जड़ने वाले पार्षदों के खिलाफ मामला दर्ज करने और अधिवक्ता रोशनलाल यादव के द्वारा सुरक्षा मांगें जाने पर सुरक्षा मुहैया करवाए जाने की बात शामिल है। वहीं, मामले में बाकी बचे लोगों की गिरफ्तारी करवाने का भी आश्वासन दिया गया है। मांगों पर सहमति जताते हुए बार डेलिगेशन ने प्रशासन के साथ समझौते की घोषणा करते हुए वर्क सस्पेंड और धरना खत्म करने की ऐलान कर दिया है। जिसके बाद कुछ वकील इस फैसले के विरोध में हो गए हैं।
फैसला सुनते ही नाराज हुए कुछ वकील
बैठक के बाद बार प्रधान ने जब हड़ताल पर बैठे वकीलों को यह फैसला सुनाया तो कुछ वकील फैसले का विरोध जताने लगे। लेकिन बार प्रधान ने बताया कि डेलिगेशन ने यह फैसला बहुत सोच समझकर लिया है। समझौते में उनकी अधिकतर मांगों को माना गया है। ऐसे में अब विरोध करना उचित नहीं है। जिसके बाद सचिव प्रवीन डबास और उपप्रधान माया नेहरा के साथ कुछ वकील उठकर चले गए।
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आमजन को मिली समझौते से राहत
शुक्रवार से चले आ रहे वर्क सस्पेंड के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जमानत के लिए कुछ लोग बाहर से वकीलों को लेकर आ रहे थे लेकिन उन्हें यहां के वकीलों का विरोध झेलना पड़ रहा था। जिसके चलते लोगों के पैसे तो खर्च हो रहे थे। लेकिन काम किसी का नहीं हो पा रहा था। कुछ लोग ऐसे भी रहे, जिन्हें कोर्ट ने जमानत दे दी थी, लेकिन हड़ताल के चलते बेल बांड जमा नहीं करवाए जाने के कारण जेल से रिहा नहीं हो पाए। ऐसे में बार का वर्क सस्पेंड खत्म होना लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है।
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समझौते के खिलाफ मीटिंग के लिए आए हैं पत्र : डबास
बार सचिव प्रवीन डबास का कहना है कि डेलिगेशन द्वारा जो फैसला लिया गया है, उससे बहुत वकील नाराज हैं। फैसले के खिलाफ काफी लोगों ने मीटिंग बुलाने के लिए एक पत्र दिया है। जिस पर बार की मीटिंग बुलाने के लिए विचार किया जा रहा है। समझौते में डीएसपी राजीव के निलंबन की मुख्य मांग को ही स्वीकार नहीं किया गया। साथ ही बार उपप्रधान माया नेहरा ने भी फैसले पर असहमति जताई है।
राजनीति से प्रेरित कर रहे हैं विरोध : कादियान
बार प्रधान देवेंद्र कादियान ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार और एसपी सतीश बालन के साथ बड़े ही सौहार्दपूर्व माहौल में बैठक हुई। जिसमें उनकी सारी मांगें मान ली गई हैं। जिसके चलते उन्होंने वर्क सस्पेंड व धरना खत्म करने का फैसला लिया है। वीरवार से कोर्ट में कार्य फिर से सुचारु हो जाएगा। जो लोग फैसले का विरोध कर रहे हैं, वे बार की राजनीति से प्रेरित हैं।