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-गांव छुड़ानी में शराब ठेके के बाहर महिलाओं ने किया प्रदर्शन, एक दिन का अल्मीमेटम
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। गांव छुड़ानी में बुधवार को महिलाओं ने एक शराब के ठेके के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए ठेके को गांव से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की। ठेका संचालक ने महिलाओं से एक दिन की मोहलत मांगी है। महिलाओं का कहना है कि यदि एक दिन के भीतर वीरवार तक ठेका नहीं हटा तो वे शुक्रवार को खुद इसे हटा देंगी। दरअसल, गांव छुड़ानी के बीच शराब का एक ठेका है। इस ठेके के आसपास अक्सर माहौल बिगड़ा रहता है। लोग शराब पीकर हुड़दंग करते हैं और गालियां बकते रहते हैं, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी होती है। महिलाओं को ज्यादा दिक्कत हो रही है। इस संबंध में ग्राम पंचायत को शिकायत भी दी जा चुकी है। इसके विरुद्ध एक बार पहले भी महिलाओं ने प्रदर्शन किया था। हालात बिगड़ते देख बुधवार को फिर से गांव की महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। 30 से अधिक महिलाएं इकट्ठी होकर ठेके के बाहर पहुंची। कमलेश, राजबाला, मूर्ति, सुमन, शांति, अंगूरी, लता, दया व कृष्णा आदि महिलाओं ने ठेके के गेट पर खड़े होकर जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलने पर गांव के कई लोग भी मौके पर पहुंचे लेकिन महिलाएं ठेका संचालक को मौके पर बुलाने पर अड़ी रही। ठेका संचालक अजित को सूचना मिली तो उसने मौके पर एक व्यक्ति को भेजा। उसके जरिये फोन पर महिलाओं से बात कर एक दिन का समय मांगा। इसके बाद महिलाएं ये कहकर चली गईं कि यदि 24 घंटे तक नहीं हटा तो इसके बाद वे खुद इसे हटा देंगी।
माहौल हो रहा खराब
महिलाओं ने कहा कि ठेका गांव के बीच में है। मुख्य मार्ग होने के कारण महिलाओं का यहां से आना जाना लगा रहता है लेकिन ठेके के बाहर शाम को शराबी किस्म के लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। नशे की हालत में ये लोग आपस में झगड़ते हैं, गाली गलौज करते हैं। महिलाओं पर फब्तियां भी कसते हैं। ऐसे में वहां से गुजरना भारी हो जाता है। कमलेश ने कहा कि सरकार एक तरफ तो नशे पर रोक लगाने की अपील करती है, लेकिन फिर भी आबादी के बीच में ठेका खोलने की मंजूरी दे देती है। इसकी वजह से पूरे गांव में माहौल खराब है। सुरक्षा की दृष्टि से तो हालात बिगड़े ही हैं, युवाओं और बच्चों पर भी गलत असर पड़ रहा है। लोग शराब पीकर घर आते हैं और झगड़ा करते हैं। प्रशासन इस ओर ध्यान दे। इस ठेके को गांव से बाहर स्थानांतरित करे। अन्यथा वे इसे उखाड़कर बाहर फेंक देंगी।
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बहादुरगढ़। गांव छुड़ानी में बुधवार को महिलाओं ने एक शराब के ठेके के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए ठेके को गांव से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की। ठेका संचालक ने महिलाओं से एक दिन की मोहलत मांगी है। महिलाओं का कहना है कि यदि एक दिन के भीतर वीरवार तक ठेका नहीं हटा तो वे शुक्रवार को खुद इसे हटा देंगी। दरअसल, गांव छुड़ानी के बीच शराब का एक ठेका है। इस ठेके के आसपास अक्सर माहौल बिगड़ा रहता है। लोग शराब पीकर हुड़दंग करते हैं और गालियां बकते रहते हैं, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी होती है। महिलाओं को ज्यादा दिक्कत हो रही है। इस संबंध में ग्राम पंचायत को शिकायत भी दी जा चुकी है। इसके विरुद्ध एक बार पहले भी महिलाओं ने प्रदर्शन किया था। हालात बिगड़ते देख बुधवार को फिर से गांव की महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। 30 से अधिक महिलाएं इकट्ठी होकर ठेके के बाहर पहुंची। कमलेश, राजबाला, मूर्ति, सुमन, शांति, अंगूरी, लता, दया व कृष्णा आदि महिलाओं ने ठेके के गेट पर खड़े होकर जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलने पर गांव के कई लोग भी मौके पर पहुंचे लेकिन महिलाएं ठेका संचालक को मौके पर बुलाने पर अड़ी रही। ठेका संचालक अजित को सूचना मिली तो उसने मौके पर एक व्यक्ति को भेजा। उसके जरिये फोन पर महिलाओं से बात कर एक दिन का समय मांगा। इसके बाद महिलाएं ये कहकर चली गईं कि यदि 24 घंटे तक नहीं हटा तो इसके बाद वे खुद इसे हटा देंगी।
माहौल हो रहा खराब
महिलाओं ने कहा कि ठेका गांव के बीच में है। मुख्य मार्ग होने के कारण महिलाओं का यहां से आना जाना लगा रहता है लेकिन ठेके के बाहर शाम को शराबी किस्म के लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। नशे की हालत में ये लोग आपस में झगड़ते हैं, गाली गलौज करते हैं। महिलाओं पर फब्तियां भी कसते हैं। ऐसे में वहां से गुजरना भारी हो जाता है। कमलेश ने कहा कि सरकार एक तरफ तो नशे पर रोक लगाने की अपील करती है, लेकिन फिर भी आबादी के बीच में ठेका खोलने की मंजूरी दे देती है। इसकी वजह से पूरे गांव में माहौल खराब है। सुरक्षा की दृष्टि से तो हालात बिगड़े ही हैं, युवाओं और बच्चों पर भी गलत असर पड़ रहा है। लोग शराब पीकर घर आते हैं और झगड़ा करते हैं। प्रशासन इस ओर ध्यान दे। इस ठेके को गांव से बाहर स्थानांतरित करे। अन्यथा वे इसे उखाड़कर बाहर फेंक देंगी।
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