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करंट से झुलसे श्रमिक ने पीजीआई में तोड़ा दम, ठेकेदार सहित तीन पर केस दर्ज
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चरखी दादरी/बाढड़ा। करंट लगने से झुलसे पिचौपा कलां के श्रमिक ने रोहतक पीजीआई में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने उसके भाई के बयान पर ठेकेदार सहित तीन लोगों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, बाढड़ा पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। हालांकि दम तोड़ने से पहले मृतक ने पुलिस को दिए बयान में किसी पर आरोप नहीं लगाया था। मृतक के भाई का आरोप है कि पक्ष में बयान देने के लिए उसके भाई पर दबाव बनाया गया था। अब पुलिस ने उसके भाई के बयान पर बिलावल गांव के समीप हुए हादसे में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस बयान में पिचौपा कलां निवासी जयभगवान (34) ने बताया कि उसका बड़ा भाई नेत्रपाल श्रमिक था। वह बिलावल गांव के समीप निर्माणाधीन मंदिर में दिहाड़ी करने गया था। 15 अप्रैल को जब वह लोहे का सरिया ऊपर चढ़वा रहा था तो 33 हजार केवी की लाइन से उसे करंट लग गया। जयभगवान का आरोप है कि उसके भाई से लाइन बंद होने की बात भी कही गई थी लेकिन उस समय बिजली की सप्लाई चालू थी। करंट से झुलसे नेत्रपाल को सिविल अस्पताल लाया गया और प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया था। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि पीजीआई में 15 अप्रैल को उसके भाई ने दबाव में बयान दिए थे। उसने इसके लिए किसी की गलती नहीं बताई थी। जयभगवान ने बताया कि दम तोड़ने से पहले नेत्रपाल ने उसे बताया कि यह हादसा ठेकेदार सहित दो अन्य लोगों की लापरवाही से हुआ था। उन्होंने उनके पक्ष में बयान देने के लिए धमकी देकर दबाव बनाया था। वहीं, मामले की सूचना पाकर बाढड़ा पुलिस पीजीआई पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। बाढड़ा थाना प्रभारी हुक्मचंद ने बताया कि मंगलवार को पुलिस ने इस संबंध में ठेकेदार सहित तीन लोगों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस बयान में पिचौपा कलां निवासी जयभगवान (34) ने बताया कि उसका बड़ा भाई नेत्रपाल श्रमिक था। वह बिलावल गांव के समीप निर्माणाधीन मंदिर में दिहाड़ी करने गया था। 15 अप्रैल को जब वह लोहे का सरिया ऊपर चढ़वा रहा था तो 33 हजार केवी की लाइन से उसे करंट लग गया। जयभगवान का आरोप है कि उसके भाई से लाइन बंद होने की बात भी कही गई थी लेकिन उस समय बिजली की सप्लाई चालू थी। करंट से झुलसे नेत्रपाल को सिविल अस्पताल लाया गया और प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया था। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि पीजीआई में 15 अप्रैल को उसके भाई ने दबाव में बयान दिए थे। उसने इसके लिए किसी की गलती नहीं बताई थी। जयभगवान ने बताया कि दम तोड़ने से पहले नेत्रपाल ने उसे बताया कि यह हादसा ठेकेदार सहित दो अन्य लोगों की लापरवाही से हुआ था। उन्होंने उनके पक्ष में बयान देने के लिए धमकी देकर दबाव बनाया था। वहीं, मामले की सूचना पाकर बाढड़ा पुलिस पीजीआई पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। बाढड़ा थाना प्रभारी हुक्मचंद ने बताया कि मंगलवार को पुलिस ने इस संबंध में ठेकेदार सहित तीन लोगों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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