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स्वास्थ्य विभाग ने किये 331 एनएचएम कर्मचारी टर्मिनेट, डीसी रेट पर 1
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। स्वास्थ्य विभाग ने वीरवार को एनएचएम के 331 कर्मचारियों को टर्मिनेट कर दिया है। वीरवार तक हड़ताल में शामिल सभी 399 कर्मचारियों को टर्मिनेट किया जा चुका है। वहीं एंबुलेंस सेवा को पूरी तरह से बहाल करने के लिए विभाग की ओर से डीसी रेट पर 18 चालक भर्ती किए गए हैं। जिले में एंबुलेंस की 14 गाड़ियां हैं। सभी गाड़ियों को मरीजों लिए सड़क पर उतार दिया गया है। इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय से अन्य कर्मचारियों की नियमानुसार भर्ती के लिए भी निर्देश दिए जा चुके हैं। लेकिन सरकार व कर्मचारी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। सिविल सर्जन का कहना है कि प्रदेश में एनएचएम कर्मचारियों का वेतन अन्य प्रदेशों से अधिक है और सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को अवैध ठहराया है। हालांकि जिले में अभी भी 119 एनएचएम कर्मचारी ड्यूटी कर रहे हैं। इन कर्मचारियों और नियमित कर्मचारियों के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं चलाई जा रही है। 68 कर्मचारियों को पहले ही टर्मिनेट किया जा चुका था और वीरवार की शाम को बाकी बचे 331 कर्मचारियों को टर्मिनेट कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का तर्क, धरने को उठाने के लिए पुलिस को लिखा पत्र, पुलिस ने किया इनकार
सामान्य अस्पताल से धरने को उठाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि पुलिस को पत्र लिखा जा चुका है और शहर पुलिस अभी तक इस प्रकार का कोई भी पत्र मिलने से इनकार कर रही है। एनएचएम कर्मी अपनी मांगों को लेकर 17 दिन से सामान्य अस्पताल में निरंतर रूप से हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं भी लगातार प्रभावित चल रही हैं। कर्मचारियों का एक ही कहना है कि सरकार बेशक उन्हें टर्मिनेट कर दे लेकिन वे किसी भी दबाव में आकर हड़ताल को खत्म नहीं करेंगे। उनका कहना है कि सरकार उनकी मांगें जिस दिन सरकार पूरी कर देगी उसी दिन वे काम पर लौट आएंगे। मंगलवार से झज्जर जिला में 72 घंटे की भूख हड़ताल पर
9 कर्मचारी बैठे हैं। शुक्रवार से दूसरे कर्मचारी हड़ताल पर बैठेंगे।
पांच कर्मचारियों की बिगड़ी तबीयत
फिलहाल भूख हड़ताल में जिला प्रधान मंजूरेखा आर्य, जिला सचिव गुलशन भटनागर, सलाहकार संजय, राधेश्याम, तिलकराज, कुलदीप राठी, शिवपाल, सुमन देवी, मुकेश रानी शामिल हैं। इसमें 9 कर्मियों में 3 महिला कर्मी हैं। शुक्रवार को 72 घंटे की हड़ताल खत्म हो जाएगी और दूसरे कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठेंगे। भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों में मंजू रेखा, गुलशन, कमुकेश रानी, संजय और राधेश्याम की तबीयत भी बिगड़ गई थी। हड़ताल में शामिल चिकित्सकों ने उन्हें संभाला।
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सरकार व विभाग चाहे कुछ भी करे हम किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। जब तक एनएचएम कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा उस समय तक हड़ताल जारी रहेगी।
मंजू रेखा, जिला प्रधान एनएचएम संघ, झज्जर।
हड़ताल में शामिल सभी 399 कर्मचारियों को टर्मिनेट किया जा चुका है। सामान्य अस्पताल से धरना उठाने के लिए पुलिस को लिखा गया है। वहीं एंबुलेंस सेवाओं को पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है। साथ ही 18 चालक डीसी रेट पर भर्ती किए गए हैं।
डॉ. कुलदीप सिंह, प्रभारी एनएचएम, झज्जर।
डिलीवरी, एसएनसीयू की सेवाएं नियमित कर्मचारियों के सहारे चलाई जा रही है। फील्ड में भी नियमित स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है।
डॉ. आरएस पूनिया, सीएमओ, झज्जर।
अभी तक पुलिस को कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिला तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राजेश कुमार, अतिरिक्त एसएचओ, शहर पुलिस थाना, झज्जर।
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झज्जर। स्वास्थ्य विभाग ने वीरवार को एनएचएम के 331 कर्मचारियों को टर्मिनेट कर दिया है। वीरवार तक हड़ताल में शामिल सभी 399 कर्मचारियों को टर्मिनेट किया जा चुका है। वहीं एंबुलेंस सेवा को पूरी तरह से बहाल करने के लिए विभाग की ओर से डीसी रेट पर 18 चालक भर्ती किए गए हैं। जिले में एंबुलेंस की 14 गाड़ियां हैं। सभी गाड़ियों को मरीजों लिए सड़क पर उतार दिया गया है। इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय से अन्य कर्मचारियों की नियमानुसार भर्ती के लिए भी निर्देश दिए जा चुके हैं। लेकिन सरकार व कर्मचारी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। सिविल सर्जन का कहना है कि प्रदेश में एनएचएम कर्मचारियों का वेतन अन्य प्रदेशों से अधिक है और सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को अवैध ठहराया है। हालांकि जिले में अभी भी 119 एनएचएम कर्मचारी ड्यूटी कर रहे हैं। इन कर्मचारियों और नियमित कर्मचारियों के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं चलाई जा रही है। 68 कर्मचारियों को पहले ही टर्मिनेट किया जा चुका था और वीरवार की शाम को बाकी बचे 331 कर्मचारियों को टर्मिनेट कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का तर्क, धरने को उठाने के लिए पुलिस को लिखा पत्र, पुलिस ने किया इनकार
सामान्य अस्पताल से धरने को उठाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि पुलिस को पत्र लिखा जा चुका है और शहर पुलिस अभी तक इस प्रकार का कोई भी पत्र मिलने से इनकार कर रही है। एनएचएम कर्मी अपनी मांगों को लेकर 17 दिन से सामान्य अस्पताल में निरंतर रूप से हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं भी लगातार प्रभावित चल रही हैं। कर्मचारियों का एक ही कहना है कि सरकार बेशक उन्हें टर्मिनेट कर दे लेकिन वे किसी भी दबाव में आकर हड़ताल को खत्म नहीं करेंगे। उनका कहना है कि सरकार उनकी मांगें जिस दिन सरकार पूरी कर देगी उसी दिन वे काम पर लौट आएंगे। मंगलवार से झज्जर जिला में 72 घंटे की भूख हड़ताल पर
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9 कर्मचारी बैठे हैं। शुक्रवार से दूसरे कर्मचारी हड़ताल पर बैठेंगे।
पांच कर्मचारियों की बिगड़ी तबीयत
फिलहाल भूख हड़ताल में जिला प्रधान मंजूरेखा आर्य, जिला सचिव गुलशन भटनागर, सलाहकार संजय, राधेश्याम, तिलकराज, कुलदीप राठी, शिवपाल, सुमन देवी, मुकेश रानी शामिल हैं। इसमें 9 कर्मियों में 3 महिला कर्मी हैं। शुक्रवार को 72 घंटे की हड़ताल खत्म हो जाएगी और दूसरे कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठेंगे। भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों में मंजू रेखा, गुलशन, कमुकेश रानी, संजय और राधेश्याम की तबीयत भी बिगड़ गई थी। हड़ताल में शामिल चिकित्सकों ने उन्हें संभाला।
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सरकार व विभाग चाहे कुछ भी करे हम किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। जब तक एनएचएम कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा उस समय तक हड़ताल जारी रहेगी।
मंजू रेखा, जिला प्रधान एनएचएम संघ, झज्जर।
हड़ताल में शामिल सभी 399 कर्मचारियों को टर्मिनेट किया जा चुका है। सामान्य अस्पताल से धरना उठाने के लिए पुलिस को लिखा गया है। वहीं एंबुलेंस सेवाओं को पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है। साथ ही 18 चालक डीसी रेट पर भर्ती किए गए हैं।
डॉ. कुलदीप सिंह, प्रभारी एनएचएम, झज्जर।
डिलीवरी, एसएनसीयू की सेवाएं नियमित कर्मचारियों के सहारे चलाई जा रही है। फील्ड में भी नियमित स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है।
डॉ. आरएस पूनिया, सीएमओ, झज्जर।
अभी तक पुलिस को कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिला तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राजेश कुमार, अतिरिक्त एसएचओ, शहर पुलिस थाना, झज्जर।