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संदीप के हत्यारों को उम्रकैद की सजा

Fri, 08 Feb 2019 12:55 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 08 Feb 2019 12:55 AM IST
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संदीप के हत्यारों को उम्रकैद की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़। गांव आसौदा टोडरान में करीब साढ़े तीन साल पहले हुई युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। इस मामले में युवक संदीप के हत्या में शामिल तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। तीनों को अदालत से सीधे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। करीब साढ़े तीन साल पूर्व गांव आसौदा टोडरान में 14 जुलाई 2015 को दो युवकों सचिन व मोहित के बीच झगड़ा हो गया था। इस झगड़े में सचिन के बड़े भाई (ताऊ का लड़के) संदीप ने बीच बचाव किया। मामले में संदीप का बीच बचाव करना मोहित के बड़े भाई रोहित उर्फ रेक्सो को अच्छा नहीं लगा। रोहित ने मन ही मन रंजिश पाल ली। 15 जुलाई 2015 को जब संदीप अपने प्लॉट में परिजनों के साथ बैठा था तो रोहित अपने साथी कुलासी निवासी रोहित व मंदीप के साथ वहां पहुंचा। इन तीनों ने संदीप के साथ झगड़ा किया। इसी दौरान झगड़े में गोलियां मारकर संदीप की हत्या कर दी गई। हत्या के कुछ समय बाद सदर थाना पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। मामला झज्जर अदालत में चला। अब तीन साल सात महीने बाद एडिशनल सेशन जज विमल सपड़ा की कोर्ट में फैसला आ गया। तीनों (रोहित उर्फ रेस्को, रोहित उर्फ बाबा और मंदीप) को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। सजा सुनाने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया।

संदीप के कंधों पर थी परिवार की जिम्मेदारी
साढ़े तीन साल पहले मारा गया संदीप (23 ) अविवाहित था। वह दो बहनों में इकलौता भाई था। उसके पिता को लकवा लगा हुआ था। उसी के कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी थी। संदीप ने रेलवे में ग्रुप डी की परीक्षा पास कर ली थी। उसका मेडिकल परीक्षण होना बाकी था, उससे पहले ही उसे मौत के घाट उतार दिया।
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परिजन बोले- न्यायपालिका पर था पूरा भरोसा
संदीप के हत्यारों को सजा मिलने की जानकारी जैसे ही परिजनों को हुई तो उन्होंने न्यायपालिका का शुक्रिया किया। उन्होंने कहा कि थोड़ी देर हुई है लेकिन उन्हें भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा था। न्यायपालिका ने हत्यारों को उम्रकैद की सजा सुनाई है इस फैसले का वह संतुष्ट है। परिजनों ने कहा कि अगर वह बाहर आ जाते तो पता नहीं किसी हत्या करने की योजना बनाते।
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