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युवा कांग्रेसी नेता मोनू जून का मुख्य हत्यारोपी सुनील उर्फ लाला साथी सहित गिरफ्तार
Updated Tue, 04 Sep 2018 08:32 PM IST
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युवा कांग्रेसी नेता मोनू जून का मुख्य हत्यारोपी सुनील उर्फ लाला साथी सहित गिरफ्तार
- सुनील पर एक लाख का तो उसके साथी राकेश पर पुलिस ने रखा था 50 हजार का इनाम
- गत 25 सितंबर की देर शाम को झज्जर रोड पर गोलियों से भूनकर की गई थी मोनू जून की हत्या
- पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून का करीबी था मोनू जून
- फिरौती न देने पर उसे उतारा गया था मौत के घाट
- हत्या से पहले उससे मांगी जा रही थी 36 लाख की फिरौती
- इस मामले में अब तक हो चुके हैं 9 आरोपी गिरफ्तार, 2 पुलिस पकड़ से बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। युवा कांग्रेसी नेता मोनू जून की हत्या कर करीब एक साल से फरार चल रहा गैंगस्टर सुनील उर्फ लाला अपने साथी राकेश सहित एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया है। सुनील पर एक लाख तो राकेश पर 50 हजार का इनाम था। ये यहां किसी वारदात को अंजाम देने आए थे कि पुलिस ने काबू कर लिए। प्रारंभिक पूछताछ में इन्होंने कई वारदातें कबूल की हैं। मंगलवार को अदालत में पेश कर पुलिस ने इन्हें रिमांड पर लिया है। पूछताछ में इनसे अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
36 लाख की फिरौती मांगी थी
मूलत: गांव नूना माजरा का निवासी मोनू जून बहादुरगढ़ के शक्ति नगर में रहता था। कांग्रेस पार्टी से जुड़ा मोनू पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून का करीबी था। गांव नूना माजरा के ही निवासी कुख्यात बदमाश अनिल उर्फ गंजा ने जेल से मोनू और उसके भाई अंकित से 36 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इस मामले में सिटी थाने में केस भी दर्ज हुआ था। फिरौती न दिए जाने पर अनिल के भाई सुनील उर्फ लाला और उसके दर्जन भर साथियों ने 25 सितंबर 2017 की रात को घर से कुछ ही दूर टहलने गए मोनू की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। मोनू को 15 से अधिक गोलियां मारी गईं थीं। हत्या के बाद भी सुनील उर्फ लाला मोनू के भाई अंकित को फोन पर जान से मारने की धमकी देता रहा।
9 गिरफ्तार, दो बाकी
इस मामले में पुलिस सात आरोपियों को तो गिरफ्तार कर चुकी थी, मगर मुख्य हत्यारोपी सुनील व फरार चल रहे उसके कुछ अन्य साथियों की तलाश कर रही थी। सुनील पर तो पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। मंगलवार को सुनील और उसका साथ राकेश पुलिस के हत्थे चढ़ ही गए। अब तक इस मामले में 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, 2 और आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है।
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झज्जर रोड बाईपास से पकड़े
डीएसपी कप्तान सिंह ने बताया कि एसटीएफ रोहतक यूनिट प्रभारी सुरेंद्र कुमार को मंगलवार को सूचना मिली कि मोनू का हत्यारोपी सुनील उर्फ लाला व उसका साथी राकेश उर्फ डंट फिलहाल बहादुरगढ़ में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस सूचना पर निरीक्षक सुरेंद्र कुमार व बहादुरगढ़ प्रभारी सोनू मलिक की संयुक्त टीम ने झज्जर रोड आउटर बाईपास पुलिस के नीचे से दोनों बदमाशों को काबू कर लिया। बदमाशों को पकड़ने वाली टीम में एएसआई तेजबीर, एएसआई संदीप, एचसी संदीप, योगेश, कांस्टेबल विकास, सुरेंद्र, विकास और कृष्ण आदि शामिल थे।
दोनों पर हत्या, हत्या के प्रयास व फिरौती के आठ केस दर्ज
1. वर्ष 2011 को सदर थाने में अपहरण का केस
2. वर्ष 2012 में सदर थाने में हत्या के प्रयास का केस
3. वर्ष 2017 में सिटी थाने में फि रौती का केस
4. वर्ष 2017 में सिटी थाने में फिरौती का केस
5. वर्ष 2017 में हत्या का केस दर्ज
6. गुरुग्राम के पालम विहार में आम्र्स एक्ट का केस
सुनील के भाई का है गैंग
सुनील उर्फ लाला के भाई अनिल उर्फ गंजा ने खुद का गैंग बनाया हुआ है। अनिल उर्फ गंजा के संबंध मनोज मोरखेड़ी गैंग, राजेश भारती क्रांति गैंग, ज्योति बाबा नजफगढ़, गैंग लगरपुरिया गैंग और राजस्थान में आनंदपाल गैंग से रहे हैं।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द : सोनू
दोनों बदमाशों को कोर्ट में पेश करने के बाद पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में इनसे अन्य वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है। जल्द ही फरार चल रहे अन्य दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-सोनू मलिक, इंचार्ज एसटीएफ, बहादुरगढ़
फोटो 2 : एसटीएफ की गिरफ्त में सुनील उर्फ लाला और राकेश उर्फ डंट।
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- सुनील पर एक लाख का तो उसके साथी राकेश पर पुलिस ने रखा था 50 हजार का इनाम
- गत 25 सितंबर की देर शाम को झज्जर रोड पर गोलियों से भूनकर की गई थी मोनू जून की हत्या
- पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून का करीबी था मोनू जून
- फिरौती न देने पर उसे उतारा गया था मौत के घाट
- हत्या से पहले उससे मांगी जा रही थी 36 लाख की फिरौती
- इस मामले में अब तक हो चुके हैं 9 आरोपी गिरफ्तार, 2 पुलिस पकड़ से बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। युवा कांग्रेसी नेता मोनू जून की हत्या कर करीब एक साल से फरार चल रहा गैंगस्टर सुनील उर्फ लाला अपने साथी राकेश सहित एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया है। सुनील पर एक लाख तो राकेश पर 50 हजार का इनाम था। ये यहां किसी वारदात को अंजाम देने आए थे कि पुलिस ने काबू कर लिए। प्रारंभिक पूछताछ में इन्होंने कई वारदातें कबूल की हैं। मंगलवार को अदालत में पेश कर पुलिस ने इन्हें रिमांड पर लिया है। पूछताछ में इनसे अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
36 लाख की फिरौती मांगी थी
मूलत: गांव नूना माजरा का निवासी मोनू जून बहादुरगढ़ के शक्ति नगर में रहता था। कांग्रेस पार्टी से जुड़ा मोनू पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून का करीबी था। गांव नूना माजरा के ही निवासी कुख्यात बदमाश अनिल उर्फ गंजा ने जेल से मोनू और उसके भाई अंकित से 36 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इस मामले में सिटी थाने में केस भी दर्ज हुआ था। फिरौती न दिए जाने पर अनिल के भाई सुनील उर्फ लाला और उसके दर्जन भर साथियों ने 25 सितंबर 2017 की रात को घर से कुछ ही दूर टहलने गए मोनू की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। मोनू को 15 से अधिक गोलियां मारी गईं थीं। हत्या के बाद भी सुनील उर्फ लाला मोनू के भाई अंकित को फोन पर जान से मारने की धमकी देता रहा।
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9 गिरफ्तार, दो बाकी
इस मामले में पुलिस सात आरोपियों को तो गिरफ्तार कर चुकी थी, मगर मुख्य हत्यारोपी सुनील व फरार चल रहे उसके कुछ अन्य साथियों की तलाश कर रही थी। सुनील पर तो पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। मंगलवार को सुनील और उसका साथ राकेश पुलिस के हत्थे चढ़ ही गए। अब तक इस मामले में 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, 2 और आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है।
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झज्जर रोड बाईपास से पकड़े
डीएसपी कप्तान सिंह ने बताया कि एसटीएफ रोहतक यूनिट प्रभारी सुरेंद्र कुमार को मंगलवार को सूचना मिली कि मोनू का हत्यारोपी सुनील उर्फ लाला व उसका साथी राकेश उर्फ डंट फिलहाल बहादुरगढ़ में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस सूचना पर निरीक्षक सुरेंद्र कुमार व बहादुरगढ़ प्रभारी सोनू मलिक की संयुक्त टीम ने झज्जर रोड आउटर बाईपास पुलिस के नीचे से दोनों बदमाशों को काबू कर लिया। बदमाशों को पकड़ने वाली टीम में एएसआई तेजबीर, एएसआई संदीप, एचसी संदीप, योगेश, कांस्टेबल विकास, सुरेंद्र, विकास और कृष्ण आदि शामिल थे।
दोनों पर हत्या, हत्या के प्रयास व फिरौती के आठ केस दर्ज
1. वर्ष 2011 को सदर थाने में अपहरण का केस
2. वर्ष 2012 में सदर थाने में हत्या के प्रयास का केस
3. वर्ष 2017 में सिटी थाने में फि रौती का केस
4. वर्ष 2017 में सिटी थाने में फिरौती का केस
5. वर्ष 2017 में हत्या का केस दर्ज
6. गुरुग्राम के पालम विहार में आम्र्स एक्ट का केस
सुनील के भाई का है गैंग
सुनील उर्फ लाला के भाई अनिल उर्फ गंजा ने खुद का गैंग बनाया हुआ है। अनिल उर्फ गंजा के संबंध मनोज मोरखेड़ी गैंग, राजेश भारती क्रांति गैंग, ज्योति बाबा नजफगढ़, गैंग लगरपुरिया गैंग और राजस्थान में आनंदपाल गैंग से रहे हैं।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द : सोनू
दोनों बदमाशों को कोर्ट में पेश करने के बाद पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में इनसे अन्य वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है। जल्द ही फरार चल रहे अन्य दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-सोनू मलिक, इंचार्ज एसटीएफ, बहादुरगढ़
फोटो 2 : एसटीएफ की गिरफ्त में सुनील उर्फ लाला और राकेश उर्फ डंट।