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छत से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आने से झुलसा मासूम

Sat, 15 Jun 2019 02:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jun 2019 02:08 AM IST
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छत से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आने से झुलसा मासूम
झज्जर। खोरड़ा गांव में एक आठ साल का मासूम खेलते हुए छत पर चढ़ गया और वह छत से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन के करंट की चपेट में आ गया। इससे वह बुरी तरह से झुलस गया। बच्चे को बहु गांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खोरड़ा गांव में लगाई गई बिजली की हाई वोल्टेज लाइन के तार कमजोर हो चुके हैं और वह मकानों की छतों से करीब एक से दो फुट ऊंचे है। शुक्रवार को परमवीर फौजी का आठ साल का बेटा शुभम खेलते हुए छत पर चढ़ गया और वह 11 हजार वोल्टेज की लाइन के करंट की चपेट में आ गया। करंट की चपेट में आने से शुभम झुलस गया। उसके परिजनों ने उसे बहु गांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां पर बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है।
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तीन बार शिकायत दे चुके हैं ग्रामीण
ग्रामीणों में बिजली निगम के प्रति रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली निगम के अधिकारियों को तीन बार इस हाई वोल्टेज लाइन को हटाने के लिए शिकायत दे चुके हैं। बिजली निगम बहु के एसडीओ को शिकायत देने के अलावा झज्जर भी बिजली निगम के उच्च अधिकारियों से मिल चुके हैं। ग्रामीणों को कहना है कि अधिकारियों ने लाइन को हटाने की बजाए उन्हें लाइन के नीचे से घर हटाने की सलाह दे डाली। ग्रामीण संजीत का कहना है कि ढाई माह पहले भी बिजली निगम के अधिकारियों को शिकायत दी थी। लेकिन आज तक बिजली निगम की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि करीब दस घरों के ऊपर से बिजली की 11 हजार वोल्टेज की लाइन गुजरी हुई है।
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पटवारी की रिपोर्ट पर अटका है काम
हाई वोल्टज लाइन को हटाने के लिए निगम के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने तो लाइन हटाने के लिए
एस्टीमेट बनाकर भेजा हुआ है। लेकिन पटवारी की रिपोर्ट न आने के कारण इसे मंजूरी नहीं मिल पा रही है। एसडीओ का कहना है कि कई बार सरपंच को भी कहा गया है कि पटवारी से लिखवा कर दें कि यह लाइन गांव के अंदर से है। लेकिन यह रिपोर्ट नहीं मिल पाई है। अगर पटवारी यह लिखकर दे देता है तो निगम अपने खर्चे पर लाइन को हटा सकता है। अन्यथा इसकी राशि लाइन को हटवाने वालों को देनी होगी।
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पटवारी की रिपोर्ट आने के बाद ही इस एस्टीमेंट को मंजूरी मिल सकती है। अगर पटवारी रिपोर्ट करता है तो लाइन को निगम की तरफ से हटाया जा सकता है।
आशीष चौहान, एसडीओ, बिजली निगम बहु।
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