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ट्रक को ओवरेटेक के प्रयास में असंतुलित होकर पलटी कार, तीन बच्चों सहित आठ घायल
Updated Fri, 20 Apr 2018 01:00 AM IST
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ट्रक को ओवरेटेक के प्रयास में असंतुलित होकर पलटी कार, तीन बच्चों सहित आठ घायल
चरखी दादरी। अचीना ताल पुलिस चौकी के समीप संतुलन बिगड़ने से वैगनार गाड़ी सड़क किनारे पलट गई। हादसे में कार सवार तीन बच्चों सहित आठ लोग घायल हो गए। हाइवे पेट्रोलिंग पुलिस टीम ने पीसीआर में घायलों को दादरी के सिविल अस्पताल पहुंचाया। सभी घायल भिवानी के रहने वाले हैं। घायल प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल से बिना कोई पुलिस कार्रवाई किए गए घर लौट गए। घायलों ने बताया कि वो शादी समारोह में शिरकत करने दादरी आए थे और यहां से बुधवार को नजफगढ़ जाने के लिए चले थे।
भिवानी निवासी सतप्रकाश अपनी बेटी रीना, आशा व असीमा सहित दामाद राजीव, बच्चे कार्मित, वासी व हिमांशु के साथ बुधवार को अपने भतीजी की शादी में शिरकत करने आए थे।
घायल सतप्रकाश ने बताया कि वीरवार को वह अपनी बेटी आसीमा व दामाद राजीव को नजफगढ़ गाड़ी में छोड़ने के लिए जा रहे थे। अभी वो अचीना ताल चौक से निकले ही थे कि उन्होंने ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया तो ट्रक चालक ने उनकी तरफ साइड दबा दी। ट्रक को बचाने के प्रयास में कार चालक रीना अपना संतुलन खो बैठी और गाड़ी सड़क किनारे गड्ढ़ों में जाकर पलट गई। हादसे में वैगनार सवार सभी लोगों को चोटें आई और वहां पेट्रोलिंग कर रही पुलिस टीम ने घायलों को राहगीरों की मदद से बाहर निकाला और उपचार के लिए तुरंत सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। हादसे में कार्मित, भव्य व हिमांशु को गहरी चोटें आई। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायल छुट्टी लेकर बिना कोई पुलिस कार्रवाई किए घर चले गए। वहीं, हादसे के बाद ट्रक चालक बिना वाहन रोके मौके से फरार हो गया।
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मां की लॉरी सुन दर्द भूलकर सो गया बच्चा
हादसे के दौरान तीनों बच्चों को भी चोटें आई और इन्हें भी उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। इनमें 12 वर्षीय भव्य को गंभीर चोटें आई थी। प्राथमिक उपचार देने के बाद भी भव्य दर्द से कराहता रहा और उसकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। उसे दर्द से तड़पता देखकर उसकी मां अपना दर्द भूल गई और अपना उपचार बीच में ही छुड़वाकर भव्य के पास पहुंची और उसे अपने गले से लगा लिया। इस दौरान भव्य को उसकी मां ने लॉरी सुनाई तो वह दर्द भूलकर पांच मिनट में ही सो गया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में से कइयों की आंखों में मां की ममता देखकर पानी आ गया।
हादसा ट्रक को ओवरटेक करने के प्रयास में हुआ है। घायलों ने मौखिक या लिखित पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी है। सिविल अस्पताल से घायल परिवार कोई पुलिस कार्रवाई न करने की बात कहकर छुट्टी लेकर चला गया। अगर हमारे पास शिकायत आती है तो उसी अनुरूप कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- एएसआई जोंगेंद्र, अचीना ताल पुलिस चौकी प्रभारी
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चरखी दादरी। अचीना ताल पुलिस चौकी के समीप संतुलन बिगड़ने से वैगनार गाड़ी सड़क किनारे पलट गई। हादसे में कार सवार तीन बच्चों सहित आठ लोग घायल हो गए। हाइवे पेट्रोलिंग पुलिस टीम ने पीसीआर में घायलों को दादरी के सिविल अस्पताल पहुंचाया। सभी घायल भिवानी के रहने वाले हैं। घायल प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल से बिना कोई पुलिस कार्रवाई किए गए घर लौट गए। घायलों ने बताया कि वो शादी समारोह में शिरकत करने दादरी आए थे और यहां से बुधवार को नजफगढ़ जाने के लिए चले थे।
भिवानी निवासी सतप्रकाश अपनी बेटी रीना, आशा व असीमा सहित दामाद राजीव, बच्चे कार्मित, वासी व हिमांशु के साथ बुधवार को अपने भतीजी की शादी में शिरकत करने आए थे।
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घायल सतप्रकाश ने बताया कि वीरवार को वह अपनी बेटी आसीमा व दामाद राजीव को नजफगढ़ गाड़ी में छोड़ने के लिए जा रहे थे। अभी वो अचीना ताल चौक से निकले ही थे कि उन्होंने ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया तो ट्रक चालक ने उनकी तरफ साइड दबा दी। ट्रक को बचाने के प्रयास में कार चालक रीना अपना संतुलन खो बैठी और गाड़ी सड़क किनारे गड्ढ़ों में जाकर पलट गई। हादसे में वैगनार सवार सभी लोगों को चोटें आई और वहां पेट्रोलिंग कर रही पुलिस टीम ने घायलों को राहगीरों की मदद से बाहर निकाला और उपचार के लिए तुरंत सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। हादसे में कार्मित, भव्य व हिमांशु को गहरी चोटें आई। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायल छुट्टी लेकर बिना कोई पुलिस कार्रवाई किए घर चले गए। वहीं, हादसे के बाद ट्रक चालक बिना वाहन रोके मौके से फरार हो गया।
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मां की लॉरी सुन दर्द भूलकर सो गया बच्चा
हादसे के दौरान तीनों बच्चों को भी चोटें आई और इन्हें भी उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। इनमें 12 वर्षीय भव्य को गंभीर चोटें आई थी। प्राथमिक उपचार देने के बाद भी भव्य दर्द से कराहता रहा और उसकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। उसे दर्द से तड़पता देखकर उसकी मां अपना दर्द भूल गई और अपना उपचार बीच में ही छुड़वाकर भव्य के पास पहुंची और उसे अपने गले से लगा लिया। इस दौरान भव्य को उसकी मां ने लॉरी सुनाई तो वह दर्द भूलकर पांच मिनट में ही सो गया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में से कइयों की आंखों में मां की ममता देखकर पानी आ गया।
हादसा ट्रक को ओवरटेक करने के प्रयास में हुआ है। घायलों ने मौखिक या लिखित पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी है। सिविल अस्पताल से घायल परिवार कोई पुलिस कार्रवाई न करने की बात कहकर छुट्टी लेकर चला गया। अगर हमारे पास शिकायत आती है तो उसी अनुरूप कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- एएसआई जोंगेंद्र, अचीना ताल पुलिस चौकी प्रभारी