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मारपीट व छेडछाड़ के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मांगी रिपोर्ट
Updated Sun, 03 Sep 2017 01:39 AM IST
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मारपीट और छेड़छाड़ के मामले में आयोग ने मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
क्षेत्र के एक गांव में मारपीट और छेड़छाड़ का मामला दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पास पहुंच गया है। राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग ने उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक चरखी दादरी को पत्र भेजकर 15 दिन में मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है।
गांव निवासी लड़की ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली को शिकायत भेजी थी जिसमें उसने कुछ लोगों द्वारा अपनी छोटी बहन व परिजनों के साथ मारपीट करने की बात लिखी थी। शिकायतकर्ता ने आयोग के समक्ष बताया कि पुलिस ने 18 जुलाई को थाने में मामला दर्ज किया गया था लेकिन पुलिस की ओर से उन पर समझौते करने का दबाव बनाया गया। लड़की का आरोप है कि उसके परिजनों को जातिसूचक शब्द कहे गए तथा जान से मारने की भी धमकी गई थी। इस बारे में मुख्यमंत्री को भी शिकायत की गई थी लेकिन मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई। पीड़िता का शिकायत में कहना है कि अब उसका स्कूल आना- जाना भी बंद हो गया है। पीड़िता ने इस संबंध में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। लड़की की शिकायत पर अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से अनुसंधान अधिकारी ने उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक चरखी दादरी से मामले में की गई अब तक की कार्यवाही व जांच रिपोर्ट 15 दिन में मांगी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
क्षेत्र के एक गांव में मारपीट और छेड़छाड़ का मामला दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पास पहुंच गया है। राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग ने उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक चरखी दादरी को पत्र भेजकर 15 दिन में मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है।
गांव निवासी लड़की ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली को शिकायत भेजी थी जिसमें उसने कुछ लोगों द्वारा अपनी छोटी बहन व परिजनों के साथ मारपीट करने की बात लिखी थी। शिकायतकर्ता ने आयोग के समक्ष बताया कि पुलिस ने 18 जुलाई को थाने में मामला दर्ज किया गया था लेकिन पुलिस की ओर से उन पर समझौते करने का दबाव बनाया गया। लड़की का आरोप है कि उसके परिजनों को जातिसूचक शब्द कहे गए तथा जान से मारने की भी धमकी गई थी। इस बारे में मुख्यमंत्री को भी शिकायत की गई थी लेकिन मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई। पीड़िता का शिकायत में कहना है कि अब उसका स्कूल आना- जाना भी बंद हो गया है। पीड़िता ने इस संबंध में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। लड़की की शिकायत पर अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से अनुसंधान अधिकारी ने उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक चरखी दादरी से मामले में की गई अब तक की कार्यवाही व जांच रिपोर्ट 15 दिन में मांगी है।
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