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चलती बस में छात्रा से कंडक्टर ने किया दुव्र्यवहार, रोष

Sat, 19 May 2018 01:56 AM IST
Updated Sat, 19 May 2018 01:56 AM IST
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चलती बस में छात्रा से कंडक्टर ने किया दुव्र्यवहार, रोष
अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
निजी बस संचालक सरकार के आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। अधिकांश निजी बसों में रियायती सूचना संबंधी बोर्ड लगाना तो दूर, पास धारक यात्रियों के साथ भी गलत व्यवहार किया जा रहा है। शुक्रवार की सुबह भी झज्जर-बहादुरगढ़ रूट पर चलने वाली एक बस में खरमाण निवासी छात्रा के साथ परिचालक ने दुर्व्यवहार किया और पास अमान्य कर उसे बस से नीचे उतारने का प्रयास किया। इस घटना से आहत छात्रा ने बहादुरगढ़ बस अड्डा अधीक्षक को शिकायत देकर उक्त बस व परिचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ये है मामला
दरअसल, गांव खरमाण की निवासी काजल बहादुरगढ़ में पढ़ती है। आने-जाने के लिए उसने स्टूडेंट पास बनवा रखा है। रोजमर्रा की तरह शुक्रवार को भी वह बहादुरगढ़ जा रही थी। दुल्हेड़ा से वह एक निजी बस में चढ़ी। कुछ दूर चलने के बाद कंडक्टर ने टिकट के लिए कहा तो काजल ने अपना पास दिखा दिया। कंडक्टर ने उक्त पास को मानने से इंकार किया तो विवाद हो गया। बकौल काजल के, पास दिखाने के बावजूद भी कंडक्टर ने किराया मांगा। फिर बोला यह पास इस बस में नहीं चलेगा। यह घर की बस है, हरियाणा रोडवेज की बस नहीं। इसमें सफर करना है तो टिकट लेनी होगी। कंडक्टर ने उससे दुर्व्यवहार किया और बस सेे नीचे उतारने की धमकी देने लगा। मगर यात्रियों के हस्तक्षेप के कारण वह बस से नहीं उतार पाया।
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एसएस को दी शिकायत
कंडक्टर के व्यवहार से आहत छात्रा बहादुरगढ़ डिपो में बस अड्डा अधीक्षक किरोड़ीमल से मिली। यहां उसने लिखित में शिकायत देकर बस व उसके कंडक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। छात्रा ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं। 15 मई को भी एक निजी बस कंडक्टर ने ऐसा ही व्यवहार किया था। बेशक सरकार छात्राओं के लिए मुफ्त यात्रा की योजना चला रही हो, मगर निजी बस संचालक छात्राओं को सुविधा देना तो दूर सभ्य व्यवहार भी नहीं करते। भरी बस में इस तरह के व्यवहार से छात्राओं को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। सरकार इस ओर ध्यान दें और आवश्यक कदम उठाए।
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होती रहती हैं ऐसी घटनाएं
छात्राओं व पास धारकों के साथ निजी बसों में इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। गत 14 मई को भी बेरी-बहादुरगढ़ रूट पर चलने वाली बस में छात्रा से दुर्व्यवहार किया गया था। उक्त छात्रा ने भी डिपो में शिकायत दी थी। कुछ दिनों पहले एक पूर्व सैनिक का भी पास अमान्य कर उसे बस से नीचे उतार दिया गया था। इस घटना पर रोडवेज कर्मियों ने भी नाराजगी जताई है। भगवान सिंह ने कहा कि निजी बस मालिक पहले तो सरकार से तमाम शर्तें मानने का हवाला देकर परमिट लेते हैं, बाद में यात्रियों को कोई सुविधा नहीं देते। ऐसे बस मालिकों को तो परमिट मिलने ही नहीं चाहिए।
बोर्ड भी नहीं लगाए
परिवहन नीति-2016 के तहत जिन निजी एवं सहकारी समिति की बसों को परमिट दिए गए हैं, उनमें रोडवेज बसों के समान यात्रियों को सुविधाएं देने का नियम है। नियमों के हिसाब से 30 श्रेणी के यात्रियों को बसों में नि:शुल्क यात्रा व 10 श्रेणी के यात्रियों को रियायत देने का प्रावधान है। मगर निजी बस संचालक इन नियमों का पालन नहीं कर रहे। यहां से लगभग 70 निजी बसें चलती हैं। जिनमें से आधे से अधिक बस संचालकों ने छूट एवं रियायती संबंधी पीले बोर्ड नहीं लगाए हैं। पास धारक यात्रियों को सुविधा देना तो दूर की बात है।

जल्द होगी कार्रवाई
छात्रा की शिकायत मिली है। इस शिकायत को जीएम एवं अन्य ऊपरी अधिकारियों को भेजा जाएगा। मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी।
-किरोड़ी मल
अड्डा अधीक्षक, बहादुरगढ़

सोमवार को लेंगे एक्शन : जसबीर
मीडिया के जरिये मामला उनके संज्ञान में आया है। वह मामले की जांच करेंगे। सोमवार को उक्त बस के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। रही बात निजी बस संचालकों की मनमानी की तो सरकारी आदेशों का तो इन्हें पालन करना ही होगा। जिन बसों में उक्त बोर्ड नहीं लगे हैं या पास धारक यात्रियों को सुविधा नहीं मिलती, वे बंद होंगी।
-जसबीर सिंह
ट्रांस्पोर्ट सब इंस्पेक्टर, बहादुरगढ़
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