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मिलावटी डीजल के खेल का आरोपी खाद्य आपूर्ति विभाग का इंस्पेक्टर गिरफ्तार, पेट्रोल पंप से लिए गए सैंपल भी आए फेल
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
समसपुर स्थित शहीद राजेंद्र सिंह फिलिंग स्टेशन पर चल रहे नकली डीजल के खेल में शामिल खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर को सदर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को चरखी दादरी कोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया गया। नकली डीजल के खेल में यह तीसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले पुलिस पंप संचालक सहित एक अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। फिलहाल इस मामले के दो आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने इंस्पेक्टर देवेंद्र दहिया का कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। फिलहाल उससे पूछताछ चल रही है। पुलिस थाने में मामला दर्ज होते ही खाद्य आपूर्ति विभाग अधिकारियों ने देवेंद्र दहिया को सस्पेंड कर दिया था।
सीएम कार्यालय के आदेशों पर 11 फरवरी की रात खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने शहीद राजेंद्र सिंह फिलिंग स्टेशन पर छापामारी की थी। इस दौरान टीम ने यहां टैंकों में खाली हो रहे एक टैंकर को भी पकड़ा था। इस संबंध में पेट्रोल पंप संचालक कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया था। वहीं, टैंकर चालक सोनू अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गया था। बाद में विभागीय टीम ने यहां से सैंपल लेकर इस पेट्रोल पंप को सील कर दिया जबकि संचालक सहित पांच के खिलाफ सदर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। चरखी दादरी सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में खरखौदा निवासी खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर देवेंद्र दहिया, पंप संचालक धर्मपाल, उसके बेटे अतुल, सेल्समैन कुलदीप और टैंकर चालक सोनू के खिलाफ ईसी (एस्सेंशियल कॉमोडिटी) एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों ने देवेंद्र दहिया को नकली डीजल मिक्सिंग के खेल का सरगना बताया था। इसके बाद से ही आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी। सदर थाना पुलिस ने देवेंद्र दहिया को वीरवार को कोर्ट परिसर से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ चल रही है और शनिवार सुबह पुलिस रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे दोबारा से कोर्ट में पेश करेगी। सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जगराम ने बताया कि दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी।
पेट्रोल पंप की सैंपल रिपोर्ट भी आई फेल
शहीद राजेंद्र सिंह फिलिंग स्टेशन से पुलिस ने जो टैंकर पकड़ा उसकी क्षमता 12 हजार लीटर थी। टैंकर से 4200 लीटर डीजल निकालकर अंडरग्राउंड टैंकों में डाला जा चुका था जबकि 7800 लीटर टैंकर में शेष था। खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने पेट्रोल पंप के अंडरग्राउंड टैंक व टैंकर से डीजल के सैंपल लिए थे। इस दौरान आईओसीएल कंपनी के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया था। खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम पेट्रोल पंप पर करीब 16 घंटे डेरा डाले रही थी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सैंपल रिपोर्ट कुछ दिन पहले ही आई है और इसमें सभी सैंपल फेल आए हैं।
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शहीद की पत्नी को लीज पर मिला था पेट्रोल पंप, था लीज पर
विभागीय टीम की जांच में सामने आया था कि यह पेट्रोल पंप युद्ध में शहादत पर अनुदान में दिया गया था। पंप मालिका सुशीला देवी ने यह एमसी कॉलोनी निवासी धर्मपाल को लीज पर दे रखा था। इस पेट्रोल पंप को धर्मपाल व उसका बेटा अतुल ही संभाल रहे थे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार अनुदान में मिले पेट्रोल पंप को लीज पर देना गलत है।
लाखों का नकली तेल भेजता था देवेंद्र दहिया
पुलिस गिरफ्त में आए सेल्समैन कुलदीप व पेट्रोल पंप संचालक ने बताया था कि उनके यहां नकली डीजल खरखौदा निवासी इंस्पेक्टर देवेंद्र दहिया भेजता था। इस डीजल को टैंकों में मिलाकर ग्राहकों को बेचते थे। पुलिस ने जो टैंकर पकड़ा था उससे भी करीब पांच लाख का डीजल बरामद हुआ था। वहीं, पुलिस सूत्रों की मानें तो देवेंद्र दहिया पर इस तरह का और भी मामला दर्ज है।
आरोपी देवेंद्र दहिया को हमने वीरवार को चरखी दादरी कोर्ट परिसर से गिरफ्तार कर लिया। उसे दो दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ चल रही है। शनिवार को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे दोबारा हम कोर्ट में पेश करेंगे। इस मामले में अभी दो गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं।
इंस्पेक्टर जगराम, सदर थाना प्रभारी
पेट्रोल पंप के अंडरग्राउंड टैंकों व टैंकर से जो सैंपल हमने लिए थे उनकी रिपोर्ट कुछ दिन पहले ही आ चुकी है। सभी सैंपल फेल पाए गए हैं। हम विभाग के इंस्पेक्टर सहित पांच के खिलाफ ईसी एक्ट के तहत केस दर्ज कराने के साथ-साथ पेट्रोल पंप को पहले ही सील कर चुके हैं।
अनिल कुमार, डीएफएससी, खाद्य आपूर्ति विभाग
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चरखी दादरी।
समसपुर स्थित शहीद राजेंद्र सिंह फिलिंग स्टेशन पर चल रहे नकली डीजल के खेल में शामिल खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर को सदर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को चरखी दादरी कोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया गया। नकली डीजल के खेल में यह तीसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले पुलिस पंप संचालक सहित एक अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। फिलहाल इस मामले के दो आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने इंस्पेक्टर देवेंद्र दहिया का कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। फिलहाल उससे पूछताछ चल रही है। पुलिस थाने में मामला दर्ज होते ही खाद्य आपूर्ति विभाग अधिकारियों ने देवेंद्र दहिया को सस्पेंड कर दिया था।
सीएम कार्यालय के आदेशों पर 11 फरवरी की रात खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने शहीद राजेंद्र सिंह फिलिंग स्टेशन पर छापामारी की थी। इस दौरान टीम ने यहां टैंकों में खाली हो रहे एक टैंकर को भी पकड़ा था। इस संबंध में पेट्रोल पंप संचालक कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया था। वहीं, टैंकर चालक सोनू अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गया था। बाद में विभागीय टीम ने यहां से सैंपल लेकर इस पेट्रोल पंप को सील कर दिया जबकि संचालक सहित पांच के खिलाफ सदर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। चरखी दादरी सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में खरखौदा निवासी खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर देवेंद्र दहिया, पंप संचालक धर्मपाल, उसके बेटे अतुल, सेल्समैन कुलदीप और टैंकर चालक सोनू के खिलाफ ईसी (एस्सेंशियल कॉमोडिटी) एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों ने देवेंद्र दहिया को नकली डीजल मिक्सिंग के खेल का सरगना बताया था। इसके बाद से ही आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी। सदर थाना पुलिस ने देवेंद्र दहिया को वीरवार को कोर्ट परिसर से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ चल रही है और शनिवार सुबह पुलिस रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे दोबारा से कोर्ट में पेश करेगी। सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जगराम ने बताया कि दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी।
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पेट्रोल पंप की सैंपल रिपोर्ट भी आई फेल
शहीद राजेंद्र सिंह फिलिंग स्टेशन से पुलिस ने जो टैंकर पकड़ा उसकी क्षमता 12 हजार लीटर थी। टैंकर से 4200 लीटर डीजल निकालकर अंडरग्राउंड टैंकों में डाला जा चुका था जबकि 7800 लीटर टैंकर में शेष था। खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने पेट्रोल पंप के अंडरग्राउंड टैंक व टैंकर से डीजल के सैंपल लिए थे। इस दौरान आईओसीएल कंपनी के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया था। खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम पेट्रोल पंप पर करीब 16 घंटे डेरा डाले रही थी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सैंपल रिपोर्ट कुछ दिन पहले ही आई है और इसमें सभी सैंपल फेल आए हैं।
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शहीद की पत्नी को लीज पर मिला था पेट्रोल पंप, था लीज पर
विभागीय टीम की जांच में सामने आया था कि यह पेट्रोल पंप युद्ध में शहादत पर अनुदान में दिया गया था। पंप मालिका सुशीला देवी ने यह एमसी कॉलोनी निवासी धर्मपाल को लीज पर दे रखा था। इस पेट्रोल पंप को धर्मपाल व उसका बेटा अतुल ही संभाल रहे थे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार अनुदान में मिले पेट्रोल पंप को लीज पर देना गलत है।
लाखों का नकली तेल भेजता था देवेंद्र दहिया
पुलिस गिरफ्त में आए सेल्समैन कुलदीप व पेट्रोल पंप संचालक ने बताया था कि उनके यहां नकली डीजल खरखौदा निवासी इंस्पेक्टर देवेंद्र दहिया भेजता था। इस डीजल को टैंकों में मिलाकर ग्राहकों को बेचते थे। पुलिस ने जो टैंकर पकड़ा था उससे भी करीब पांच लाख का डीजल बरामद हुआ था। वहीं, पुलिस सूत्रों की मानें तो देवेंद्र दहिया पर इस तरह का और भी मामला दर्ज है।
आरोपी देवेंद्र दहिया को हमने वीरवार को चरखी दादरी कोर्ट परिसर से गिरफ्तार कर लिया। उसे दो दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ चल रही है। शनिवार को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे दोबारा हम कोर्ट में पेश करेंगे। इस मामले में अभी दो गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं।
इंस्पेक्टर जगराम, सदर थाना प्रभारी
पेट्रोल पंप के अंडरग्राउंड टैंकों व टैंकर से जो सैंपल हमने लिए थे उनकी रिपोर्ट कुछ दिन पहले ही आ चुकी है। सभी सैंपल फेल पाए गए हैं। हम विभाग के इंस्पेक्टर सहित पांच के खिलाफ ईसी एक्ट के तहत केस दर्ज कराने के साथ-साथ पेट्रोल पंप को पहले ही सील कर चुके हैं।
अनिल कुमार, डीएफएससी, खाद्य आपूर्ति विभाग