{"_id":"5e72706b8ebc3e78ad174303","slug":"corona-virus-jhjhar-news-rtk5474660121","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना वायरस : सरकारी कार्यालयों के बाथरूमों में नहीं हैंड सेनेटाइजर, हर रोज आते हैं सैंकड़ों लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना वायरस : सरकारी कार्यालयों के बाथरूमों में नहीं हैंड सेनेटाइजर, हर रोज आते हैं सैंकड़ों लोग
विज्ञापन
लघु सचिवालय के बाथरूम में हैंड सेनेटाइजर तो दूर, साबून तक नहीं व टूटी पड़ी पानी की पाइप।
- फोटो : Jhjhar
कोरोना को लेकर एक तरफ जिला प्रशासन एडवाइजरी जारी कर लोगों सजग रहने के बारे में जानकारी दे रहा है। सरकार व जिला प्रशासन के द्वारा के सभी विभागों में कोरोना को लेकर किसी न किसी तरह के हिदायतें जारी कर दी हैं। लेकिन इन पर असर काफी कम हो रहा है। शहर में ही नहीं, बल्कि सरकारी कार्यालयों में भी इसका असर काफी कम हो रहा है। जिला सचिवालय व अन्य विभागों में बने शौचालय में सेनेटाइजर की बात दूर हाथ धोने के लिए साबुन तक नहीं है। जिला मुख्यालयों पर तकरीबन विभागों में बने शौचालयों की हालत खस्ता हैं। कई विभागों के शौचालयों में सेनेटाइजर व साबुन तो दूर की बात पानी की आपूर्ति के पाइप तक टूटे पड़े हैं। जिससे अलग-अलग विभागों में आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कोरोना को लेकर हर दिन आते है नए नोटिफिकेशन
जिला प्रशासन कि ओर से किसी ने किसी विभाग के द्वारा जागरूकता कार्यक्रम किए जाते हैं। लेकिन वहीं विभाग के ऑफिस की बात करें तो वहां पर शौचालयों में साबुन तक उपलब्ध नहीं है। इस बात से पता चलता है विभाग केवल हवा में ही बातें कर रहे हैं। लेकिन धरातल पर नजारा कुछ और ही है।
इन विभागों केे शौचालय की हालत है खस्ता
लघु सचिवालय में शौचालयों की हालत इतनी खस्ता है कि यहां पर कुछ शौचालयों में हाथ धोने के पानी का कनेक्शन ही नहीं है। वहीं कुछ में पानी की व्यवस्था है, तो उनमें हाथ धोने व संक्रमण से बचाने के लिए न तो सेनेटाइजर और न ही साबुन की व्यवस्था है। सचिवालय में कार्य कर रहे कर्मचारी व लोगों बिना हाथ धोए अपने कामों में लग जाते हैं। वहीं विभागों में आरओ सिस्टम भी खराब पड़े हुए हैं। टंकियों केे जरिये सीधे वाटर कूलर में पानी आता है। इन टंकियों की सफाई भी होती है या नहीं ये देखने वाला कोई नहीं है। पहले भी नागरिक अस्पताल में इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा है।
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल को भी इलाज की दरकार
जिला मुख्यालय पर स्थित नागरिक अस्पताल में शौचालयों की हालात सबसे ज्यादा खराब है। जहां पर लोग अपने इलाज केे लिए आते। लेकिन हालात ऐसे है कि नागरिक अस्पताल को ही इलाज की आवश्यकता है। क्योंकि नागरिक अस्पताल के भवन में शौचालायों में पानी सप्लाई करने वाले पाइप ही टूटे हुए हैं। जिससे शौचालयों में पानी नहीं पहुंच पाता है। वहीं एक दो जगह शौचालयों में ताले लटके हुए हैं। कुछ में हाथ धोने के लिए वॉस वेसन तक नहीं है। इससे यह पता चलता है कि नागरिक अस्पताल में बैठे अधिकारी जनता के हित में कितना सोचते हैं।
बस स्टैंड परिसर में भी नहीं है उचित व्यवस्था
राज्य के सबसे बड़े बस स्टैंड में कोई खास इंतजाम नहीं किए गए है। यहां पर दिन भर में हजारों लोग अपने गंतव्य की तरफ जाते है। यहां पर पीने के पानी व शौचालयों की व्यवस्था काफी खराब है। यहां पर अक्सर पानी की किल्लत से यात्रियों को जुझना पड़ता है।
मामला मेरे संज्ञान में आया है। संबंधित विभागों को कहा जाएगा और व्यवस्था करवाई जाएगी।
- जितेंद्र कुमार, डीसी, झज्जर।
विज्ञापन
कोरोना को लेकर हर दिन आते है नए नोटिफिकेशन
जिला प्रशासन कि ओर से किसी ने किसी विभाग के द्वारा जागरूकता कार्यक्रम किए जाते हैं। लेकिन वहीं विभाग के ऑफिस की बात करें तो वहां पर शौचालयों में साबुन तक उपलब्ध नहीं है। इस बात से पता चलता है विभाग केवल हवा में ही बातें कर रहे हैं। लेकिन धरातल पर नजारा कुछ और ही है।
विज्ञापन
इन विभागों केे शौचालय की हालत है खस्ता
लघु सचिवालय में शौचालयों की हालत इतनी खस्ता है कि यहां पर कुछ शौचालयों में हाथ धोने के पानी का कनेक्शन ही नहीं है। वहीं कुछ में पानी की व्यवस्था है, तो उनमें हाथ धोने व संक्रमण से बचाने के लिए न तो सेनेटाइजर और न ही साबुन की व्यवस्था है। सचिवालय में कार्य कर रहे कर्मचारी व लोगों बिना हाथ धोए अपने कामों में लग जाते हैं। वहीं विभागों में आरओ सिस्टम भी खराब पड़े हुए हैं। टंकियों केे जरिये सीधे वाटर कूलर में पानी आता है। इन टंकियों की सफाई भी होती है या नहीं ये देखने वाला कोई नहीं है। पहले भी नागरिक अस्पताल में इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा है।
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल को भी इलाज की दरकार
जिला मुख्यालय पर स्थित नागरिक अस्पताल में शौचालयों की हालात सबसे ज्यादा खराब है। जहां पर लोग अपने इलाज केे लिए आते। लेकिन हालात ऐसे है कि नागरिक अस्पताल को ही इलाज की आवश्यकता है। क्योंकि नागरिक अस्पताल के भवन में शौचालायों में पानी सप्लाई करने वाले पाइप ही टूटे हुए हैं। जिससे शौचालयों में पानी नहीं पहुंच पाता है। वहीं एक दो जगह शौचालयों में ताले लटके हुए हैं। कुछ में हाथ धोने के लिए वॉस वेसन तक नहीं है। इससे यह पता चलता है कि नागरिक अस्पताल में बैठे अधिकारी जनता के हित में कितना सोचते हैं।
बस स्टैंड परिसर में भी नहीं है उचित व्यवस्था
राज्य के सबसे बड़े बस स्टैंड में कोई खास इंतजाम नहीं किए गए है। यहां पर दिन भर में हजारों लोग अपने गंतव्य की तरफ जाते है। यहां पर पीने के पानी व शौचालयों की व्यवस्था काफी खराब है। यहां पर अक्सर पानी की किल्लत से यात्रियों को जुझना पड़ता है।
मामला मेरे संज्ञान में आया है। संबंधित विभागों को कहा जाएगा और व्यवस्था करवाई जाएगी।
- जितेंद्र कुमार, डीसी, झज्जर।