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Jhajjar-Bahadurgarh News: सीएम विंडो पर भेजी शिकायत, चिकित्सा अधिकारी व एक कर्मचारी पर लगाए रिश्वत के आरोप
Thu, 30 Mar 2023 12:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 30 Mar 2023 12:38 AM IST
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झज्जर। मातनहेल गांव में स्थित सामान्य अस्पताल में वर्ष 2021 में सरकार के प्रतिबंध के बाद भी अधिकारियों ने 54 कर्मचारियों को नियुक्ति दे दी। विभाग की तरफ से नियुक्ति के लिए पत्र पर कटिंग कर बैक डेट में नियुक्ति देने का आरोप एक कर्मचारी ने लगाया है। वहीं बिना पोस्ट के रिश्वत लेकर कारपेंटर के पद पर नियुक्ति देने का आरोप भी एक चिकित्सा अधिकारी व जमालपुर सीएचसी में कार्यरत कर्मचारी पर लगाए गए हैं। जब कौशल रोजगार के लिए पोर्टल पर नाम नहीं चढ़ाया तो मामले की शिकायत उसने सीएम विंडो पर की है। सीएम विंडो से मामला जांच के लिए एसपी झज्जर को भेजा गया है।
13 मार्च को हमायुपुर गांव निवासी अनिल पुत्र मांगे राम ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में आरोप लगाया कि सरकार की तरफ से 28 सितंबर 2021 को पत्र जारी कर ठेके के आधार पर कर्मचारी लगाने पर रोक लगा दी थी। उसके बाद सामान्य अस्पताल मातनहेल में एजेंसी के माध्यम से 54 कर्मचारी 30 सिंतबर 2021 को पत्र नंबर ऑट सोर्सिंग-21- 805 के माध्यम से नियुक्ति दी गई है। उसके बाद सरकार के पत्र का पता चला तो कटिंग कर पत्र का डायरी नंबर 800 कर दिया 28 सिंतबर 2021 कर दिया गया है। अनिल कुमार ने आरोप लगाया है कि मातनहेल सीएसची में कार्यरत कर्मचारी ने कारपेंटर के पद पर नियुक्ति के लिए सिविल सर्जन कार्यालय में कार्यरत महिला चिकित्सा अधिकारी के बारे में कहा कि वे उसे डेढ़ लाख रुपये में नियुक्ति दे देंगी। उसका कहना है कि उस समय उसने डेढ़ लाख रुपये दे दिए और कुछ समय तक इस पद पर उसने काम भी किया। जब उन्हें पता चला कि कारपेंटर का पद नहीं है तो उससे 90 हजार रुपये लेकर उसे वार्ड सर्वेंट के पद पर नियुक्ति कर दिया। उसने यह राशि देकर इस पर पर भी काम किया है। उसका आरोप है कि जब कौशल रोजगार योजना के तहत पोर्टल पर कर्मचारियों की जानकारी अपलोड करने की बारी आई तो उन्होंने बाकी कर्मचारियों की जानकारी एक अप्रैल 2022 को अपलोड कर दी और उसकी जानकारी 19 अप्रैल को अपलोड कर उसे नियुक्ति देने से इंकार कर दिया। उसका कहना है कारपेंटर के पद पर तीन माह व वार्ड सर्वेंट के पर पर दो माह कार्य किया है, लेकिन इसका वेतन भी उसे नहीं दिया गया है। उसने मुख्यमंत्री से मामले की जांच की मांग की है।
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- वर्जन
हमारे पास इस संबंध में शिकायत नहीं आई है। यह मामला मेरे यहां आने से पहले का है। अगर शिकायत आई तो इसकी जांच की जाएगी।
- डॉ ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर।
अभी यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर सीएम विंडो से शिकायत आई है तो इसकी गहनता से जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- वसीम अकरम, एसपी, झज्जर।