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रिश्तेदारियों को ढाल बनाकर मांग रहे वोट
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़
Updated Thu, 07 Jan 2016 01:45 AM IST
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गांव की चौधर को पाने के लिए चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशी व उनके समर्थक कामधंधा छोड़कर एक-एक वोट के लिए एड़ीचोटी का जोर लगा रहे हैं। मतदान के चार दिन बचे हैं ऐसे में लोग वोटों का अपने-अपने पक्ष में होने को लेकर आंकलन तक करने लगे हैं। गांव के हर गली मोहल्लों, चौक चौराहों व चौपालों में जहां देखों वहां चुनाव की ही चर्चा हो रही है। दूसरे कामों को लोग कुछ दिन के लिए लटका रहे हैं।
बहादुरगढ़ ब्लॉक में पंचायती राज चुनाव प्रथम चरण में हो रहा है। मतदान 10 जनवरी को होगा। ऐसे में बुधवार सहित चुनाव प्रचार के लिए तीन ही दिन बचे हैं। प्रत्याशियों ने वोट को गुणा भाग कर हर घर की दहलीज पर कदम रखने शुरू कर दिए हैं। महिलाओं के समक्ष हाथ जोड़कर जीत सुनिश्चित करवाने के लिए अपनी ओर से भरसक प्रयास में जुटे हैं। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे ही चुनाव प्रचार ने भी गति पकड़ ली है। युवाओं से लेकर बुजुर्ग प्रत्याशी तक गांव के विकास को लेकर तवज्जो देने की बात कह रहे हैं तो युवाओं को रोजगार के साधन मुहैया करवाने तक के वायदे करने से भी पीछे नहीं हट रहे।
हर तरह के हथकंडों को वे अपना रहे हैं ताकि वे इस चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी को कड़ी शिकस्त देकर गांव की चौधर पर कब्जा जमा सके।
पहुंच रहे रिश्तेदारों के घरों तक
पंचायती राज चुनाव को लेकर गांव के समीकरण बिल्कुल बदले-बदले नजर आ रहे हैं। जहां देखो वहीं चुनावी सरगर्मियां ही दिखाई देती हैं। पोस्टरों, पंफ्लेट, बैनरों से गांव अटे पड़े हैं। अंदर ही अंदर प्रत्याशी खूब पैसा भी खर्च कर रहे हैं। अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए इच्छुक उम्मीदवार रिश्तेदारियों को भी खंगाल रहे हैं। परिचित की किसी गांव में कोई रिश्तेदारी है तो उनकी मदद लेकर वोट मांगी जा रही है। हर कोई अपने स्तर पर वोट पाने के लिए हथकंडे अपना रहा है।
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दिल्ली में भी सुगबुगाहट
दिल्ली से झज्जर जिला बिल्कुल सटा हुआ है। प्रथम चरण में बहादुरगढ़ में चुनाव हो रहे हैं तो इसकी सुगबुगाहट दिल्ली तक पहुंच रही है। दिल्ली के लोग अपने-अपने समर्थकों, रिश्तेदारों के घर दस्तक दे रहे हैं और गांव के विकास व सुविधाओं के नाम पर वोट भी मांग रहे हैं। बहादुरगढ़ के आसपास के गांवों से जो व्यक्ति रोजगार, व्यवसाय व अन्य काम धंधे के लिए दिल्ली में जाकर रहने लगा है उनमें से भी अधिकांश लोग समय मिलते ही चौधर चुनाव में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
पियक्कड़ों की मौज
चुनाव में शराब का भी अंदर ही अंदर खेल खेला जा रहा है। पियक्कड़ों की भी खूब मौज हो रही है। हर किसी उम्मीदवार से वे अपना कई दिन का कोटा इक्ट्ठा कर लेते हैं। जैसे ही यह खत्म हो जाता है फिर से अपने खास दोस्तों व परिचितों के माध्यम से अपनी महफिलें सजा लेते हैं। शाम ढलते ही अनेक लोग नशे की हालत में दिखाई देते हैं। ऐसे में जिन गांवों में शराब को लेकर ज्यादा जोर दिया जा रहा है वहां की महिलाओं में अंदर ही अंदर प्रत्याशियों के प्रति रोष भी दिख रहा है।
सोशल साइट का सहारा
अबकी बार चुनाव प्रचार भी हाईटेक हो गया है। पढ़े-लिखे जो उम्मीदवार गांव की चौधर को पाने के लिए किस्मत आजमा रहे हैं वे सोशल साइट का सहारा लेने से भी नहीं चूक रहे। फेसबुक, वाट्सएप, मैसेज सहित अन्य हाईटेक माध्यमों से अपने प्रचार को गांव के हर व्यक्ति व घर तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
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बहादुरगढ़ ब्लॉक में पंचायती राज चुनाव प्रथम चरण में हो रहा है। मतदान 10 जनवरी को होगा। ऐसे में बुधवार सहित चुनाव प्रचार के लिए तीन ही दिन बचे हैं। प्रत्याशियों ने वोट को गुणा भाग कर हर घर की दहलीज पर कदम रखने शुरू कर दिए हैं। महिलाओं के समक्ष हाथ जोड़कर जीत सुनिश्चित करवाने के लिए अपनी ओर से भरसक प्रयास में जुटे हैं। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे ही चुनाव प्रचार ने भी गति पकड़ ली है। युवाओं से लेकर बुजुर्ग प्रत्याशी तक गांव के विकास को लेकर तवज्जो देने की बात कह रहे हैं तो युवाओं को रोजगार के साधन मुहैया करवाने तक के वायदे करने से भी पीछे नहीं हट रहे।
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हर तरह के हथकंडों को वे अपना रहे हैं ताकि वे इस चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी को कड़ी शिकस्त देकर गांव की चौधर पर कब्जा जमा सके।
पहुंच रहे रिश्तेदारों के घरों तक
पंचायती राज चुनाव को लेकर गांव के समीकरण बिल्कुल बदले-बदले नजर आ रहे हैं। जहां देखो वहीं चुनावी सरगर्मियां ही दिखाई देती हैं। पोस्टरों, पंफ्लेट, बैनरों से गांव अटे पड़े हैं। अंदर ही अंदर प्रत्याशी खूब पैसा भी खर्च कर रहे हैं। अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए इच्छुक उम्मीदवार रिश्तेदारियों को भी खंगाल रहे हैं। परिचित की किसी गांव में कोई रिश्तेदारी है तो उनकी मदद लेकर वोट मांगी जा रही है। हर कोई अपने स्तर पर वोट पाने के लिए हथकंडे अपना रहा है।
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दिल्ली में भी सुगबुगाहट
दिल्ली से झज्जर जिला बिल्कुल सटा हुआ है। प्रथम चरण में बहादुरगढ़ में चुनाव हो रहे हैं तो इसकी सुगबुगाहट दिल्ली तक पहुंच रही है। दिल्ली के लोग अपने-अपने समर्थकों, रिश्तेदारों के घर दस्तक दे रहे हैं और गांव के विकास व सुविधाओं के नाम पर वोट भी मांग रहे हैं। बहादुरगढ़ के आसपास के गांवों से जो व्यक्ति रोजगार, व्यवसाय व अन्य काम धंधे के लिए दिल्ली में जाकर रहने लगा है उनमें से भी अधिकांश लोग समय मिलते ही चौधर चुनाव में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
पियक्कड़ों की मौज
चुनाव में शराब का भी अंदर ही अंदर खेल खेला जा रहा है। पियक्कड़ों की भी खूब मौज हो रही है। हर किसी उम्मीदवार से वे अपना कई दिन का कोटा इक्ट्ठा कर लेते हैं। जैसे ही यह खत्म हो जाता है फिर से अपने खास दोस्तों व परिचितों के माध्यम से अपनी महफिलें सजा लेते हैं। शाम ढलते ही अनेक लोग नशे की हालत में दिखाई देते हैं। ऐसे में जिन गांवों में शराब को लेकर ज्यादा जोर दिया जा रहा है वहां की महिलाओं में अंदर ही अंदर प्रत्याशियों के प्रति रोष भी दिख रहा है।
सोशल साइट का सहारा
अबकी बार चुनाव प्रचार भी हाईटेक हो गया है। पढ़े-लिखे जो उम्मीदवार गांव की चौधर को पाने के लिए किस्मत आजमा रहे हैं वे सोशल साइट का सहारा लेने से भी नहीं चूक रहे। फेसबुक, वाट्सएप, मैसेज सहित अन्य हाईटेक माध्यमों से अपने प्रचार को गांव के हर व्यक्ति व घर तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।