बामडोला के सरपंच की हत्या, बाईपास जाम
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बामडोला गांव के सरपंच ब्रजभूषण की रविवार देर रात हत्या कर दी गई। सरपंच का शव गुढ़ा बाईपास पर पड़ा मिला। शव का पोस्टमार्टम सोमवार शाम तक नहीं किए जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने सिविल अस्पताल के पीछे बाईपास पर जाम लगा दिया।
लोगों के जाम लगाए जाने के आधे घंटे बाद डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया गया। परिजनों की शिकायत पर गांव के ही एक युवक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम छापेमारी कर रही हैं।
बामडोला निवासी भारत भूषण ने बताया कि उसका भाई गांव का सरपंच ब्रजभूषण रविवार शाम लगभग पांच बजे घर से निकला था। उसके बाद जब वह देर रात तक घर नहीं आया तो उसकी पत्नी ने सरपंच के पास फोन किया।
फोन पर एक व्यक्ति ने कहा कि अभी लाइट नहीं है। कुछ देर बाद वह घर आ जाएगा। इस पर सरपंच की पत्नी निश्चिंत होकर सो गई। रात लगभग डेढ़ बजे ब्रजभूषण का शव गुढ़ा बाईपास पर पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे।
शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवाया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गांव के ही रजनीश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पोस्टमार्टम को टालते रहे डॉक्टर, आक्रोशित हुए ग्रामीण
सरपंच के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजन और ग्रामीण अल सुबह ही सिविल अस्पताल पहुंच गए थे। पुलिस जांच में इसे सड़क दुर्घटना मान रही थी। मगर परिजनों की शिकायत के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। शाम 4 बजे तक चिकित्सक कोई न कोई बात कहकर पोस्टमार्टम को टालते रहे।
इससे गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सिविल अस्पताल के पीछे बाईपास पर जाम लगा दिया। आधे घंटे के जाम के दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग र्गईं। लोगों ने सरकार और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम के दौरान वहां से निकलने का प्रयास कर रहे कुछ वाहन चालकों के वाहन की चाबी भी ग्रामीणों ने निकाल ली।
सिर पर गहरी चोट के निशान
जिस स्थित में सरपंच का शव पड़ा हुआ था, उस से साफ जाहिर हो रहा था कि वह दुर्घटना में नहीं मरा, बल्कि उसकी हत्या की गई है। सरपंच ब्रजभूषण के सिर पर गहरी चोट थी।
सिर के अलावा शरीर के किसी भी हिस्से पर चोट का कोई भी निशान नहीं था। अगर बाइक दुर्घटनाग्रस्त होती तो निश्चित रूप से शरीर पर और भी चोटें आतीं। सिर पर लगी चोट पर 10-10 रुपये के चार नोट भी चिपके हुए थे। ये भी मामले को संदिग्ध बना रहे हैं।
ब्रजभूषण की बाइक का भी केवल एक इंडीकेटर व एक शीशा ही टूटा हुआ था। किसी भी वाहन की टक्कर लगने पर बाइक भी ज्यादा क्षतिग्रस्त होती। ब्रजभूषण के शव के पास ही उसके स्लीपर रखे हुए थे। उन्हें देखकर लग रहा था कि उन्हें वहीं पर निकाला गया है। यह स्थिति इशारा करती है कि ब्रजभूषण की हत्या की गई है।
जैसे ही लोगों ने सड़क पर जाम लगाया तो अस्पताल प्रशासन ने तुरंत तीन डॉक्टरों के बोर्ड का गठन किया और शव का पोस्टमार्टम कराया गया। किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो या चूक न हो, इसके लिए पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी की गई।
जाम लगा रहे लोगों को सदर थाना प्रभारी अशोक दहिया ने आश्वासन दिया कि वो मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे। उसके बाद ही ग्रामीण जाम खोलने के लिए राजी हुए।
परिजनों की शिकायत के आधार पर गांव बामडोला निवासी रजनीश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच के बाद ही पूरी हकीकत सामने आएगी। -अशोक दहिया, प्रभारी, सदर थाना