केंद्र और प्रदेश सरकार किसान आंदोलन को भटकाने के लिए एसवाईएल के मुद्दे की राजनीति करने में जुट गई है, जबकि तीन साल से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के साथ भी हरियाणा को पानी दिलवाने में भाजपा सरकार विफल साबित हो चुकी है। यह बात राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने ढांसा बार्डर पर किसानों को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा का किसान एकजुट हैं। सरकार दोनों के बीच फूट डालने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना किसी मांग के कोरोना काल में कृषि संबंधी तीन कानून बनाकर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का काम किया है। कानून को लेकर किसानों की कोई मांग नहीं रही है, लेकिन सरकार ने बिना मांगे ही ऐसा कानून बना दिया, जिससे किसान के साथ साथ गरीब परिवारों को भी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि एसवाईएल को मुद्दा बहुत पुराना है, लेकिन कभी भी भाजपा ने मुद्दे पर किसानों के हित में काम नहीं किया है। अब किसानों की मांगों को दबाने और दोनों राज्यों के किसानों के बीच तकरार बढ़ाने के लिए भाजपा सांसद काम करने में लगे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि समय की नजाकत को देखते हुए तीनों कानूनों को निरस्त करे। इस अवसर पर गुलिया खाप प्रधान विनोद गुलिया ने सांसद हुड्डा का आभार प्रकट किया। विधायक कुलदीप वत्स के भाई ईश्वर वत्स, जिला पार्षद मामन ठेकेदार, चेत्तानंद बाढ़सा, सरजीत जहांगीरपुर, सतबीर गुलिया, नरसिंह फौजी, मनराज लाडपुर और मुरारी सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।