फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   नवगठित जिले में सरकारी जमीन काफी है, एक्वायर करने की नहीं पड़ेगी जरूरत: सीएम

नवगठित जिले में सरकारी जमीन काफी है, एक्वायर करने की नहीं पड़ेगी जरूरत: सीएम

Sun, 15 Oct 2017 12:47 AM IST
Updated Sun, 15 Oct 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
नवगठित जिले में सरकारी जमीन काफी है, एक्वायर करने की नहीं पड़ेगी जरूरत: सीएम
सरकारी जमीन काफी है, एक्वायर करने की नहीं पड़ेगी जरूरत: सीएम
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि दादरी जिले की जो भी आवश्यकताएं हैं, उन सभी को पूरा किया जाएगा। जिले का आधारभूत ढांचा खड़ा करने के लिए मुख्य सचिव की निगरानी में सभी विभागों के कार्यालय जल्दी ही यहां पर स्थापित कर दिए जाएंगे। सचिवालय सहित जिला मुख्यालय स्तर पर भवनों के निर्माण के लिए भूमि का चयन करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रदेश का नव गठित दादरी जिला आने वाले दिनों में प्रगति की ओर बढ़ता दिखाई देगा। सीएम स्थानीय लघु सचिवालय परिसर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। जिला मुख्यालय दादरी शहर में सरकारी विभागों के पास लगभग 900 एकड़ जमीन उपलब्ध होने व उस पर अवैध कब्जे होने के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह सही बात है कि दादरी में जमीन अधिग्रहण की कोई आवश्यकता नहीं है। सभी सरकारी विभागों को अपनी-अपनी संपत्ति की पहचान कर उस पर कब्जा लेने के आदेश आज जारी किए हैं। इससे सरकारी भवनों के लिए भूमि उपलब्ध हो सके और विभागों की आय में भी वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि सरकार की भी मंशा यही है कि किसी भी व्यक्ति की जमीन का अधिग्रहण न करके आपसी सहमती के आधार पर आम लोगों से जमीन ली जाए। जिस प्रकार लोग आपस में एक-दूसरे से जमीन का सौदा करते हैं, उसी प्रकार से बाजार रेट पर सरकार को भी जमीन बेची जा सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा रेटों से 10 से 20 फीसदी ज्यादा रेट सरकार भू-मालिकों को देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दो वर्षों में सरकार बिजली का लाइन लॉस पांच प्रतिशत कम करने में कामयाब हुई है और इससे दो हजार करोड़ रुपए की बचत हो रही है। भविष्य के दो सालों में और पांच प्रतिशत लाइन लॉस कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जब लाइन लॉस 15 प्रतिशत रह जाएगा, तब बिजली की आमदनी और खर्च बराबर होंगे। प्रदेश के 1170 गांवों में जगमग योजना लागू की जा चुकी है। सरकार का प्रयास है कि बिजली चोरी का कम कर इस योजना को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि गांव रावलधी में घरेलू व औद्योगिक फीडर एक ही हैं, इन दोनों को अलग-अलग करने के आदेश दिए गए हैं।

शहर में कचरा प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कूड़े-करकट से बिजली और खाद बनाने के नए प्लांट निजी कंपनियों के माध्यम से जिलों के कलस्टर बनाकर स्थापित कर रही है। दादरी में भी इस प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। पानी के अवैध कनेक्शनों के बारे में उन्होंने कहा कि मकानों का पंजीकरण शुरु करके पानी के कनेक्शनों को नियमित किया जाएगा। इस मौके पर सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक सुखविंद्र मांढ़ी, भाजपा प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी, जिलाध्यक्ष रामकिशन शर्मा, उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा, पुलिस अधीक्षक सुनील दलाल सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed