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रोडवेज हड़ताल के दौरान चली प्राइवेट बसों का किराया न मिलने पर स्कूल संचालक हुए लामबंद
Updated Fri, 16 Nov 2018 01:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की नगर के घिकाड़ा रोड स्थित आर्यन स्कूल में बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा रोडवेज की हड़ताल के दौरान निजी स्कूलों की बसों की सेवाओं के बदले किराया न देने पर रोष प्रकट किया गया। बैठक में यूनिवर्सल स्कूल चेयरमैन रामकिशन भाकर ने कहा कि 18 अक्तूबर को रोडवेज की हड़ताल के दौरान जन सुविधा के नाम पर निजी स्कूलों की बसों को प्रदेश सरकार और विभाग द्वारा हायर किया गया था। उस समय कुछ बसों को चार दिनों तक गैर कानूनी तरीके से सरकार के निर्देश पर आरटीए विभाग द्वारा बंद किया गया। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानियां हुई। बैठक में कहा गया कि इस दौरान कागजात के नाम पर बसों के चालान भी गैर कानूनी तरीके से किए गए। दो दिन स्कूलों में अवकाश करना पड़ा। रामकिशन भाकर ने कहा कि इस बारे में एसपी दादरी को प्रार्थना- पत्र दिए भी दो सप्ताह हो चुके हैं। आरटीए विभाग के खिलाफ कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है। जिला प्रधान अधिवक्ता इंद्रजीत फौगाट ने कहा कि अगर जल्द ही इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यस्तरीय बैठक कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान शिक्षा नियम 134 -ए के तहत पिछले चार साल का बकाया देने की भी मांग की गई। इस मौके पर प्रीतम फौगाट, नरसिंह चाहार, जयसिंह, नवीन श्योराण, सुरेश सांगवान, मुन्नालाल गुप्ता, इंद्रजीत फौगाट, जंगजीत चाहार, विक्रम फौगाट, अशोक सांगवान, पुनीत वशिष्ठ आदि मौजूद थे।
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चरखी दादरी। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की नगर के घिकाड़ा रोड स्थित आर्यन स्कूल में बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा रोडवेज की हड़ताल के दौरान निजी स्कूलों की बसों की सेवाओं के बदले किराया न देने पर रोष प्रकट किया गया। बैठक में यूनिवर्सल स्कूल चेयरमैन रामकिशन भाकर ने कहा कि 18 अक्तूबर को रोडवेज की हड़ताल के दौरान जन सुविधा के नाम पर निजी स्कूलों की बसों को प्रदेश सरकार और विभाग द्वारा हायर किया गया था। उस समय कुछ बसों को चार दिनों तक गैर कानूनी तरीके से सरकार के निर्देश पर आरटीए विभाग द्वारा बंद किया गया। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानियां हुई। बैठक में कहा गया कि इस दौरान कागजात के नाम पर बसों के चालान भी गैर कानूनी तरीके से किए गए। दो दिन स्कूलों में अवकाश करना पड़ा। रामकिशन भाकर ने कहा कि इस बारे में एसपी दादरी को प्रार्थना- पत्र दिए भी दो सप्ताह हो चुके हैं। आरटीए विभाग के खिलाफ कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है। जिला प्रधान अधिवक्ता इंद्रजीत फौगाट ने कहा कि अगर जल्द ही इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यस्तरीय बैठक कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान शिक्षा नियम 134 -ए के तहत पिछले चार साल का बकाया देने की भी मांग की गई। इस मौके पर प्रीतम फौगाट, नरसिंह चाहार, जयसिंह, नवीन श्योराण, सुरेश सांगवान, मुन्नालाल गुप्ता, इंद्रजीत फौगाट, जंगजीत चाहार, विक्रम फौगाट, अशोक सांगवान, पुनीत वशिष्ठ आदि मौजूद थे।