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आढ़ती बोले: जल्दी उठान के लिए ट्रांसपोर्टर को देनी पड़ती है रिश्वत, टांसपोर्टर बोला: अपने फायदे के लिए ड्राईवर को देते हैं आढ़ती

Sun, 22 Apr 2018 01:36 AM IST
Updated Sun, 22 Apr 2018 01:36 AM IST
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आढ़ती बोले: जल्दी उठान के लिए ट्रांसपोर्टर को देनी पड़ती है रिश्वत, टांसपोर्टर बोला: अपने फायदे के लिए ड्राईवर को देते हैं आढ़ती
अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
जिले की मंडियों में गेहूं खरीद का कार्य इस समय जोरों पर चल रहा है। जबकि अधिकतर मंडियों में उठान कार्य धीमी गति से चल रहा है। उठान कार्य लेट होने के कारणों की पड़ताल के लिए अमर उजाला टीम ने शनिवार को अनाज मंडी का निरीक्षण किया।
इसमें पाया कि एक रुपये के खेल की वजह से मंडी में उठान कार्य अब तक लेट हुआ है। अब जब एक रुपये की रिश्वत प्रति बैग आढ़तियों के साथ तय हो गई तो उठान कार्य ने गति पकड़ ली है। वहीं, अगर अब भी कोई आढ़ती आनाकानी करता है तो उसका उठान देरी से कर दिया जाता है। जल्दी उठान के लिए आढ़तियों से एक रुपये की रिश्वत ली जा रही है। इस मामले में रविवार को आढ़ती विभाग के मंत्री कर्णदेव कंबोज को शिकायत कर सकते हैं। वहीं, मामले में प्रशासनिक अधिकारी शिकायत न मिलने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
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अब तक इतना हुआ है उठान
अनाज मंडी खरीद उठान
आसौदा 5479 1076
बहादुरगढ़ 5272 2758
बेरी 31616 19798
छारा 18305 6700
ढाकला 12895 5400
झज्जर 32714 19806
माजरा डी 22442 8416
मातनहेल 14598 6561
कुल 143321 70515

यहां हुआ है कम उठान
मंडियों में अब तक एक लाख 43 हजार 321 एमटी की खरीद हुई है। जिसका 70 हजार 315 एमटी उठान हो चुका है। आंकड़ों के अनुसार अब तक खरीद किए गए गेहूं का 49.20 प्रतिशत उठान हो चुुका है। वहीं, आसौदा मंडी में प्रतिशत के हिसाब से सबसे कम उठान हुआ है। इसके बाद बहादुरगढ़, छारा तथा मातनहेल मंडी में उठान कम हुआ है।
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मजबूरी में देनी पड़ती है रिश्वत : आढ़ती
आढ़ती चांद पहलवान ने बताया कि ट्रांसपोर्टर के द्वारा उठान के नाम पर सरकारी फीस से अलग प्रति बैग एक रुपया लिया जा रहा है। अगर कोई आढ़ती प्रति बैग एक रुपये की रिश्वत नहीं देता है तो उसका उठान लेट कर दिया जाता है। ऐसे में उनकी मजबूरी बन गया है कि वे उन्हें एक रुपया प्रति रिश्वत के तौर पर दें। रविवार को मंडी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री कर्णदेव कंबोज आएंगे तो उनके सामने शिकायत की जाएगी।
चालकों को देते हैं पहले उठान के लिए : ट्रांसपोर्टर
ट्रांसपोर्टर महेंद्र का कहना है कि आढ़ती अपना उठान पहले करवाने के लिए गाड़ियों के ड्राईवरों को प्रति बैग एक रुपया दे देते हैं। उनसे किसी आढ़ती ने इस बारे में शिकायत की नहीं। वे तो आढ़तियों को बोल चुुके हैं कि उठान के लिए एक कमेटी बनाइए। वे उस कमेटी के बताए अनुसार ही आढ़तियों को गाड़ियां उपलब्ध करवा देंगे। उठान में देरी का करण लेबर की कमी भी रही है।

वर्जन
शिकायत मिली तो अवश्य होगी कार्रवाई: एसडीएम
अगर आढ़तियों ने इस बारे में लिखित शिकायत दी तो जरूर कार्रवाई की जाएगी। सरकारी फीस के अलावा प्रति बैग एक रुपये की डिमांड करना गलत है। अगर ऐसा किया जा रहा है तो आढ़तियों को इसकी शिकायत करनी चाहिए।
- रोहित यादव, एसडीएम।
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