फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   61 हड़ताली कर्मचारियों को रोडवेज की बस से थाने ले गई पुलिस, शाम को भेजा जेल

61 हड़ताली कर्मचारियों को रोडवेज की बस से थाने ले गई पुलिस, शाम को भेजा जेल

Wed, 17 Oct 2018 01:44 AM IST
Updated Wed, 17 Oct 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
61 हड़ताली कर्मचारियों को रोडवेज की बस से थाने ले गई पुलिस, शाम को भेजा जेल

विज्ञापन
बहादुरगढ़। दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत हड़ताल पर बैठे बहादुरगढ़ उप डिपो के रोडवेज कर्मचारियों को पुलिस जबरन उठाकर सिटी थाने ले आई। पुलिस ने 61 कर्मचारियों को एस्मा के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने भगवान सिंह राठी, अनूप सिंह, कर्मबीर, ओमप्रकाश, मंजीत के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है। बता दें कि सरकार द्वारा एस्मा आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून लगाने के बावजूद हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने हड़ताल करते हुए चक्का जाम रखा। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए बसें न चलाने की चेतावनी भी दी।
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सुबह से ही बसें नहीं चलीं, मगर बाद में सरकार की सख्ती के बाद भी बहादुरगढ़ के रोडवेज कर्मचारियों ने बसों को चलाने से मना कर दिया तो प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ डिपो के बाहर टेंट लगाकर धरन दे रहे करीब 61 कर्मचारियों को गिरफ्तार करके दो रोडवेज बस में बैठाया फिर उन्हेें सिटी थाने में पहुंचाकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। सभी रोडवेज कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा के तहत मामला दर्ज किया गया है। बहादुरगढ़ में 62 बसें हैं जो आज रात तक नहीं चलीं पर मेट्रो व प्राइवेट बसों ने लोगों की परेशानी को कुछ कम कर दिया लेकिन लंबे रूट पर चलने वाली बसों के बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन


सुरक्षा को लेकर मुस्तैद रही पुलिस
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सुबह से डिपो पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जिसकी कमान डीएसपी भगतराम ने संभाली हुई थी। बस अड्डे पर पुलिस के 125 जवान की तैनाती भी की गई थी। जिसमें महिला पुलिस कर्मी भी मौजूद थी। रोडवेज बसों की हड़ताल होने की वजह से कुछ यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बहादुरगढ़ में हड़ताल का असर साफ देखने को मिला। रोडवेज की न तो कोई बस बहादुरगढ़ आई न ही कोई बस बहादुरगढ़ डिपो से चली। जिस कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि इस दौरान प्राइवेट बस संचालकों की काफी चांदी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


सोमवार की रात से ही शुरू हो गई थी हड़ताल
दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते इंटक के राज्य प्रधान अनूप सिंह सहरावत ने बताया कि बहादुरगढ़ सब डिपो से सोमवार की रात 12 बजे से किसी भी बस का संचालन नहीं होने दिया गया। बस स्टैंड से 62 बसों का संचालन होता है। राज्य प्रधान का कहना है कि मंगलवार को भी रोडवेज की एक भी बसों का संचालन नहीं हुआ। सुबह रोडवेज जीएम महताब सिंह खरब बस स्टैंड पहुंचे थे उन्होंने बसों को चलवाने का भी दबाव बनाया था। उनके साथ एडीसी सुशील सारवान, तहसीलदार नरेंद्र दलाल, डीएसपी भगतराम और सिटी एसएचओ सहित काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।

कुछ बसों को किया पंचर कुछ की निकाली हवा
सूत्रों के अनुसार सोमवार रात को रोडवेज स्टैंड पर खड़ी कुछ बसों के टायरों से हवा निकाल दी गई और कुछ बसों के टायरों को भी पंचर कर दिया गया। वहीं बस स्टैंड पर मौजूद कुछ लोगों का बातें करते भी सुना गया कि रोडवेज कर्मी अपनी हड़ताल को सफल बनाने के लिए डिपो में खड़ी बसों को पंचर कर दिया है। जिससे मंगलवार सुबह प्रशासन द्वारा जबरदस्ती रोडवेज बसों का संचालन किया जाता है तो परेशानी का सामना भी करना पड़ा।

बस स्टैंड गेट के मुख्य गेट के सामने किया प्रदर्शन
रोडवेज कर्मियों ने अपनी हड़ताल को सफल बनाने के लिए रोडवेज गेट के सामने सुबह से ही बैठ गए। इंटक के राज्य प्रधान अनूप सिंह सहरावत ने बताया कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए 500 मीटर की दूरी पर अपना प्रदर्शन कर रहे हैं। रोडवेज बसों का संचालन राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते नहीं किया जा रहा है। बुधवार को भी बसों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।

छावनी पर तब्दील हो गया बस स्टैंड परिसर
मंगलवार सुबह ही सब डिपो बहादुरगढ़ बस स्टैंड छावनी में तब्दील हो गया। बस स्टैंड पर नजारा कुछ ऐसा था कि मानों यह रोडवेज बस स्टैंड न होकर छावनी बन गया हो। पुलिस विभाग ने हर स्थिति से निपटने के लिए 125 जवान तैनात किए थे। जिसमें महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 35 थी। हालांकि दोपहर 2:30 बजे रोडवेज कर्मियों ने प्रदर्शन तेज कर दिया था। मौके पर पहुंचे डीएसपी भगतराम ने कहा कि या तो यहां धरना प्रदर्शन खत्म कर चले जाओ नहीं तो अपनी गिरफ्तारी दो। कर्मियों ने कहा कि न तो हम गिरफ्तारी देंगे औरे न ही हम अपना प्रदर्शन बंद करेंगे।

बचे कर्मियों ने कहा कि कल भी करेंगे हड़ताल
गिरफ्तारी से बचे रोडवेज कर्मचारियों ने कहा कि हमारे कुछ साथियों को पुलिस ने जबरन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सरकार को यह लग रहा है कि कुछ साथियों को जेल भेजने से हमारा प्रदर्शन कमजोर हो जाएगा लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, बल्कि हमारा प्रदर्शन इससे और मजबूत हो जाएगा। जो रोडवेज कर्मचारी बचे हैं वह सभी आज शांति पूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन करेंगे और अपनी मांगों को मनवाने के लिए सरकार को मजबूर करेंगे।

छह सालों में पहली बार हुई इतनी बड़ी संख्या में गिरफ्तारी
जानकारों की माने तो बहादुरगढ़ उप मंडल में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले भी रोडवेज की हड़ताल हुई थी लेकिन इतनी बड़ी संख्या में गिरफ्तारी नहीं हुई है। दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर बैठे रोडवेज कर्मचारियों बहादुरगढ़ उपमंडल बस स्टैंड के बाहर शांति पूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन कर रहे थे। जबरदस्ती पुलिस ने 61 हड़ताली रोडवेज कर्मियों को उठाकर जेल भेज दिया।
आज भी करेंगे बसों को चलवाने की कोशिश
मंगलवार को भी बसों को चलाने का प्रयास किया गया था लेकिन हड़ताली कर्मचारियों ने बसों का संचालन नहीं होने दिया। बुधवार को भी बसों का चलवाने का पूरी कोशिश की जाएगी।

- महताब सिंह खरब, जीएम रोडवेज

क्या कहते हैं एसएचओ
थाना शहर एसएचओ सुरेंद्र सिंह का कहना है कि करीब 61 कर्मचारियों को धरने से उठाकर सिटी थाने में पहुंचाया है। पहले चरण में कुछ के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई गई और उनके माध्यम से अन्य की पहचान की जा रही है। कर्मचारियों 186, 188, 341, 353 आईपीसी और एस्मा की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed