फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   नहीं काम आई एस्मा, चिकित्सकों ने रखी दो घंटे हड़ताल

नहीं काम आई एस्मा, चिकित्सकों ने रखी दो घंटे हड़ताल

Tue, 12 Sep 2017 02:04 AM IST
Updated Tue, 12 Sep 2017 02:04 AM IST
विज्ञापन
नहीं काम आई एस्मा, चिकित्सकों ने रखी दो घंटे हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झज्जर।
मांगों को लेकर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के बैनर तले सोमवार केे सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों ने दो घंटे हड़ताल रखी। हड़ताल को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एस्मा लागू की गई थी। लेकिन एसोसिएशन पदाधिकारियों ने साफ कर दिया था कि हड़ताल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हो रही है, इसलिए ये होगी। हड़ताल में सभी नागरिक अस्पतालों के साथ-साथ सभी स्वास्थ्य केंद्र, जिसमें पीएचसी-सीएचसी के चिकित्सक भी शामिल रहे। इस दौरान किसी भी चिकित्सक ने मरीजों को उपचार नहीं किया। एसोसिएशन के प्रधान डॉ. कुलदीप ने बताया कि प्रदेश पदाधिकारियों को वार्ता का न्यौता मिला है। विभाग के अधिकारियों के साथ मंगलवार को बातचीत होगी, अगर वार्ता सिरे नहीं चढ़ी तो पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हड़ताल जारी रहेगी।

ये हैं सरकारी चिकित्सकों की मुख्य मांगें
1. पीजी कोर्स में सरकारी डॉक्टरों का कोटा पुन: बहाल किया जाए।
2. प्रत्येक दस साल के बाद चिकित्सकों के पद में बदलाव किया जाए।
3. ग्रामीण इलाकों को डिफिकल्ट एरिया मानते हुए यहां तैनात चिकित्सकों को स्पेशल इंसेटिव मिले।
4. प्रदेश के चिकित्सकों को केंद्र की तर्ज पर 4, 9, 13 और 20 साल के अंतराल पर एसीपी का लाभ मिले। वर्तमान में यह 5, 10 और 15 साल पर दिया जा रहा है।
5. डाक्टरों पर लगातार बढ़ रहे हमलों को देखते हुए अस्पतालों में सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।
6. लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को तुरंत प्रभाव से भरा जाए।

वर्तमान में 1945 चिकित्सक तैनात, 1209 पद खाली
डॉ. कुलदीप ने प्रदेश भर की चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में सभी अस्पतालों, पीएचसी-सीएचसी मिलाकर 1945 चिकित्सक काम कर रहे हैं। जबकि 1209 पद खाली पड़े हैं। सरकार की उपेक्षा के चलते नए स्पेशलिस्ट चिकित्सक सरकारी सेवा में नहीं आ रहे। पुराने चिकित्सक काम के बोझ तले दबे हुए नौकरी छोड़ने का मन बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई चिकित्सक नौकरी छोड़ भी चुके हैं।
विज्ञापन


10 बजे के बाद जांचे मरीज
सरकारी चिकित्सकों के द्वारा सामान्य अस्पताल की ओपीडी को सुबह 8 से 10 बजे तक ठप्प रखा गया। इस दौरान मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन चिकित्सक एसोसिएशन के द्वारा हर ओपीडी रूम के बाहर एक नोटिस लगवाया, जिसमें लिखा गया कि दस बजे तक हड़ताल रहेगी, इसके बाद सभी मरीजों की जांच की जाएगी। इस दौरान सभी लोगों से सहयोग की अपेक्षा करते हैं क्योंकि चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी तो मरीजों को फायदा मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
मंगलवार को हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के साथ उच्च अधिकारियों की बैठक होनी है। वार्ता सफल होने की पूरी संभावनाएं हैं।
- डॉ. रमेश धनखड़, सीएमओ, झज्जर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed