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जिले के 34 एनएचएम कर्मी बर्खास्त, कैसे संभलेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
Updated Thu, 14 Dec 2017 01:45 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे बहादुरगढ़ के 34 एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग ने बर्खास्त कर दिया है। इनके बर्खास्त होने के बाद नागरिक अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्था बिगड़ने लगी है। किसी तरह जुगाड़ के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं चलाई जा रही हैं।
गत 5 दिसंबर से एनएचएम कर्मियों ने हड़ताल शुरू की थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन्हें नोटिस देकर 24 घंटे के भीतर ड्यूटी ज्वाइन करने की हिदायत दी गई थी। ड्यूटी पर न लौटने पर स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल कर रहे जिले के 416 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़ में कुल 42 एनएचएम कर्मी थे। ये एंबुलेंस, ईएमटी, कंप्यूटर आपरेटर, गायनी वार्ड, लैब, एकाउंट, आयुष विभाग, डेथ एंव बर्थ सर्टिफिकेट सहित अन्य विभागों में कार्यरत थे। कुल 42 में से 34 कर्मचारी काम पर नहीं आए। इन 34 कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने के बाद बहादुरगढ़ अस्पताल में महज 8 एनएचएम कर्मचारी रह गए हैं। यहां के अस्पताल का अधिकांश काम इनके ही कंधों पर था, लिहाजा स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावित होना लाजमी है।
ऐसे चलाया जा रहा है काम
नागरिक अस्पताल में एक तो स्टाफ कम है, ऊपर से अब एनएचएम कर्मी भी बर्खास्त किए जा चुके हैं। शेष 8 एनएचएम कर्मियों व रेगुलर कर्मचारियों को काम करने में मशक्कत करनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा दिक्कतें तो एसएनसीयू और लेबर रूम विभाग में हो रही है। इसलिए अब ओटी, ट्रामा और ईसीजी में एडजेस्टमेंट कर इन दोनों विभागों में 8-8 कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं।
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ये काम प्रभावित
फिलहाल अस्पताल में अति गंभीर केसों को ही ऑपरेट किया जा रहा है जिनमें गुंजाइश है, उन केसों को स्थगित किया जा रहा है। इसी तरह एसएनसीयू में भी केवल गंभीर बच्चों को रखा जा रहा है। स्कूल हेल्थ कार्य पूरी तरह से बंद हो गया है जबकि डाटा इंट्री काम भी बंद है। हां, बुधवार को आउट सोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारी को डाटा इंट्री पर लगा दिया गया। अस्पताल में तो टीकाकरण का कार्य चल रहा है, मगर फील्ड वर्क पूरी तरह से बंद है।
नियमिति स्टाफ को नहीं मिल रहा आराम
एनएचएम कर्मियों ने 5 दिसंबर को हड़ताल शुरू की थी। तब से लेकर अब तक नियमित कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि वे लगातार 7 दिन से काम कर रहे हैं। आराम न मिलने के कारण बीमार होने की आशंका बनी हुई है।
एनएचएम कर्मियों के बिना हो रही परेशानी : वीरेंद्र
उधर अस्पताल प्रशासक वीरेंद्र अहलावत ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के न होने से परेशानी तो हो रही है। मगर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हो, इसलिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
वर्जन
हड़ताल पर गए कर्मचारियों को 11 दिसंबर को नोटिस देकर 24 घंटे के भीतर ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए कहा गया था। मगर कर्मचारी काम पर नहीं लौटे, इसलिए 416 एनएचएम कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। फिल्हाल नियमित कर्मचारियों के जरिये स्वास्थ्य सेवाएं की जा रही हैं।
- डॉ. कुलदीप, डिप्टी सिविल सर्जन, एनएचएम झज्जर
जिले के 416 एनएचएम कर्मी बर्खास्त, अस्पताल में सेवाएं प्रभावित
-मांगों को लेकर कई दिनों से हड़ताल पर थे ये कर्मचारी
-बहादुरगढ़ अस्पताल में सेवाएं प्रभावित, जुगाड़ के सहारे की जा रही है व्यवस्था
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बहादुरगढ़।
मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे बहादुरगढ़ के 34 एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग ने बर्खास्त कर दिया है। इनके बर्खास्त होने के बाद नागरिक अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्था बिगड़ने लगी है। किसी तरह जुगाड़ के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं चलाई जा रही हैं।
गत 5 दिसंबर से एनएचएम कर्मियों ने हड़ताल शुरू की थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन्हें नोटिस देकर 24 घंटे के भीतर ड्यूटी ज्वाइन करने की हिदायत दी गई थी। ड्यूटी पर न लौटने पर स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल कर रहे जिले के 416 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़ में कुल 42 एनएचएम कर्मी थे। ये एंबुलेंस, ईएमटी, कंप्यूटर आपरेटर, गायनी वार्ड, लैब, एकाउंट, आयुष विभाग, डेथ एंव बर्थ सर्टिफिकेट सहित अन्य विभागों में कार्यरत थे। कुल 42 में से 34 कर्मचारी काम पर नहीं आए। इन 34 कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने के बाद बहादुरगढ़ अस्पताल में महज 8 एनएचएम कर्मचारी रह गए हैं। यहां के अस्पताल का अधिकांश काम इनके ही कंधों पर था, लिहाजा स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावित होना लाजमी है।
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ऐसे चलाया जा रहा है काम
नागरिक अस्पताल में एक तो स्टाफ कम है, ऊपर से अब एनएचएम कर्मी भी बर्खास्त किए जा चुके हैं। शेष 8 एनएचएम कर्मियों व रेगुलर कर्मचारियों को काम करने में मशक्कत करनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा दिक्कतें तो एसएनसीयू और लेबर रूम विभाग में हो रही है। इसलिए अब ओटी, ट्रामा और ईसीजी में एडजेस्टमेंट कर इन दोनों विभागों में 8-8 कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं।
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ये काम प्रभावित
फिलहाल अस्पताल में अति गंभीर केसों को ही ऑपरेट किया जा रहा है जिनमें गुंजाइश है, उन केसों को स्थगित किया जा रहा है। इसी तरह एसएनसीयू में भी केवल गंभीर बच्चों को रखा जा रहा है। स्कूल हेल्थ कार्य पूरी तरह से बंद हो गया है जबकि डाटा इंट्री काम भी बंद है। हां, बुधवार को आउट सोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारी को डाटा इंट्री पर लगा दिया गया। अस्पताल में तो टीकाकरण का कार्य चल रहा है, मगर फील्ड वर्क पूरी तरह से बंद है।
नियमिति स्टाफ को नहीं मिल रहा आराम
एनएचएम कर्मियों ने 5 दिसंबर को हड़ताल शुरू की थी। तब से लेकर अब तक नियमित कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि वे लगातार 7 दिन से काम कर रहे हैं। आराम न मिलने के कारण बीमार होने की आशंका बनी हुई है।
एनएचएम कर्मियों के बिना हो रही परेशानी : वीरेंद्र
उधर अस्पताल प्रशासक वीरेंद्र अहलावत ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के न होने से परेशानी तो हो रही है। मगर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हो, इसलिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
वर्जन
हड़ताल पर गए कर्मचारियों को 11 दिसंबर को नोटिस देकर 24 घंटे के भीतर ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए कहा गया था। मगर कर्मचारी काम पर नहीं लौटे, इसलिए 416 एनएचएम कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। फिल्हाल नियमित कर्मचारियों के जरिये स्वास्थ्य सेवाएं की जा रही हैं।
- डॉ. कुलदीप, डिप्टी सिविल सर्जन, एनएचएम झज्जर
जिले के 416 एनएचएम कर्मी बर्खास्त, अस्पताल में सेवाएं प्रभावित
-मांगों को लेकर कई दिनों से हड़ताल पर थे ये कर्मचारी
-बहादुरगढ़ अस्पताल में सेवाएं प्रभावित, जुगाड़ के सहारे की जा रही है व्यवस्था