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बाढ़सा में कैंसर संस्थान में प्रतिवर्ष होगा पांच लाख कैंसर मरीजों का प्रतिवर्ष ईलाज
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कैंसर संस्थान में प्रतिवर्ष होगा पांच लाख मरीजों का इलाज
- स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा व कृषि मंत्री धनखड़ ने किया कैंसर संस्थान का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़/बादली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय कैंसर संस्थान बाढ़सा (झज्जर) का शुभारंभ करने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने एम्स अधिकारियों के साथ कैंसर संस्थान का दौरा किया। इस दौरान एम्स निदेशक मंत्रीगण को जानकारी देते हुए बताया कि कैंसर संस्थान में हास्पिटल ब्लॉक, ओपीडी ब्लॉक, गेस्ट हाउस, शैक्षणिक ब्लॉक, डाइग्रोस्टिक ब्लॉक, प्रशासन व अनुसंधान ब्लॉक, रिसर्च ब्लॉक, सर्विस ब्लॉक के अतिरिक्त रिहायशी ब्लॉक बनाए गए हैं। निदेशक ने बताया कि राष्ट्रीय कैंसर संस्थान को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रतिवर्ष पांच लाख कैंसर मरीजों के इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए संस्थान में आधुनिक लैब व मशीनों से सुसज्जित 25 ऑपरेशन थियेटर, दो एमआरआई स्कनेर, चार पैट स्केनर, तीन ब्रीचथेरेपी, पांच लाइनर ऐक्सिलेटर, देश के सरकारी अस्पताल में पहली बार प्रोटोन इलाज सुविधा, 20 बैडिड न्यूक्लियर मेडिसन, 14 पीआई लैब, ओंकोलॉजी इमरजेंसी सुविधा, एशिया की प्रथम रोबोटिक लैब, 60 आईसीयू बैड, पूरी तरह से पेपरलेस आईसीयू व ओटी सिस्टम पांच लाख मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज देने में सक्षम होंगे। निदेशक ने बताया कि लगभग 60 एकड़ में निर्मित संस्थान के निर्माण पर लगभग 2035 करोड़ की राशि खर्च हो रही है। 710 बेड के इस संस्थान के प्रथम चरण में मंगलवार को शुभारंभ के साथ 250 बेड का अस्पताल शुरू हो गया है। दूसरे चरण में इसी वर्ष दिसंबर तक बढ़कर 500 बेड की क्षमता होगी तथा तीसरे व अंतिम चरण में 210 बेड की क्षमता की बढ़ोतरी के साथ 710 बेड का अस्पताल मरीजों को बेहतर सुविधाएं देगा। तीसरा चरण अगले वर्ष दिसंबर तक पूरा होगा। 710 बेड के अस्पताल में तीन हजार के लगभग कैंसर विशेषज्ञ की जरूरत होगी जो कि अगले वर्ष तक पूरी होगी । रिहायशी ब्लॉक में 216 टू बीएचके, 34 थ्री बीएचके, व 16 फोर बीएचके साथ हॉस्टल ब्लॉक में 640 लोगों के रहने की व्यवस्था होगी। डाइनिंग ब्लॉक में 400 व्यक्तियों की क्षमता होगी। 7653 वर्ग गज में निर्मित गेस्ट हाउस में 90 कमरे हैं। गेस्ट हाउस में कैफेटेरिया, जिमनाजिम और सेमिनार रूम बनाए गए हैं।
अमेरिका, फ्रांस व ब्रिटेन के साथ रिसर्च का समझौता
एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व प्रदेश के कृषि मंत्री को बताया कि एनसीआई बाढ़सा दुनिया भर में कैंसर की रोकथाम में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा। कैंसर इलाज के क्षेत्र में दुनिया के टॉप थ्री देश अमेरिका, ब्रिटेन व फ्रांस के साथ राष्ट्रीय कैंसर संस्थान ने एमओयू साइन किए हैं। निदेशक ने बताया कि कैंसर के इलाज के साथ-साथ रोकथाम के लिए बड़े स्तर अनुसंधान की जरूरत है। कैंसर संस्थान बाढ़सा के निर्माण से भारत कैंसर की रोकथाम के लिए अनुसंधान के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने में सक्षम होगा।
एशिया की प्रथम रोबोटिक कोर लैब में होंगे प्रतिदिन 60 हजार टेस्ट
एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ. रनदीप गुलेरिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा व प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को संस्थान के निरीक्षण के दौरान बताया कि कैंसर संस्थान में विश्वस्तरीय आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की गई है। एशिया के किसी भी देश में यह रोबोटिक लैब नहीं है। पूरी तरह ओटोमैटिक रोबोटिक कोर लैब में प्रतिदिन सौ से भी ज्यादा तरह के लगभग 60 हजार से ज्यादा टेस्ट एक दिन में करने की क्षमता है। निदेशक ने बताया कि रोगी का एक बार सैंपल लेने बाद अगर बाद में उक्त रोगी की डॉक्टर को अन्य तरह की रिपोर्ट की जरूरत है तो दोबारा सैंपल लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रोबोटिक मशीन में 48 घंटे तक लगभग 15 हजार सैंपल स्टोर करने की क्षमता है।
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- स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा व कृषि मंत्री धनखड़ ने किया कैंसर संस्थान का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़/बादली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय कैंसर संस्थान बाढ़सा (झज्जर) का शुभारंभ करने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने एम्स अधिकारियों के साथ कैंसर संस्थान का दौरा किया। इस दौरान एम्स निदेशक मंत्रीगण को जानकारी देते हुए बताया कि कैंसर संस्थान में हास्पिटल ब्लॉक, ओपीडी ब्लॉक, गेस्ट हाउस, शैक्षणिक ब्लॉक, डाइग्रोस्टिक ब्लॉक, प्रशासन व अनुसंधान ब्लॉक, रिसर्च ब्लॉक, सर्विस ब्लॉक के अतिरिक्त रिहायशी ब्लॉक बनाए गए हैं। निदेशक ने बताया कि राष्ट्रीय कैंसर संस्थान को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रतिवर्ष पांच लाख कैंसर मरीजों के इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए संस्थान में आधुनिक लैब व मशीनों से सुसज्जित 25 ऑपरेशन थियेटर, दो एमआरआई स्कनेर, चार पैट स्केनर, तीन ब्रीचथेरेपी, पांच लाइनर ऐक्सिलेटर, देश के सरकारी अस्पताल में पहली बार प्रोटोन इलाज सुविधा, 20 बैडिड न्यूक्लियर मेडिसन, 14 पीआई लैब, ओंकोलॉजी इमरजेंसी सुविधा, एशिया की प्रथम रोबोटिक लैब, 60 आईसीयू बैड, पूरी तरह से पेपरलेस आईसीयू व ओटी सिस्टम पांच लाख मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज देने में सक्षम होंगे। निदेशक ने बताया कि लगभग 60 एकड़ में निर्मित संस्थान के निर्माण पर लगभग 2035 करोड़ की राशि खर्च हो रही है। 710 बेड के इस संस्थान के प्रथम चरण में मंगलवार को शुभारंभ के साथ 250 बेड का अस्पताल शुरू हो गया है। दूसरे चरण में इसी वर्ष दिसंबर तक बढ़कर 500 बेड की क्षमता होगी तथा तीसरे व अंतिम चरण में 210 बेड की क्षमता की बढ़ोतरी के साथ 710 बेड का अस्पताल मरीजों को बेहतर सुविधाएं देगा। तीसरा चरण अगले वर्ष दिसंबर तक पूरा होगा। 710 बेड के अस्पताल में तीन हजार के लगभग कैंसर विशेषज्ञ की जरूरत होगी जो कि अगले वर्ष तक पूरी होगी । रिहायशी ब्लॉक में 216 टू बीएचके, 34 थ्री बीएचके, व 16 फोर बीएचके साथ हॉस्टल ब्लॉक में 640 लोगों के रहने की व्यवस्था होगी। डाइनिंग ब्लॉक में 400 व्यक्तियों की क्षमता होगी। 7653 वर्ग गज में निर्मित गेस्ट हाउस में 90 कमरे हैं। गेस्ट हाउस में कैफेटेरिया, जिमनाजिम और सेमिनार रूम बनाए गए हैं।
अमेरिका, फ्रांस व ब्रिटेन के साथ रिसर्च का समझौता
एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व प्रदेश के कृषि मंत्री को बताया कि एनसीआई बाढ़सा दुनिया भर में कैंसर की रोकथाम में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा। कैंसर इलाज के क्षेत्र में दुनिया के टॉप थ्री देश अमेरिका, ब्रिटेन व फ्रांस के साथ राष्ट्रीय कैंसर संस्थान ने एमओयू साइन किए हैं। निदेशक ने बताया कि कैंसर के इलाज के साथ-साथ रोकथाम के लिए बड़े स्तर अनुसंधान की जरूरत है। कैंसर संस्थान बाढ़सा के निर्माण से भारत कैंसर की रोकथाम के लिए अनुसंधान के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने में सक्षम होगा।
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एशिया की प्रथम रोबोटिक कोर लैब में होंगे प्रतिदिन 60 हजार टेस्ट
एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ. रनदीप गुलेरिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा व प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को संस्थान के निरीक्षण के दौरान बताया कि कैंसर संस्थान में विश्वस्तरीय आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की गई है। एशिया के किसी भी देश में यह रोबोटिक लैब नहीं है। पूरी तरह ओटोमैटिक रोबोटिक कोर लैब में प्रतिदिन सौ से भी ज्यादा तरह के लगभग 60 हजार से ज्यादा टेस्ट एक दिन में करने की क्षमता है। निदेशक ने बताया कि रोगी का एक बार सैंपल लेने बाद अगर बाद में उक्त रोगी की डॉक्टर को अन्य तरह की रिपोर्ट की जरूरत है तो दोबारा सैंपल लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रोबोटिक मशीन में 48 घंटे तक लगभग 15 हजार सैंपल स्टोर करने की क्षमता है।
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