{"_id":"5bf47269bdec22174c7dff62","slug":"51542746729-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए शैड्यूल ने बिगाड़ा गणित, चंडीगढ. रूट की 9 बसें बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए शैड्यूल ने बिगाड़ा गणित, चंडीगढ. रूट की 9 बसें बंद
Updated Wed, 21 Nov 2018 02:15 AM IST
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झज्जर। ओवर टाइम के चक्कर में परिवहन विभाग ने लंबे रूटों की 11 बसों हटा दिया है। वहीं लोकल रूटों से भी बसों के चक्कर कम कर दिए गए हैं। जिसकी वजह से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। इतना ही नहीं बसों के चक्कर कम करने और रूटों से हटाए जाने के कारण परिवहन विभाग की बसें जहां करीब 32 हजार किलोमीटर का सफर करती थीं तो अब इनके किलोमीटरों में भी करीब दस हजार किलोमीटर की कमी आएगी। जिससे विभाग की आमदनी में भी कमी आएगी। चालक और परिचालकों के ओवर टाइम को कम करने के लिए करीब 35 से 40 बसों के एकदम चक्कर कम कर दिए गए हैं। जबकि लंबे रूटों पर भेजे जाने वाले चालकों और परिचालकों के ओवर टाइम के बदले उन्हें पेयर के हिसाब में चलाते हुए उनके रेस्ट देकर उसे समायोजित किया जाएगा। ताकि
रूटों पर बसें भी चलती रहें और चालक-परिचालकों के ओवर टाइम को भी समायोजित किया जा सके। जबकि बसों को रूटों से हटा कर पेयर के हिसाब से रूटों पर भेजा जाएगा। क्योंकि आठ घंटे की ड्यूटी के हिसाब से अगर सभी रूटों पर पहले की तरह बसों को चलाया जाए तो इतने चालक और परिचालक विभाग के पास नहीं हैं। जिला में 313 चालक और 298 परिचालक हैं। जबकि जिला में करीब 170 बसें हैं। अकेले झज्जर डिपो में 116 बसें हैं।
विभाग ने मांगी चालक और परिचालकों की डिमांड
परिवहन विभाग के मुख्यालय की तरफ से पत्र जारी की सभी महाप्रबंधकों से चालक और परिचालक की रिक्वायरमेंट देने के लिए कहा है। ताकि ओवर टाइम के समय में सभी बसों को चलाया जाए और सभी कर्मचारियों से आठ घंटे की ड्यूटी ली जाए तो कितने चालक और कितने परिचालक और चाहिए। विभाग की तरफ से अब मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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इन रूटों से हटाईं बसें
झज्जर-रोहतक-चंडीगढ़ रूट से - 4
बहादुरगढ़-दिल्ली-चंडीगढ़ रूट से - 5
बहादुरगढ़- दिल्ली-धर्मशाला रूट से- 1
झज्जर से बैजनाथ रूट से - 1
ये बोले यात्री
1.लोकल रूटों से बसों के चक्कर कम कर देने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वह रोहतक रूट पर डीघल गांव जाने के लिए भी काफी इंतजार करना पड़ रहा है।
- राजेंद्र सिंह निवासी डीघल।
2. नियमित समय पर बसों का संचालन नहीं होने से बसें समय पर नहीं मिल रही हैं। ढाकला गांव में जाने के लिए एक घंटे से ज्यादा समय से इंतजार कर रही हैं। लेकिन बस नहीं मिलीं है।
- संतोष देवी, निवासी, ढाकला।
3. सरकार की तरफ से बनाए गए नियम सब के लिए घाटे का सौदा हैं। यह योजना कर्मचारी, विभाग और लोगों के लिए परेशानी पैदा करने वाली है। पहले की तरह ही बसों का संचालन करना चाहिए।
- सुरेश पलड़ा, प्रधान, ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन, झज्जर।
व्यवस्था बनाने में करीब दस दिन का समय लग जाएगा। निकट भविष्य में ऐसा सिस्टम बनाएंगे जिससे ओवर टाइम भी नहीं देना पड़े और लोगों को भी परेशानी न हो।
- एमएस खरब, जीएम रोडवेज, झज्जर।
रूटों पर बसें भी चलती रहें और चालक-परिचालकों के ओवर टाइम को भी समायोजित किया जा सके। जबकि बसों को रूटों से हटा कर पेयर के हिसाब से रूटों पर भेजा जाएगा। क्योंकि आठ घंटे की ड्यूटी के हिसाब से अगर सभी रूटों पर पहले की तरह बसों को चलाया जाए तो इतने चालक और परिचालक विभाग के पास नहीं हैं। जिला में 313 चालक और 298 परिचालक हैं। जबकि जिला में करीब 170 बसें हैं। अकेले झज्जर डिपो में 116 बसें हैं।
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विभाग ने मांगी चालक और परिचालकों की डिमांड
परिवहन विभाग के मुख्यालय की तरफ से पत्र जारी की सभी महाप्रबंधकों से चालक और परिचालक की रिक्वायरमेंट देने के लिए कहा है। ताकि ओवर टाइम के समय में सभी बसों को चलाया जाए और सभी कर्मचारियों से आठ घंटे की ड्यूटी ली जाए तो कितने चालक और कितने परिचालक और चाहिए। विभाग की तरफ से अब मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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इन रूटों से हटाईं बसें
झज्जर-रोहतक-चंडीगढ़ रूट से - 4
बहादुरगढ़-दिल्ली-चंडीगढ़ रूट से - 5
बहादुरगढ़- दिल्ली-धर्मशाला रूट से- 1
झज्जर से बैजनाथ रूट से - 1
ये बोले यात्री
1.लोकल रूटों से बसों के चक्कर कम कर देने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वह रोहतक रूट पर डीघल गांव जाने के लिए भी काफी इंतजार करना पड़ रहा है।
- राजेंद्र सिंह निवासी डीघल।
2. नियमित समय पर बसों का संचालन नहीं होने से बसें समय पर नहीं मिल रही हैं। ढाकला गांव में जाने के लिए एक घंटे से ज्यादा समय से इंतजार कर रही हैं। लेकिन बस नहीं मिलीं है।
- संतोष देवी, निवासी, ढाकला।
3. सरकार की तरफ से बनाए गए नियम सब के लिए घाटे का सौदा हैं। यह योजना कर्मचारी, विभाग और लोगों के लिए परेशानी पैदा करने वाली है। पहले की तरह ही बसों का संचालन करना चाहिए।
- सुरेश पलड़ा, प्रधान, ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन, झज्जर।
व्यवस्था बनाने में करीब दस दिन का समय लग जाएगा। निकट भविष्य में ऐसा सिस्टम बनाएंगे जिससे ओवर टाइम भी नहीं देना पड़े और लोगों को भी परेशानी न हो।
- एमएस खरब, जीएम रोडवेज, झज्जर।