{"_id":"5b43577a4f1c1bad288b5849","slug":"51531139962-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ साल बाद भी बिजली निगम पूरा नहीं कर पाया 12 करोड़ का प्रोजेक्ट, 150 लाल ट्रांसफार्मर अभी भी लगने बाकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ साल बाद भी बिजली निगम पूरा नहीं कर पाया 12 करोड़ का प्रोजेक्ट, 150 लाल ट्रांसफार्मर अभी भी लगने बाकी
Updated Mon, 09 Jul 2018 06:17 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। बिजली निगम शहर में 863 लाल ट्रांसफार्मर लगाने के प्रोजेक्ट को आठ साल बाद भी पूरा नहीं कर पाया है। अभी भी शहर में 150 लाल ट्रांसफार्मर वर्किंग में नहीं है। ऐसे में करीब 12 करोड़ खर्च करने पर भी लोगों को इनका फायदा नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं इन ट्रांसफार्मरों को जोड़ने के लिए लगाई गई मोटी केबल पंक्चर हो गई थी, जिसकी अब तक रिबंडलिंग का काम पूरा नहीं हो पाया है। इस प्रोजेक्ट में देरी आने का कारण करीब दो साल तक ट्रांसफार्मर लगाने का काम रोकना भी है। ऐसे में शहर में पुराने ढर्रे पर बिजली सप्लाई होने से कई जगहों पर ओवरलोडिंग के चलते लाइनें ट्रिप कर जाती हैं।
शहर में करीब आठ साल पहले लगाए गए लाल रंग के 863 ट्रांसफार्मरों मेें से करीब 150 ट्रांसफार्मर आज तक चालू नहीं हो सके हैं जिससे शहर की बिजली आपूर्ति पर सीधे तौर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में शहरवासियों को अभी बिजली की और परेशानी झेलनी पड़ेगी। शहर में इस समय करीब 1300 पुराने ट्रांसफार्मरों के जरिए बिजली आपूर्ति कर काम चलाया जा रहा है। इनकी आउटपुट क्षमता भी कम बनी हुई है, जिससे ये ट्रांसफार्मर निर्धारित पूरा लोड झेलने की स्थिति में नहीं हैं। इन ट्रांसफार्मर में बार-बार ट्रिंपिंग की शिकायतें मिलती रहती हैं जिससे घंटों बिजली आपूर्ति ठप बनी रहती है। जब ठीक करने के लिए परमिट लिया जाता है तो आसपास के एरिया में भी बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। इसका असर शहर की पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ता है।
12 किलोमीटर लंबी केबल मिली थी पंक्चर
पिछले साल जब शहर में बिजली संकट अधिक गहराया था तब बिजली निगम ने यह लाल रंग के ट्रांसफार्मर चालू कर बिजली आपूर्ति करने की योजना तैयार की थी। जब यह लाल रंग के ट्रांसफार्मर चालू किए गए तो इन सभी केबलों में फॉल्ट मिला। पूरे शहर में 12 किलोमीटर लंबाई में यह केबल पंक्चर मिली थी। बाद में निगम ने इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान करके पंक्चर केबल को अनबंडलिंग करने की प्लानिंग तैयार की थी।
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गत दिसंबर में शुरू हुआ था अनबंडलिंग का कार्य
निगम ने गत दिसंबर में पंक्चर पड़ी केबलों की अनबंडलिंग का काम शुरू किया था। लेकिन आज तक यह पूरा नहीं हो सका है। अनबंडलिंग का काम पूरा होने पर यह लाल रंग के ट्रांसफार्मर चालू करना संभव है। निगम की धीमी कार्यशैली के चलते शहरवासियों को बिजली संकट से अभी स्थायी रूप से निजात नहीं मिलने वाली है।
वर्जन
लाल रंग के ट्रांसफार्मरों को चालू करने के लिए निगम का कार्य प्रगति पर है। इस काम को एक माह में पूरा कर लिया जाएगा। इससे बिजली फॉल्टों से भी छुटकारा मिल सकेगा। कम वोल्टेज की समस्या भी दूर हो जाएगी।
कुलदीप सिंह, एसडीओ, बिजली निगम।
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चरखी दादरी। बिजली निगम शहर में 863 लाल ट्रांसफार्मर लगाने के प्रोजेक्ट को आठ साल बाद भी पूरा नहीं कर पाया है। अभी भी शहर में 150 लाल ट्रांसफार्मर वर्किंग में नहीं है। ऐसे में करीब 12 करोड़ खर्च करने पर भी लोगों को इनका फायदा नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं इन ट्रांसफार्मरों को जोड़ने के लिए लगाई गई मोटी केबल पंक्चर हो गई थी, जिसकी अब तक रिबंडलिंग का काम पूरा नहीं हो पाया है। इस प्रोजेक्ट में देरी आने का कारण करीब दो साल तक ट्रांसफार्मर लगाने का काम रोकना भी है। ऐसे में शहर में पुराने ढर्रे पर बिजली सप्लाई होने से कई जगहों पर ओवरलोडिंग के चलते लाइनें ट्रिप कर जाती हैं।
शहर में करीब आठ साल पहले लगाए गए लाल रंग के 863 ट्रांसफार्मरों मेें से करीब 150 ट्रांसफार्मर आज तक चालू नहीं हो सके हैं जिससे शहर की बिजली आपूर्ति पर सीधे तौर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में शहरवासियों को अभी बिजली की और परेशानी झेलनी पड़ेगी। शहर में इस समय करीब 1300 पुराने ट्रांसफार्मरों के जरिए बिजली आपूर्ति कर काम चलाया जा रहा है। इनकी आउटपुट क्षमता भी कम बनी हुई है, जिससे ये ट्रांसफार्मर निर्धारित पूरा लोड झेलने की स्थिति में नहीं हैं। इन ट्रांसफार्मर में बार-बार ट्रिंपिंग की शिकायतें मिलती रहती हैं जिससे घंटों बिजली आपूर्ति ठप बनी रहती है। जब ठीक करने के लिए परमिट लिया जाता है तो आसपास के एरिया में भी बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। इसका असर शहर की पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ता है।
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12 किलोमीटर लंबी केबल मिली थी पंक्चर
पिछले साल जब शहर में बिजली संकट अधिक गहराया था तब बिजली निगम ने यह लाल रंग के ट्रांसफार्मर चालू कर बिजली आपूर्ति करने की योजना तैयार की थी। जब यह लाल रंग के ट्रांसफार्मर चालू किए गए तो इन सभी केबलों में फॉल्ट मिला। पूरे शहर में 12 किलोमीटर लंबाई में यह केबल पंक्चर मिली थी। बाद में निगम ने इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान करके पंक्चर केबल को अनबंडलिंग करने की प्लानिंग तैयार की थी।
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गत दिसंबर में शुरू हुआ था अनबंडलिंग का कार्य
निगम ने गत दिसंबर में पंक्चर पड़ी केबलों की अनबंडलिंग का काम शुरू किया था। लेकिन आज तक यह पूरा नहीं हो सका है। अनबंडलिंग का काम पूरा होने पर यह लाल रंग के ट्रांसफार्मर चालू करना संभव है। निगम की धीमी कार्यशैली के चलते शहरवासियों को बिजली संकट से अभी स्थायी रूप से निजात नहीं मिलने वाली है।
वर्जन
लाल रंग के ट्रांसफार्मरों को चालू करने के लिए निगम का कार्य प्रगति पर है। इस काम को एक माह में पूरा कर लिया जाएगा। इससे बिजली फॉल्टों से भी छुटकारा मिल सकेगा। कम वोल्टेज की समस्या भी दूर हो जाएगी।
कुलदीप सिंह, एसडीओ, बिजली निगम।