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शहर में 21 प्वाइंटों पर बनी सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या

Tue, 29 Jan 2019 01:26 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jan 2019 01:26 AM IST
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शहर में 21 प्वाइंटों पर बनी सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। शहर में इस समय 21 प्वाइंट ऐसे हैं जहां सीवर ब्लॉकेज की समस्या बनी हुई है। इनमें से 40 फीसदी प्वाइंट तो ऐसे हैं जहां छह माह से यह समस्या बरकरार है। अब जन स्वास्थ्य विभाग इन ब्लॉकेज को शकर कम जेटिंग मशीन से खोलने की प्लानिंग में है। यह मशीन विभाग के पास पहुंच चुकी है और दो दिनों में ही शहर के रेलवे रोड से इसकी शुरूआत की जाएगी। ये 21 ब्लॉकेज खुलने से करीब 12 वार्डों की सीवर समस्या खत्म होने की उम्मीद है।
जयपुर से पहुंची शकर कम जेटिंग मशीन में दो टैंक बने हैं। एक टैंक में 500 लीटर साफ पानी डाला जाएगा और दूसरे 300 लीटर क्षमता के टैंक में दूषित पानी स्टोर किया जाएगा। नोजल प्रेशर के जरिए पहले पानी को खत्म किया जाएगा उसके बाद मैनुअली गाद को निकाला जाएगा। शहर में लंबे समय से बनी ब्लॉकेज की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। शहर के हर वार्ड में सीवर ब्लॉक हैं। इससे गंदगी आगे नहीं बढ़ पाती है। मैनहोल ओवरफ्लो होने से दूषित पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। गलियों, सड़कों में जमा दूषित पानी दुकानदारों और आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता है। शहर की यह समस्या एक साल से बनी हुई है। इस समय शहर के रेलवे रोड, कबीर बस्ती, चरखी दरवाजा, कालेज रोड, ढाणी ओवरब्रिज, गोशाला रोड, घिकाड़ा रोड सहित हर वार्ड में सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या बनी हुई है। पहले इन सभी ब्लॉकेज को खोले जाने की योजना है।
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लंबे इंतजार के बाद पहुंची मशीन
पिछले एक साल से शकर कम जेटिंग मशीन की शहर को जरूरत बनी हुई थी। बाद में पिछले दिनों कृषि मंत्री के दादरी आगमन पर कष्ट निवारण समिति की बैठक में सीवरेज ब्लॉकेज की यह समस्या रखी गई थी। कृषि मंत्री नेे उसी समय जनस्वास्थ्य मंत्री को फोन कर यह शकर मशीन मंगवाने का आग्रह किया गया था। अब जयपुर से यह मशीन पहुंच गई है।
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ऐसे काम करेगी मशीन काम
इस मशीन में 500 व 300 लीटर के दो टैंक बने हैं। 500 लीटर का टैंक स्वच्छ पानी के लिए है जबकि 300 लीटर का टैंक दूषित पानी स्टोरेज का है। सबसे पहले मशीन की नोजल व पानी के प्रेशर से लाइन को साफ किया जाएगा। नोजल प्रेशर के जरिए पानी को खत्म किया जाएगा। पानी खत्म करने के बाद मेनहॉल में जमी गाद आदि को मैनुअली निकाला जाएगा। इसके बाद टैंक के साफ पानी से लाइन को साफ कर दिया जाएगा। एक ब्लॉकेज को खोलने में करीब एक घंटा तक का समय लगेगा।


हर वार्ड में सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या बनी हुई है। शुरूआत में मेन लाइनों की ब्लॉकेज खोली जाएगी। पहले रेलवे रोड से यह काम शुरू होगा। एक माह में सीवरेज व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। - लोकेश कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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