{"_id":"5ac3debe4f1c1bc4618b55ba","slug":"41522785982-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ई पंचायत प्रणाली के विरोध में सरपंचों ने नहीं चलने दिए बीडीपीओ आफिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ई पंचायत प्रणाली के विरोध में सरपंचों ने नहीं चलने दिए बीडीपीओ आफिस
Updated Wed, 04 Apr 2018 01:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़/झज्जर/बादली/बेरी।
गत 30 अप्रैल से ई-पंचायत प्रणाली का विरोध कर रहे जिले के कुल 212 में से आधे से अधिक सरपंच मंगलवार को धरने पर रहे। सरपंचों ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के दफ्तरों पर ताले लगा दिए। बहादुरगढ़ ऑफिस में दिनभर काम नहीं हो पाया। पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख गांव बादली के सरपंचों ने ऑफिस को ताला नहीं लगाया, लेकिन धरना जारी रखा। सरपंचों ने नौकरी से हटाए गए ग्राम सचिवों को बहाल करने की मांग भी की। सभी खंडों में सरपंचों ने कहा कि उनका धरना मांगें पूरी न होने तक धरना जारी रहेगा।
पंचायत मंत्री के बादली में भी सरपंचों का धरना शुरू
बादली ब्लॉक ऑफिस में सरपंचों ने मंगलवार से अनिश्चितकाल के लिए धरना शुरू कर दिया। जिला सरपंच एसोसिएशन का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा। तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान जिला सरपंच एसोसिएशन तालाबंदी पर अड़ी थी, मगर बादली ब्लॉक एसोसिएशन ताला जड़ने के बजाए धरने के पक्ष में दिखाई दी। फैसले पर सहमति के बाद खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया।
मंगलवार सुबह ही जिले के सरपंच ब्लॉक कार्यालय में एकत्रित हुए और बंद कमरे में बैठक के बाद सर्वसम्मति से धरना शुरू कर दिया। बादली खंड के सभी 31 सरपंचों ने ब्लॉक कार्यालय और गांवों के कामकाज भी रोक दिए हैं। जिला एसोसिएशन के प्रधान अभिमन्यु व ब्लॉक प्रधान अमित बादली ने बताया कि जिले के सभी सरपंच एकजुट हैं और अपनी मांगों के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। धरने में अशोक सौंधी, चांद लगरपुर, सतेंद्र पाहसौर, संदीप दरियापुर, सत्यव्रत जरदकपुर, रामबीर लुकसर, महाबीर पेलपा व सतीश गंगड़वा सहित मातनहेल, साल्हावास, बेरी, बहादुरगढ़ और झज्जर ब्लॉक के भी कुछ सरपंच मौजूद रहे।
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बादली में धरने के दौरान बीडीपीओ परमेंद्र सिंह कार्यालय में कामकाज निपटाते रहे। कार्यालय में कामकाज को लेकर कोई बाधा नहीं पहुंची। बीडीपीओ का कहना है कि सरपंचों ने शांतिप्रिय ढंग से धरना दिया। कार्यालय में कामकाज रोजाना की तरह जारी रहा। इनेलो के हलकाध्यक्ष महाबीर गुलिया, युवा हलकाध्यक्ष बलवान हसनपुर व जिला पार्षद मामन ठेकेदार ने धरने पर पहुंच ई-पंचायत प्रणाली का विरोध करते हुए भाजपा सरकार की नीतियों की निंदा की।
बहादुरगढ़ में जड़ा ताला
ई-पंचायत प्रणाली का विरोध कर रहे बहादुरगढ़ ब्लॉक के सरपंचों और ग्राम सचिवों ने मंगलवार को बीडीपीओ कार्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया। कहा गया कि ये रोष खंड के सभी 44 सरपंचों की तरफ से है। मांगों को लेकर सरपंचों और ग्राम सचिवों ने जमकर नारेबाजी की। सरपंचों ने कहा कि सस्पेंड किए गए नौ ग्राम सचिवों को बहाल किया जाए और उनकी मांगें पूरी की जाए। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक ताला नहीं खुलेगा। उधर, तालाबंदी के कारण कर्मचारी परेशान रहे। घंटों तक बाहर खड़े रहे। सरपंचों और ग्राम सचिवों ने जमकर नारेबाजी की। सरपंच हरिकेश ने कहा कि ई-पंचायत प्रणाली में कई खामियां हैं। जो शर्तें लागू की गई हैं वो विकास में बाधक हैं। ग्रांट देकर विकास कार्य कराने के बजाय पंचायतों के अधिकार छीनने का प्रयास किया जा रहा है। इसे सरपंच एसोसिएशन कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। जब तक सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। सरपंच सत्यवान ने कहा कि सरकार पंचायतों को कमजोर करने के बजाय मजबूत करे। पंच-सरपंच भी आम जनता द्वारा चुने जाते हैं, इसलिए पंच-सरपंचों का मानदेय विधायक की तर्ज पर लागू किया जाए। 1994 पंचायत अधिनियम एकट पूर्णत: लागू किया जाए। ग्राम सचिवों का का मासिक भत्ता बढ़ाया जाए। सबसे पहले सस्पेंड किए गए ग्राम सचिवों को बहाल किया जाए, उसके बाद ही आगे कुछ बात की जाएगी। सांखोल के सरपंच हुकम सिंह, मेहंदपुर से फूलकंवार, परनाला से सत्यवान, टोनी कसार, मंजीत मुकुंदपुर, रवींद्र नयागांव, ओमप्रकाश टांडाहेड़ी, जगबीर जाखोदा, मंजीत लोवा, हरिकेश सिलोठी, अशोक कानोन्दा के अलावा सराय, खेड़ी जसोर आदि के सरपंच व 13 ग्राम सचिव धरने पर रहे।
बाहर बैठे रहे कर्मचारी
ग्राम सरंपचों द्वारा सुबह करीब सवा दस बजे तालाबंदी की गई। इसके बाद से दोपहर तक कर्मचारी कार्यालय के बाहर बैठकर ही ताला खुलने का इंतजार करते रहे। तालाबंदी की वजह से कार्यालय में कामकाज प्रभावित रहा। हेड क्लर्क गीता ने कहा कि सुबह से बाहर बैठे हैं। गर्मी में हालत खराब हो गई है। अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक ताला नहीं खुलता बाहर बैठो। पूर्व विधायक नफे सिंह राठी और राजेश जून ने धरना स्थल जाकर सरपंचों की मांगों का समर्थन किया।
झज्जर में एक घंटा रहा
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी झज्जर के ऑफिस को सरंपचों ने करीब 11 बजे बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए। नारेबाजी करके ई पंचायत प्रणाली को हटाने और बर्खास्त ग्राम सचिवों को बहाल करने की मांग की। खंड के 59 सरपंचों में से कुछ खुद धरने में शामिल थे और कुछ ने अपने प्रतिनिधि भेजे। प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी बातचीत करने नहीं आया।
मातनहेल में ताला जड़ दिया धरना
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी मातनहेल के आफिस परिसर में सरपंचों, पंचों व ग्राम सचिवों ने धरना दिया। बीडीपीओ ऑफिस पर सरपंचों ने ताला ठोक दिया। इस खंड के कुल 42 सरपंच हैं। इससे यहां अपने काम के लिए आने वाले आम लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
बेरी में 5वें दिन भी धरना
ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में अपनी मांगों को लेकर बेरी ब्लॉक में धरने पर बैठे बेरी ब्लॉक के ग्राम सचिव, सरपंचों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष महाबीर सिंह दूबलधन बिध्याण के नेतृत्व में धरना जारी रहा। बेरी में शुक्रवार से ब्लॉक के सरपंच धरने पर बैठे हुए हैं और उसी दिन से ऑफिस पर तालाबंदी कर रखी है। बेरी ब्लॉक में 36 पंचायत हैं। मंगलवार को भी सभी सरपंचों ने धरना दिया। 13 ग्राम सचिव भी धरने में शामिल रहे। तालाबंदी की वजह से खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ऑफिस में कामकाज ठप रहने से लोगों को परेशानी हुई।
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बहादुरगढ़/झज्जर/बादली/बेरी।
गत 30 अप्रैल से ई-पंचायत प्रणाली का विरोध कर रहे जिले के कुल 212 में से आधे से अधिक सरपंच मंगलवार को धरने पर रहे। सरपंचों ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के दफ्तरों पर ताले लगा दिए। बहादुरगढ़ ऑफिस में दिनभर काम नहीं हो पाया। पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख गांव बादली के सरपंचों ने ऑफिस को ताला नहीं लगाया, लेकिन धरना जारी रखा। सरपंचों ने नौकरी से हटाए गए ग्राम सचिवों को बहाल करने की मांग भी की। सभी खंडों में सरपंचों ने कहा कि उनका धरना मांगें पूरी न होने तक धरना जारी रहेगा।
पंचायत मंत्री के बादली में भी सरपंचों का धरना शुरू
बादली ब्लॉक ऑफिस में सरपंचों ने मंगलवार से अनिश्चितकाल के लिए धरना शुरू कर दिया। जिला सरपंच एसोसिएशन का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा। तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान जिला सरपंच एसोसिएशन तालाबंदी पर अड़ी थी, मगर बादली ब्लॉक एसोसिएशन ताला जड़ने के बजाए धरने के पक्ष में दिखाई दी। फैसले पर सहमति के बाद खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया।
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मंगलवार सुबह ही जिले के सरपंच ब्लॉक कार्यालय में एकत्रित हुए और बंद कमरे में बैठक के बाद सर्वसम्मति से धरना शुरू कर दिया। बादली खंड के सभी 31 सरपंचों ने ब्लॉक कार्यालय और गांवों के कामकाज भी रोक दिए हैं। जिला एसोसिएशन के प्रधान अभिमन्यु व ब्लॉक प्रधान अमित बादली ने बताया कि जिले के सभी सरपंच एकजुट हैं और अपनी मांगों के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। धरने में अशोक सौंधी, चांद लगरपुर, सतेंद्र पाहसौर, संदीप दरियापुर, सत्यव्रत जरदकपुर, रामबीर लुकसर, महाबीर पेलपा व सतीश गंगड़वा सहित मातनहेल, साल्हावास, बेरी, बहादुरगढ़ और झज्जर ब्लॉक के भी कुछ सरपंच मौजूद रहे।
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बादली में धरने के दौरान बीडीपीओ परमेंद्र सिंह कार्यालय में कामकाज निपटाते रहे। कार्यालय में कामकाज को लेकर कोई बाधा नहीं पहुंची। बीडीपीओ का कहना है कि सरपंचों ने शांतिप्रिय ढंग से धरना दिया। कार्यालय में कामकाज रोजाना की तरह जारी रहा। इनेलो के हलकाध्यक्ष महाबीर गुलिया, युवा हलकाध्यक्ष बलवान हसनपुर व जिला पार्षद मामन ठेकेदार ने धरने पर पहुंच ई-पंचायत प्रणाली का विरोध करते हुए भाजपा सरकार की नीतियों की निंदा की।
बहादुरगढ़ में जड़ा ताला
ई-पंचायत प्रणाली का विरोध कर रहे बहादुरगढ़ ब्लॉक के सरपंचों और ग्राम सचिवों ने मंगलवार को बीडीपीओ कार्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया। कहा गया कि ये रोष खंड के सभी 44 सरपंचों की तरफ से है। मांगों को लेकर सरपंचों और ग्राम सचिवों ने जमकर नारेबाजी की। सरपंचों ने कहा कि सस्पेंड किए गए नौ ग्राम सचिवों को बहाल किया जाए और उनकी मांगें पूरी की जाए। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक ताला नहीं खुलेगा। उधर, तालाबंदी के कारण कर्मचारी परेशान रहे। घंटों तक बाहर खड़े रहे। सरपंचों और ग्राम सचिवों ने जमकर नारेबाजी की। सरपंच हरिकेश ने कहा कि ई-पंचायत प्रणाली में कई खामियां हैं। जो शर्तें लागू की गई हैं वो विकास में बाधक हैं। ग्रांट देकर विकास कार्य कराने के बजाय पंचायतों के अधिकार छीनने का प्रयास किया जा रहा है। इसे सरपंच एसोसिएशन कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। जब तक सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। सरपंच सत्यवान ने कहा कि सरकार पंचायतों को कमजोर करने के बजाय मजबूत करे। पंच-सरपंच भी आम जनता द्वारा चुने जाते हैं, इसलिए पंच-सरपंचों का मानदेय विधायक की तर्ज पर लागू किया जाए। 1994 पंचायत अधिनियम एकट पूर्णत: लागू किया जाए। ग्राम सचिवों का का मासिक भत्ता बढ़ाया जाए। सबसे पहले सस्पेंड किए गए ग्राम सचिवों को बहाल किया जाए, उसके बाद ही आगे कुछ बात की जाएगी। सांखोल के सरपंच हुकम सिंह, मेहंदपुर से फूलकंवार, परनाला से सत्यवान, टोनी कसार, मंजीत मुकुंदपुर, रवींद्र नयागांव, ओमप्रकाश टांडाहेड़ी, जगबीर जाखोदा, मंजीत लोवा, हरिकेश सिलोठी, अशोक कानोन्दा के अलावा सराय, खेड़ी जसोर आदि के सरपंच व 13 ग्राम सचिव धरने पर रहे।
बाहर बैठे रहे कर्मचारी
ग्राम सरंपचों द्वारा सुबह करीब सवा दस बजे तालाबंदी की गई। इसके बाद से दोपहर तक कर्मचारी कार्यालय के बाहर बैठकर ही ताला खुलने का इंतजार करते रहे। तालाबंदी की वजह से कार्यालय में कामकाज प्रभावित रहा। हेड क्लर्क गीता ने कहा कि सुबह से बाहर बैठे हैं। गर्मी में हालत खराब हो गई है। अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक ताला नहीं खुलता बाहर बैठो। पूर्व विधायक नफे सिंह राठी और राजेश जून ने धरना स्थल जाकर सरपंचों की मांगों का समर्थन किया।
झज्जर में एक घंटा रहा
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी झज्जर के ऑफिस को सरंपचों ने करीब 11 बजे बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए। नारेबाजी करके ई पंचायत प्रणाली को हटाने और बर्खास्त ग्राम सचिवों को बहाल करने की मांग की। खंड के 59 सरपंचों में से कुछ खुद धरने में शामिल थे और कुछ ने अपने प्रतिनिधि भेजे। प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी बातचीत करने नहीं आया।
मातनहेल में ताला जड़ दिया धरना
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी मातनहेल के आफिस परिसर में सरपंचों, पंचों व ग्राम सचिवों ने धरना दिया। बीडीपीओ ऑफिस पर सरपंचों ने ताला ठोक दिया। इस खंड के कुल 42 सरपंच हैं। इससे यहां अपने काम के लिए आने वाले आम लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
बेरी में 5वें दिन भी धरना
ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में अपनी मांगों को लेकर बेरी ब्लॉक में धरने पर बैठे बेरी ब्लॉक के ग्राम सचिव, सरपंचों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष महाबीर सिंह दूबलधन बिध्याण के नेतृत्व में धरना जारी रहा। बेरी में शुक्रवार से ब्लॉक के सरपंच धरने पर बैठे हुए हैं और उसी दिन से ऑफिस पर तालाबंदी कर रखी है। बेरी ब्लॉक में 36 पंचायत हैं। मंगलवार को भी सभी सरपंचों ने धरना दिया। 13 ग्राम सचिव भी धरने में शामिल रहे। तालाबंदी की वजह से खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ऑफिस में कामकाज ठप रहने से लोगों को परेशानी हुई।