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दस रुपये के चक्कर में गंवाए चार लाख
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़
Updated Wed, 04 Nov 2015 01:07 AM IST
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गौरतलब है कि सोमवार को सोनीपत में एसबीआई में ही बिल्कुल इसी तरीके से रुपये जमा कराने आए एक चपरासी के 70 हजार रुपये बदमाश उड़ा ले गए।
जानकारी के अनुसार आरटीए कार्यालय में कार्यरत जयसिंह अपने साथी कर्मचारी मनीष के साथ मंगलवार की सुबह करीब पौने ग्यारह बजे रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 8 लाख से ज्यादा रुपये जमा करवाने आया था। जयसिंह अपने लाल रंग के बैग से रुपयों को निकालकर बड़े कैश काउंटर पर रख रहा था तो तीन शातिर युवकों ने खास साजिश से उसे शिकार बनाया।
एक युवक ने काउंटर के आसपास रेकी की तो दूसरे ने आने-जाने वालों पर ध्यान रखा। तीसरे युवक ने काउंटर में रुपये जमा करा रहे जयसिंह के पैरों के पास 10-10 रुपये के नोट गिरा दिए। इसके बाद जय सिंह को कहा कि उसके रुपये नीचे गिर गए। इसी बीच शातिर युवकों में से एक ने जय सिंह के साथी मनीष को बातों में उलझा लिया। जब वह 10-10 रुपये के नोट उठाने के लिए झुका तो जयसिंह ने उक्त रुपये अपने होने की बात कही। जयसिंह जैसे ही जमीन पर पड़े रुपयों को एक-एक करके उठाने लगा तो मौका पाकर शातिर युवकों ने काउंटर पर शीशे के पास रखे उसके 4 लाख रुपये उठा लिए और खिसक गए। दूसरी ओर पुलिस का मानना है कि जय सिंह और मनीष करीब आठ लाख चालीस हजार रुपये बैंक में जमा करवाने के लिए आए थे। मगर इनमें से 4 लाख काउंटर से उठाए गए हैं। इस वारदात के पीछे कहीं आरटीए कर्मचारियों का कोई जानकार तो नहीं है इसको लेकर भी जांच की जाएगी।
-किसी को पता नहीं चला
जिस वक्त यह वारदात हुई उस वक्त हैवी कैश काउंटर पर कोई भीड़ नहीं थी। हालांकि बैंक के दूसरे काउंटरों पर ग्राहकों की लाइनें लगी हुई थीं। बैंक कर्मचारियों ने बताया कि जिन वारदात के शिकार आरटीए कर्मियों ने कोई शोर तक नहीं मचाया। जिससे तुरंत घटना के बारे में किसी को पता नहीं लगा। जब तक उन्होंने बैंक व पुलिस अधिकारियों को बताया तब तक ठगी करने वाले युवक बैंक से निकल चुके थे।
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-पुलिस ने खंगाली फुटेज
एसबीआई में जिन युवकों ने ये वारदात की वे रुपये जमा कराने वाले कर्मचारियों से चार-पांच मिनट पहले ही यहां पहुंचे थे। उनकी सारी हरकतें सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई। बेरी के डीएसपी जगत सिंह, शहर थाना प्रभारी रणधीर सिंह, उप निरीक्षक दलबीर सिंह, बैंक के मुख्य प्रबंधक एसके त्रिखा सहित अन्य कर्मचारी काफी देर तक सीसीटीवी फुटेज को खंगालते रहे। कैमरे में आरोपियों के चेहरे साफ नजर नहीं आ रहे थे। लेकिन जो शख्स काउंटर से पैसे लेकर भागा है उसका हुलिया सोनीपत में वारदात को अंजाम देने वाले ठग के जैसा ही है। पुलिस इस बात से इनकार नहीं कर रही कि हो न हो दोनों वारदातों में एक ही गैंग का हाथ हो। इस बाबत सोनीपत पुलिस से संपर्क की जा रही है।
-सोनीपत में भी हुई थी ऐसी घटना
सोनीपत में भी एक सरकारी विभाग के चपरासी को इसी तरीके से करीब पौने तीन लाख रुपये का चूना लगा दिया गया था। वह बैंक के कैश काउंटर पर रुपये जमा करा रहा था तो उसी बीच 10-10 रुपये के नोट गिराकर उसे भी अपने जाल में फंसा लिया था। ऐसी ही घटना बहादुरगढ़ में भी होने से लगता है कि ऐसे शातिर लोगों का एक गिरोह लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है।
मिलीभगत की भी हो रही जांच
जय सिंह व मनीष करीब आठ लाख चालीस हजार रुपये बैंक में जमा करवाने के लिए आए थे। मगर इनमें से 4 लाख काउंटर से उठाए गए हैं। इस वारदात के पीछे आरटीए कर्मचारियों का कोई जानकार तो नहीं है इसको लेकर भी जांच की जाएगी। कर्मचारियों की मोबाइल काल डिटेल भी खंगाली जाएगी।
-रणधीर सिंह, एसएचओ
थाना शहर, बहादुरगढ़
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जानकारी के अनुसार आरटीए कार्यालय में कार्यरत जयसिंह अपने साथी कर्मचारी मनीष के साथ मंगलवार की सुबह करीब पौने ग्यारह बजे रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 8 लाख से ज्यादा रुपये जमा करवाने आया था। जयसिंह अपने लाल रंग के बैग से रुपयों को निकालकर बड़े कैश काउंटर पर रख रहा था तो तीन शातिर युवकों ने खास साजिश से उसे शिकार बनाया।
एक युवक ने काउंटर के आसपास रेकी की तो दूसरे ने आने-जाने वालों पर ध्यान रखा। तीसरे युवक ने काउंटर में रुपये जमा करा रहे जयसिंह के पैरों के पास 10-10 रुपये के नोट गिरा दिए। इसके बाद जय सिंह को कहा कि उसके रुपये नीचे गिर गए। इसी बीच शातिर युवकों में से एक ने जय सिंह के साथी मनीष को बातों में उलझा लिया। जब वह 10-10 रुपये के नोट उठाने के लिए झुका तो जयसिंह ने उक्त रुपये अपने होने की बात कही। जयसिंह जैसे ही जमीन पर पड़े रुपयों को एक-एक करके उठाने लगा तो मौका पाकर शातिर युवकों ने काउंटर पर शीशे के पास रखे उसके 4 लाख रुपये उठा लिए और खिसक गए। दूसरी ओर पुलिस का मानना है कि जय सिंह और मनीष करीब आठ लाख चालीस हजार रुपये बैंक में जमा करवाने के लिए आए थे। मगर इनमें से 4 लाख काउंटर से उठाए गए हैं। इस वारदात के पीछे कहीं आरटीए कर्मचारियों का कोई जानकार तो नहीं है इसको लेकर भी जांच की जाएगी।
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-किसी को पता नहीं चला
जिस वक्त यह वारदात हुई उस वक्त हैवी कैश काउंटर पर कोई भीड़ नहीं थी। हालांकि बैंक के दूसरे काउंटरों पर ग्राहकों की लाइनें लगी हुई थीं। बैंक कर्मचारियों ने बताया कि जिन वारदात के शिकार आरटीए कर्मियों ने कोई शोर तक नहीं मचाया। जिससे तुरंत घटना के बारे में किसी को पता नहीं लगा। जब तक उन्होंने बैंक व पुलिस अधिकारियों को बताया तब तक ठगी करने वाले युवक बैंक से निकल चुके थे।
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-पुलिस ने खंगाली फुटेज
एसबीआई में जिन युवकों ने ये वारदात की वे रुपये जमा कराने वाले कर्मचारियों से चार-पांच मिनट पहले ही यहां पहुंचे थे। उनकी सारी हरकतें सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई। बेरी के डीएसपी जगत सिंह, शहर थाना प्रभारी रणधीर सिंह, उप निरीक्षक दलबीर सिंह, बैंक के मुख्य प्रबंधक एसके त्रिखा सहित अन्य कर्मचारी काफी देर तक सीसीटीवी फुटेज को खंगालते रहे। कैमरे में आरोपियों के चेहरे साफ नजर नहीं आ रहे थे। लेकिन जो शख्स काउंटर से पैसे लेकर भागा है उसका हुलिया सोनीपत में वारदात को अंजाम देने वाले ठग के जैसा ही है। पुलिस इस बात से इनकार नहीं कर रही कि हो न हो दोनों वारदातों में एक ही गैंग का हाथ हो। इस बाबत सोनीपत पुलिस से संपर्क की जा रही है।
-सोनीपत में भी हुई थी ऐसी घटना
सोनीपत में भी एक सरकारी विभाग के चपरासी को इसी तरीके से करीब पौने तीन लाख रुपये का चूना लगा दिया गया था। वह बैंक के कैश काउंटर पर रुपये जमा करा रहा था तो उसी बीच 10-10 रुपये के नोट गिराकर उसे भी अपने जाल में फंसा लिया था। ऐसी ही घटना बहादुरगढ़ में भी होने से लगता है कि ऐसे शातिर लोगों का एक गिरोह लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है।
मिलीभगत की भी हो रही जांच
जय सिंह व मनीष करीब आठ लाख चालीस हजार रुपये बैंक में जमा करवाने के लिए आए थे। मगर इनमें से 4 लाख काउंटर से उठाए गए हैं। इस वारदात के पीछे आरटीए कर्मचारियों का कोई जानकार तो नहीं है इसको लेकर भी जांच की जाएगी। कर्मचारियों की मोबाइल काल डिटेल भी खंगाली जाएगी।
-रणधीर सिंह, एसएचओ
थाना शहर, बहादुरगढ़
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