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दूसरे दिन भी कब्जा हटाने की कार्रवाई जारी
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। लघु सचिवालय के साथ लगती सेना की जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। सेना अधिकारियों के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। लंबे समय से झज्जर रोड की तरफ अस्थायी गडरिया लुहारों का आशियाना भी छीन गया। बाद में नाले के ऊपर उन्होंने अपना घरेलू सामान रखा लेकिन सैन्य अधिकारियों ने उन्हें चेताया है कि यहां पर चहारदीवारी का कार्य होगा। ऐसे में इस जमीन के सामने भी किसी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खास बात यह है कि इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस की कोई मदद नहीं ली जा रही। भारी संख्या में सेना के जवान यहां तैनात हैं। बता दें कि पुराने लघु सचिवालय के पास भारतीय सेना की करीब 12 एकड़ जमीन है। जिसमें से कई एकड़ जमीन पर कब्जा था। कुछ जमीन लीज पर दे रखी थी। जिसकी लीज 2015 में खत्म हो गई थी। बार-बार नोटिस के बाद भी लीजधारक जमीन छोड़ने को तैयार नहीं था। इसकेे अलावा कई अन्य प्रभावशाली लोगों ने भी अपने स्तर पर इस जमीन पर कब्जा किया हुआ था। मगर गत दिवस हिसार से आई सेना की एक टुकड़ी के आगे सभी कब्जाधारी बेबस नजर आए। सैन्य अधिकारियों ने सामान उठाने का पहले तो समय दिया लेकिन तय समय के बाद भी कब्जाधारी नहीं हटे तो उसके बाद जेसीबी से अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई अमल में लाई गई। शुक्रवार को दूसरे दिन भी यहां पर सेना की टुकड़ी मुस्तैद रही और उनकी देखरेख में ही कब्जे हटाए गए। उधर अधिकारियों की मानें तो अगले कई दिन तक यह कार्रवाई चलेगी और पूरी जमीन पर सेना की ओर चहारदीवारी की जाएगी।
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बहादुरगढ़। लघु सचिवालय के साथ लगती सेना की जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। सेना अधिकारियों के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। लंबे समय से झज्जर रोड की तरफ अस्थायी गडरिया लुहारों का आशियाना भी छीन गया। बाद में नाले के ऊपर उन्होंने अपना घरेलू सामान रखा लेकिन सैन्य अधिकारियों ने उन्हें चेताया है कि यहां पर चहारदीवारी का कार्य होगा। ऐसे में इस जमीन के सामने भी किसी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खास बात यह है कि इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस की कोई मदद नहीं ली जा रही। भारी संख्या में सेना के जवान यहां तैनात हैं। बता दें कि पुराने लघु सचिवालय के पास भारतीय सेना की करीब 12 एकड़ जमीन है। जिसमें से कई एकड़ जमीन पर कब्जा था। कुछ जमीन लीज पर दे रखी थी। जिसकी लीज 2015 में खत्म हो गई थी। बार-बार नोटिस के बाद भी लीजधारक जमीन छोड़ने को तैयार नहीं था। इसकेे अलावा कई अन्य प्रभावशाली लोगों ने भी अपने स्तर पर इस जमीन पर कब्जा किया हुआ था। मगर गत दिवस हिसार से आई सेना की एक टुकड़ी के आगे सभी कब्जाधारी बेबस नजर आए। सैन्य अधिकारियों ने सामान उठाने का पहले तो समय दिया लेकिन तय समय के बाद भी कब्जाधारी नहीं हटे तो उसके बाद जेसीबी से अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई अमल में लाई गई। शुक्रवार को दूसरे दिन भी यहां पर सेना की टुकड़ी मुस्तैद रही और उनकी देखरेख में ही कब्जे हटाए गए। उधर अधिकारियों की मानें तो अगले कई दिन तक यह कार्रवाई चलेगी और पूरी जमीन पर सेना की ओर चहारदीवारी की जाएगी।