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डीसी ने दी रोजगार के लिए मत्स्य पालन अपनाने की सलाह
Updated Fri, 08 Jun 2018 12:56 AM IST
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डीसी ने दी रोजगार के लिए मत्स्य पालन अपनाने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। उपायुक्त सोनल गोयल ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दो गुणा करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अनेक अनूठी पहल शुरू की हैं। इसी के तहत ग्रामीण क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देना भी शामिल है। मत्स्य पालन युवाओं के लिए स्वरोजगार का बेहतर विकल्प है।
उन्होंने कहा कि झज्जर जिला मत्स्य पालन के लिए आदर्श क्षेत्र है। दिल्ली और एनसीआर की बड़ी मार्केट नजदीक लगती है। मार्केट नजदीक होने से मत्स्य उत्पादकों को अच्छे दाम मिल जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिला में मई माह के दौरान लगभग 504 टन मछली का उत्पादन हुआ है। जिला के 12 लोगों को मई माह में मत्स्य पालन में स्वरोजगार शुरू किया है। मत्स्य पालन शुरू करने के इच्छुक युवाओं को पिछले माह दस पंचायती तालाब लीज पर दिए गए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए परंपरागत खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन, दूध उत्पादन, बागवानी के तहत नकदी फसलों की पैदावार को अपनाना होगा। उन्होंने बताया कि जिले के गांव तलाव में विश्वस्तरीय सजावटी मछली प्रजनन केंद्र भी बनाया जा रहा है। युवाओं में अपना कौशल निखार कर स्वरोजगार शुरू करने का जज्बा होना चाहिए। सरकार ने ऐसे इच्छुक युवाओं का कौशल निखारने के लिए कौशल विकास केंद्र खोले हैं। मत्स्य पालन युवाओं के लिए आमदनी का बेहतर जरिया साबित हो रहा है। जिला के किसान ने मत्स्य उत्पादन क्षेत्र में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करते हुए अवार्ड भी जीता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। उपायुक्त सोनल गोयल ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दो गुणा करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अनेक अनूठी पहल शुरू की हैं। इसी के तहत ग्रामीण क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देना भी शामिल है। मत्स्य पालन युवाओं के लिए स्वरोजगार का बेहतर विकल्प है।
उन्होंने कहा कि झज्जर जिला मत्स्य पालन के लिए आदर्श क्षेत्र है। दिल्ली और एनसीआर की बड़ी मार्केट नजदीक लगती है। मार्केट नजदीक होने से मत्स्य उत्पादकों को अच्छे दाम मिल जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिला में मई माह के दौरान लगभग 504 टन मछली का उत्पादन हुआ है। जिला के 12 लोगों को मई माह में मत्स्य पालन में स्वरोजगार शुरू किया है। मत्स्य पालन शुरू करने के इच्छुक युवाओं को पिछले माह दस पंचायती तालाब लीज पर दिए गए हैं।
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उपायुक्त ने कहा कि किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए परंपरागत खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन, दूध उत्पादन, बागवानी के तहत नकदी फसलों की पैदावार को अपनाना होगा। उन्होंने बताया कि जिले के गांव तलाव में विश्वस्तरीय सजावटी मछली प्रजनन केंद्र भी बनाया जा रहा है। युवाओं में अपना कौशल निखार कर स्वरोजगार शुरू करने का जज्बा होना चाहिए। सरकार ने ऐसे इच्छुक युवाओं का कौशल निखारने के लिए कौशल विकास केंद्र खोले हैं। मत्स्य पालन युवाओं के लिए आमदनी का बेहतर जरिया साबित हो रहा है। जिला के किसान ने मत्स्य उत्पादन क्षेत्र में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करते हुए अवार्ड भी जीता है।
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