{"_id":"5ae0e54c4f1c1b61098b65b7","slug":"31524688204-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी स्कूल एसोसिएशन का ऐलान, इंकम सर्टिफिकेट की जांच बिना नहीं देंगे दाखिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी स्कूल एसोसिएशन का ऐलान, इंकम सर्टिफिकेट की जांच बिना नहीं देंगे दाखिला
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
निजी स्कूलों में नियम 134-ए के तहत दाखिले हर साल शिक्षा विभाग के गले का फांस बनते हैं। स्कूल संचालक विभाग के नियमों को मानते नहीं और अभिभावक हर रोज स्कूल व विभाग के कार्यालय का चक्कर काटते रहते हैं। इसी को लेकर बुधवार को निजी स्कूल संचालकों ने शहर के एक स्कूल में बैठक का आयोजन किया। जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान जगबीर चाहर ने की। बैठक के बाद बुधवार को निजी स्कूल संचालकों ने ऐलान कर दिया कि आय प्रमाण-पत्र की प्रशासन के द्वारा जांच करवाए बिना वे छात्रों को अपने स्कूलों में दाखिला नहीं देंगे।
स्कूल संचालकों का मानना है कि बीपीएल परिवारों के बिना जो छात्र इनकम सर्टिफिकेट के आधार दाखिला लेना चाहते हैं, इनमें से 50 फीसदी से अधिक फर्जी हैं। ऐसे में इनके सर्टिफिकेट की प्रशासन के द्वारा जांच करवाई जानी चाहिए। जांच में अगर सर्टिफिकेट सही पाए जाते हैं तो ये लोग दाखिला दे देंगे। फिलहाल स्कूल संचालक बीपीएल परिवारों के बच्चों को ही दाखिला देंगे।
तीन साल की से बकाया फीस
बैठक में स्कूल संचालकों ने कहा कि सरकार ने 134-ए लागू करते समय निजी स्कूल संचालकों के साथ समझौता किया था कि वे शहरी स्कूलों को दाखिले के लिए 400 प्रति छात्र तथा ग्रामीण स्कूल में प्रति छात्र 300 रुपये की फीस देंगे। पिछले तीन साल से नियम 134 ए के तहत दाखिला करवाने वाले छात्रों की फीस सरकार ने नहीं चुकाई है। इसके लिए वे शुक्रवार को डीसी के माध्यम से शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन भेजेंगे।
विज्ञापन
बिना जांच नहीं होगा दाखिला
अधिकांश लोगों के द्वारा फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाया गया है। इनकी जांच होनी चाहिए, जांच के बिना कोई भी स्कूल संचालक नियम 134-ए के तहत छात्रों को दाखिला नहीं देगा। एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि केवल बीपीएल परिवारों को तुरंत प्रभाव से दाखिला दिया जाएगा। बकाया फीस को लेकर शुक्रवार को एसोसिएशन सदस्य डीसी के मार्फत शिक्षामंत्री को ज्ञापन भेजेंगे।
- जगबीर चाहर, जिला प्रधान, निजी स्कूल एसोसिएशन।
वर्जन
निजी स्कूूलों को अपनी बात रखनी है तो वे अधिकारियों से मिलें। टेस्ट में पास हो चुुके छात्रों को अगर अलॉट किए गए स्कूल संचालकों ने दाखिला नहीं दिया तो वे नोटिस भेजेंगे। स्कूल संचालकों को नियम 134-ए के तहत दाखिला देना ही होगा। छात्रों को दाखिले से निजी स्कूल वंचित नहीं कर सकते।
- सतबीर सिवाच, जिला शिक्षा अधिकारी, झज्जर।
विज्ञापन
झज्जर।
निजी स्कूलों में नियम 134-ए के तहत दाखिले हर साल शिक्षा विभाग के गले का फांस बनते हैं। स्कूल संचालक विभाग के नियमों को मानते नहीं और अभिभावक हर रोज स्कूल व विभाग के कार्यालय का चक्कर काटते रहते हैं। इसी को लेकर बुधवार को निजी स्कूल संचालकों ने शहर के एक स्कूल में बैठक का आयोजन किया। जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान जगबीर चाहर ने की। बैठक के बाद बुधवार को निजी स्कूल संचालकों ने ऐलान कर दिया कि आय प्रमाण-पत्र की प्रशासन के द्वारा जांच करवाए बिना वे छात्रों को अपने स्कूलों में दाखिला नहीं देंगे।
स्कूल संचालकों का मानना है कि बीपीएल परिवारों के बिना जो छात्र इनकम सर्टिफिकेट के आधार दाखिला लेना चाहते हैं, इनमें से 50 फीसदी से अधिक फर्जी हैं। ऐसे में इनके सर्टिफिकेट की प्रशासन के द्वारा जांच करवाई जानी चाहिए। जांच में अगर सर्टिफिकेट सही पाए जाते हैं तो ये लोग दाखिला दे देंगे। फिलहाल स्कूल संचालक बीपीएल परिवारों के बच्चों को ही दाखिला देंगे।
विज्ञापन
तीन साल की से बकाया फीस
बैठक में स्कूल संचालकों ने कहा कि सरकार ने 134-ए लागू करते समय निजी स्कूल संचालकों के साथ समझौता किया था कि वे शहरी स्कूलों को दाखिले के लिए 400 प्रति छात्र तथा ग्रामीण स्कूल में प्रति छात्र 300 रुपये की फीस देंगे। पिछले तीन साल से नियम 134 ए के तहत दाखिला करवाने वाले छात्रों की फीस सरकार ने नहीं चुकाई है। इसके लिए वे शुक्रवार को डीसी के माध्यम से शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन भेजेंगे।
विज्ञापन
बिना जांच नहीं होगा दाखिला
अधिकांश लोगों के द्वारा फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाया गया है। इनकी जांच होनी चाहिए, जांच के बिना कोई भी स्कूल संचालक नियम 134-ए के तहत छात्रों को दाखिला नहीं देगा। एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि केवल बीपीएल परिवारों को तुरंत प्रभाव से दाखिला दिया जाएगा। बकाया फीस को लेकर शुक्रवार को एसोसिएशन सदस्य डीसी के मार्फत शिक्षामंत्री को ज्ञापन भेजेंगे।
- जगबीर चाहर, जिला प्रधान, निजी स्कूल एसोसिएशन।
वर्जन
निजी स्कूूलों को अपनी बात रखनी है तो वे अधिकारियों से मिलें। टेस्ट में पास हो चुुके छात्रों को अगर अलॉट किए गए स्कूल संचालकों ने दाखिला नहीं दिया तो वे नोटिस भेजेंगे। स्कूल संचालकों को नियम 134-ए के तहत दाखिला देना ही होगा। छात्रों को दाखिले से निजी स्कूल वंचित नहीं कर सकते।
- सतबीर सिवाच, जिला शिक्षा अधिकारी, झज्जर।