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सरसों की फसल से किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद
Updated Tue, 09 Jan 2018 02:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बादली(झज्जर)।
फसल के अनुरूप मौसम होने के चलते क्षेत्र में इस बार सरसों की फसल अच्छी दिखाई दे रही है। किसानों को भी सरसों की फसल से अच्छी पैदावार की उम्मीद है। क्षेत्र में ज्यादातर फसलों में फूल खिले हैं। फलियां आनी शुरू हो चुकी है। कुछ पछेती फसलों में किसान पानी लगा रहें हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी सरसों की फसल को लेकर किसानों को आगामी बीमारियों को लेकर कुछ सलाह दी है।
बादल कृषि सोसायटी पैक्स के अधीन 15 गांवों आते हैं, जिनमें 65 हजार एकड़ जमीन में खेती की जाती है। इस बार करीब दो हजार एकड़ जमीन पर इस बार सरसों की फसल है। क्षेत्र में फिलहाल सरसों की फसल क्षेत्र में ठीक है।
कृषि अधिकारी प्रदीप राठी ने बताया कि अब तक सरसों की फसल में किसी प्रकार की किसी भी बीमारी की कोई जानकारी नहीं मिली है। फिर भी किसानों को चाहिए कि फूल और फलियां जिस फसल में आ चुकी हैं। उस फसल में एक पानी और दें। साथ ही पछेती फसलों में पानी देकर आधा बैग यूरिया का छिड़काव कर दें। सरसों में आने वाली सफेद रत्वा नामक बीमारी में किसान मेनकोजेब नामक दवा का छिड़काव करें। इसके लिए किसान सात सौ एमएल दवा को पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
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उन्होंने किसानों से कहा कि अगर किसानों को किसी प्रकार की कोई परेशानी या फसल में बीमारी दिखाई दे तो वे बादली कृषि केंद्र पर अधिकारियों से संपर्क कर उनका निदान करें। किसानों के अनुसार भी अगर मौसम ठीक-ठाक रहा और फसलों पर किसी बीमारी का प्रकोप नहीं हुआ तो अच्छी पैदावार की उम्मीद है। क्षेत्र में इस बार पूर्व की भांति किसानों ने ज्यादा मात्रा में सरसों की बिजाई नहीं की है।
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बादली(झज्जर)।
फसल के अनुरूप मौसम होने के चलते क्षेत्र में इस बार सरसों की फसल अच्छी दिखाई दे रही है। किसानों को भी सरसों की फसल से अच्छी पैदावार की उम्मीद है। क्षेत्र में ज्यादातर फसलों में फूल खिले हैं। फलियां आनी शुरू हो चुकी है। कुछ पछेती फसलों में किसान पानी लगा रहें हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी सरसों की फसल को लेकर किसानों को आगामी बीमारियों को लेकर कुछ सलाह दी है।
बादल कृषि सोसायटी पैक्स के अधीन 15 गांवों आते हैं, जिनमें 65 हजार एकड़ जमीन में खेती की जाती है। इस बार करीब दो हजार एकड़ जमीन पर इस बार सरसों की फसल है। क्षेत्र में फिलहाल सरसों की फसल क्षेत्र में ठीक है।
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कृषि अधिकारी प्रदीप राठी ने बताया कि अब तक सरसों की फसल में किसी प्रकार की किसी भी बीमारी की कोई जानकारी नहीं मिली है। फिर भी किसानों को चाहिए कि फूल और फलियां जिस फसल में आ चुकी हैं। उस फसल में एक पानी और दें। साथ ही पछेती फसलों में पानी देकर आधा बैग यूरिया का छिड़काव कर दें। सरसों में आने वाली सफेद रत्वा नामक बीमारी में किसान मेनकोजेब नामक दवा का छिड़काव करें। इसके लिए किसान सात सौ एमएल दवा को पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
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उन्होंने किसानों से कहा कि अगर किसानों को किसी प्रकार की कोई परेशानी या फसल में बीमारी दिखाई दे तो वे बादली कृषि केंद्र पर अधिकारियों से संपर्क कर उनका निदान करें। किसानों के अनुसार भी अगर मौसम ठीक-ठाक रहा और फसलों पर किसी बीमारी का प्रकोप नहीं हुआ तो अच्छी पैदावार की उम्मीद है। क्षेत्र में इस बार पूर्व की भांति किसानों ने ज्यादा मात्रा में सरसों की बिजाई नहीं की है।