{"_id":"5f679ce58ebc3ef47d7e1c88","slug":"3-hour-panchayat-of-khapas-demand-for-cbi-inquiry-7-day-ultimatum-to-administration-jhjhar-news-rtk5745400130","type":"story","status":"publish","title_hn":"खापों की 3 घंटे चली पंचायत, सीबीआई जांच की उठी मांग, प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खापों की 3 घंटे चली पंचायत, सीबीआई जांच की उठी मांग, प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम
विज्ञापन
डीघल निवासी और गुरुग्राम के यस बैंक के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट धीरज अहलावत की मौत के मामले में एसआईटी गठित होने के बाद भी आरोपी फरार चल रहे हैं। इस बारे में रविवार को डीघल गांव के ग्रामीणों ने विभिन्न खापों, पंचायत प्रतिनिधियों के साथ डीघल टोल प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
इस दौरान तीन घंटे चली पंचायत में प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। पंचायत में स्पष्ट चेताया गया है कि यदि शनिवार तक धीरज अहलावत की हत्या करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी कर मामले को सीबीआई को नहीं सौंपा गया तो फिर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। इस मौके पर बेरी तहसीलदार रमेश चंद्र, डीएसपी बेरी नरेश कुमार, दुजाना थाना प्रभारी रोशनलाल, दुजाना चौकी प्रभारी सुरेंद्र सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। बता दें कि गुरुग्राम से पांच अगस्त को लापता होने के बाद दिल्ली की बवाना नहर में धीरज अहलावत का शव बरामद हुआ था।
महम के निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू भी इस पंचायत में विशेष रूप से शिरकत करने पहुंचे और उन्होंने पंचायत में बैठे ग्रामीणों को आश्वास्त किया कि वह न्याय के लिए उनके इस आंदोलन में साथ खड़े मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वह डीघल का भांजा है, बता दें कि डीघल निवासी धीरज अहलावत गुरूग्राम के यस बैंक में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थे और पांच अगस्त को उनका गुरूग्राम से अपहरण कर लिया गया था। बाद में उनका शव दिल्ली की एक नहर से बरामद हुआ था। परिजनों का आरोप है कि धीरज का अपहरण करने के बाद उसकी योजनाबद्ध तरीके से हत्या कर दी गई है। लेकिन पुलिस इस मामले में आरोपियों को बचा रहीं है। इस मामले में दिल्ली व गुरूग्राम की पुलिस दोनों ही जांच कर रही है। लेकिन धीरज के परिजन मामले की सीबीआई जांच कराने व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने इसी माह 2 सितंबर को भी डीघल टोल पर आकर झज्जर-रोहतक हाईवे को 13 घंटे जाम किया था। उस समय जिला प्रशासन ने इस मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। आईजी संदीप खिरवार व जिला उपायुक्त जितेंद्र दहिया स्वंय ग्रामीणों के बीच आश्वासन देने पहुंचे थे। लेकिन इस मामले में रविवार को एक बार फिर से ग्रामीण उग्र हो गए और उन्होंने डीघल टोल पर पंचायत का आयोजन कर प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दे दिया। पंचायत के दौरान ग्रामीणों की हर स्थिति पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन ने यहां भारी पुलिस बल पहले से ही लगा दिया था।
डीघल टोल टैक्स पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धीरज के पिता राज सिंह ने मीडिया के सामने कहा कि वह सरकार से मुआवजा नहीं मांग रहा अपने बेटे के हत्यारों को पकड़ने के लिए प्रशासन व सरकार से बार-बार गुहार लगा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा मैंने 73 साल में पहली बार देखा है कि पुलिस ही हमारे से साक्ष्य मांग रही है। फिर पुलिस का क्या काम है।
विज्ञापन
इस दौरान तीन घंटे चली पंचायत में प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। पंचायत में स्पष्ट चेताया गया है कि यदि शनिवार तक धीरज अहलावत की हत्या करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी कर मामले को सीबीआई को नहीं सौंपा गया तो फिर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। इस मौके पर बेरी तहसीलदार रमेश चंद्र, डीएसपी बेरी नरेश कुमार, दुजाना थाना प्रभारी रोशनलाल, दुजाना चौकी प्रभारी सुरेंद्र सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। बता दें कि गुरुग्राम से पांच अगस्त को लापता होने के बाद दिल्ली की बवाना नहर में धीरज अहलावत का शव बरामद हुआ था।
विज्ञापन
महम के निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू भी इस पंचायत में विशेष रूप से शिरकत करने पहुंचे और उन्होंने पंचायत में बैठे ग्रामीणों को आश्वास्त किया कि वह न्याय के लिए उनके इस आंदोलन में साथ खड़े मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वह डीघल का भांजा है, बता दें कि डीघल निवासी धीरज अहलावत गुरूग्राम के यस बैंक में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थे और पांच अगस्त को उनका गुरूग्राम से अपहरण कर लिया गया था। बाद में उनका शव दिल्ली की एक नहर से बरामद हुआ था। परिजनों का आरोप है कि धीरज का अपहरण करने के बाद उसकी योजनाबद्ध तरीके से हत्या कर दी गई है। लेकिन पुलिस इस मामले में आरोपियों को बचा रहीं है। इस मामले में दिल्ली व गुरूग्राम की पुलिस दोनों ही जांच कर रही है। लेकिन धीरज के परिजन मामले की सीबीआई जांच कराने व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने इसी माह 2 सितंबर को भी डीघल टोल पर आकर झज्जर-रोहतक हाईवे को 13 घंटे जाम किया था। उस समय जिला प्रशासन ने इस मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। आईजी संदीप खिरवार व जिला उपायुक्त जितेंद्र दहिया स्वंय ग्रामीणों के बीच आश्वासन देने पहुंचे थे। लेकिन इस मामले में रविवार को एक बार फिर से ग्रामीण उग्र हो गए और उन्होंने डीघल टोल पर पंचायत का आयोजन कर प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दे दिया। पंचायत के दौरान ग्रामीणों की हर स्थिति पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन ने यहां भारी पुलिस बल पहले से ही लगा दिया था।
डीघल टोल टैक्स पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धीरज के पिता राज सिंह ने मीडिया के सामने कहा कि वह सरकार से मुआवजा नहीं मांग रहा अपने बेटे के हत्यारों को पकड़ने के लिए प्रशासन व सरकार से बार-बार गुहार लगा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा मैंने 73 साल में पहली बार देखा है कि पुलिस ही हमारे से साक्ष्य मांग रही है। फिर पुलिस का क्या काम है।