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23 किसानों ने 464 क्विंटल धान बेचा, अब मंडी में नहीं पहुंच रहा बाजरा
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झज्जर। शहर की अनाज मंडी में सोमवार को 23 किसानों ने 464 क्विंटल धान बेचा है। वहीं बाजरे की बात करें तो अब बाजरा अनाज मंडी में नहीं पहुंच रहा है। पिछले 45 दिनों में किसानों की ओर से कुल 58 हजार क्विंटल बाजरा मंडी में पहुंचाया गया है, लेकिन पिछले चार दिनों से बाजरे की आवक नहीं हो रही है।
आढ़तियों ने बताया कि किसानों की ओर से बाजरा लगभग अनाज मंडी में आ चुका है। वहीं सर्दी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने स्वयं व पशुओं लिए घर में रख लिया है। इसके कारण बाजरा मंडी में नहीं पहुंच पा रहा है। आढ़तियों की ओर से बाजरे को बोरियों में भरकर उठान किया जा रहा है। ताकि मौसम खराब होने से मंडी में बने शेड के अंदर धान को रखने की व्यवस्था की जा सके। फिलहाल कुछ दिनों से धान के भाव में भी कुछ गिरावट आई है, क्योंकि एक सप्ताह पहले धान की ढेरियों की बोली के भाव आढ़तियों की ओर से बढ़-चढ़कर लगाए जा रहे थे, लेकिन अब धान के भाव में नरमी बनी हुई है। वहीं, आढ़तियों ने बताया कि दिसंबर के अंतिंम दिनों तक धान की खरीद की जाएगी।
वर्जन
आढ़तियों की ओर से लगातार धान की निजी तौर पर खरीद की जा रही है। बाजरे का उठान भी करवाया जा रहा है। वहीं, मंडी का सुपरवाइजर व अन्य कर्मचारी धान की खरीद पर निगरानी रख रहे हैं।
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- विजय सिंह, सह-सचिव, मार्केट कमेटी, झज्जर।
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आढ़तियों ने बताया कि किसानों की ओर से बाजरा लगभग अनाज मंडी में आ चुका है। वहीं सर्दी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने स्वयं व पशुओं लिए घर में रख लिया है। इसके कारण बाजरा मंडी में नहीं पहुंच पा रहा है। आढ़तियों की ओर से बाजरे को बोरियों में भरकर उठान किया जा रहा है। ताकि मौसम खराब होने से मंडी में बने शेड के अंदर धान को रखने की व्यवस्था की जा सके। फिलहाल कुछ दिनों से धान के भाव में भी कुछ गिरावट आई है, क्योंकि एक सप्ताह पहले धान की ढेरियों की बोली के भाव आढ़तियों की ओर से बढ़-चढ़कर लगाए जा रहे थे, लेकिन अब धान के भाव में नरमी बनी हुई है। वहीं, आढ़तियों ने बताया कि दिसंबर के अंतिंम दिनों तक धान की खरीद की जाएगी।
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आढ़तियों की ओर से लगातार धान की निजी तौर पर खरीद की जा रही है। बाजरे का उठान भी करवाया जा रहा है। वहीं, मंडी का सुपरवाइजर व अन्य कर्मचारी धान की खरीद पर निगरानी रख रहे हैं।
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- विजय सिंह, सह-सचिव, मार्केट कमेटी, झज्जर।