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ड्रोन से होगा शहर का सर्वे, नहीं बच पाएंगें प्रॉपर्टी टैक्स चोर
Updated Fri, 16 Nov 2018 01:18 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। पांच साल बाद प्रॉपर्टी का जायजा लेने और रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए नगर परिषद अब दोबारा पूरे शहर का सर्वे कराएगी। यह सर्वे ड्रोन से किया जाएगा। प्रदेश के सभी शहरों का सर्वे करने के लिए सरकार ने एक कंपनी को हायर किया है। इस सर्वे के बाद शहर में बिल्डिंगों की संख्या का पता लगने के साथ-साथ प्रापर्टी टैक्स चोरों की भी पोल खुलेगी। इसके तुरंत बाद नगर परिषद ऐसे लोगों से प्रापर्टी टैक्स वसूलेगी। नप अधिकारियों की मानें तो सर्वे के बाद प्रॉपर्टी टैक्स भरने वाली इकाइयों की संख्या छह हजार तक बढ़ने की उम्मीद है। इसके चलते राजस्व में भी वृद्धि होगी।
सभी शहरों के सर्वे का काम प्रदेश सरकार ने यशी कंसलटेंसी नामक कंपनी को दिया है। कंपनी की टीम आगामी एक सप्ताह के अंदर शहर में पहुंच जाएगी और इस संबंध में नगर परिषद को हेड ऑफिस से पत्र भी मिल चुका है। इसके मुताबिक अब नप ने तैयारियां शुरू कर दी है। हेड ऑफिस से जारी पत्र में सर्वे कंपनी ने 14 बिंदुओं पर शहर का ब्योरा तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। यह पत्र 10 नवंबर को हेड ऑफिस से जारी हुआ था। इसके तुरंत बाद नप अधिकारी हरकत में आकर 14 बिंदुओं का ब्योरा तैयार करने की कवायद में जुट गए हैं। इस सर्वे से नगर परिषद के साथ-साथ लोगों को भी फायदा होगा। नप सूत्रों की मानें तो पिछली बार शहर का सर्वे 2013-14 में हुआ था। उस दौरान शहर में प्रॉपर्टी टैक्स देने वाली इकाइयों की संख्या बढ़कर 20 हजार पहुंच गई थी। उसके बाद से अब तक महज दो हजार इकाइयां ही नप के आंकड़ों के अनुसार बढ़ी हैं। उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स भरने की कवायद शुरू की है। मौजूदा आंकड़ों की बात करें तो शहर में इन इकाइयों की संख्या 30 हजार के पार है। नप अधिकारी भी छह हजार की वृद्धि होने का अंदाजा लगाए बैठे हैं। सर्वे टीम ने नगर परिषद से शहर में गलियों की संख्या, कालोनियों की संख्या, नियमित और अनियमित कालोनियों की संख्या, प्रॉपर्टी टैक्स देने वाली इकाइयों की संख्या, खाली पड़े प्लॉटों की संख्या सहित कई अन्य बिंदुओं पर ब्योरा मांगा है। नप अधिकारियों का कहना है कि अगले एक माह में सर्वे कार्य पूरा होने के साथ-साथ शहर की रिपोर्ट भी तैयार हो जाएगी और इसके बाद सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
पांच कैटेगरी में 22 हजार इकाइयां प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में
प्रॉपर्टी टैक्स लेने के लिए नगर परिषद ने पांच कैटेगरी बनाई हैं। पहली कैटेगरी रिहायशी मकानों की है। इसमें करीब 14 हजार इकाइयां हैं। दूसरी कैटेगरी कामर्शियल की है। इसमें 6000 इकाइयां हैं। इंडस्ट्रियल कैटेगरी में 10 इकाई और इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी में 300 इकाई हैं। इसके अलावा गर्वनमेंट कैटेगरी में 35 इकाइयां हैं। इनसे सालान करीब 80 लाख प्रॉपर्टी टैक्स जमा होता है।
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शहर की हो जाएगी नंबरिंग, नप का बढ़ेगा खजाना
सर्वे कार्य पूरा होने के बाद मौजूदा बिल्डिंगों की संख्या का पता चलेगा तो वहीं वर्तमान हालातों के मुताबिक डाटा भी तैयार हो जाएगा। सर्वे कार्य से हर गली, हर मोहल्ले की नंबरिंग हो जाएगी। इससे शहर की सड़कों की लंबाई-चौड़ाई का भी पता चल जाएगा। प्रॉपर्टी टैक्स देय इकाइयों की संख्या बढ़ने से नप के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। वहीं, आमजन को इसका फायदा भी मिलेगा। नप अधिकारियों के अनुसार जो लोग अपनी संपत्ति को नप के रिकॉर्ड में नहीं चढ़वा पाए थे। वे इस बार ऐसा कर सकते हैं।
चरखी दादरी शहर से संबंधी जानकारी
- 21 वार्ड
- 80 हजार जनसंख्या
- 22 हजार प्रॉपर्टी टैक्सदाता
- 1266 गलियां
- 70 लाख टैक्स प्रति वर्ष
- चार हजार प्लॉट
सर्वे के लिए जल्द ही टीम चरखी दादरी पहुंच जाएगी। यह टेंडर सरकार द्वारा लगाए गए थे और पूरे प्रदेश का टेंडर एक ही कंपनी को दिया गया है। सर्वे ड्रोन से किया जाएगा और नगर परिषद के साथ-साथ शहरवासियों को भी इसका फायदा होगा। - विजयपाल, ईओ, नगर परिषद
सर्वे के बाद प्रॉपर्टी टैक्स देने वाली इकाइयों की संख्या बढ़कर 28 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है। शहर में करीब पांच हजार लोग ऐसे हैं जो अपनी संपत्ति का रिकॉर्ड नगर परिषद में नहीं चढ़वा पाए हैं वे भी इस मौके का फायदा उठा सकते हैं। - संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद
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चरखी दादरी। पांच साल बाद प्रॉपर्टी का जायजा लेने और रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए नगर परिषद अब दोबारा पूरे शहर का सर्वे कराएगी। यह सर्वे ड्रोन से किया जाएगा। प्रदेश के सभी शहरों का सर्वे करने के लिए सरकार ने एक कंपनी को हायर किया है। इस सर्वे के बाद शहर में बिल्डिंगों की संख्या का पता लगने के साथ-साथ प्रापर्टी टैक्स चोरों की भी पोल खुलेगी। इसके तुरंत बाद नगर परिषद ऐसे लोगों से प्रापर्टी टैक्स वसूलेगी। नप अधिकारियों की मानें तो सर्वे के बाद प्रॉपर्टी टैक्स भरने वाली इकाइयों की संख्या छह हजार तक बढ़ने की उम्मीद है। इसके चलते राजस्व में भी वृद्धि होगी।
सभी शहरों के सर्वे का काम प्रदेश सरकार ने यशी कंसलटेंसी नामक कंपनी को दिया है। कंपनी की टीम आगामी एक सप्ताह के अंदर शहर में पहुंच जाएगी और इस संबंध में नगर परिषद को हेड ऑफिस से पत्र भी मिल चुका है। इसके मुताबिक अब नप ने तैयारियां शुरू कर दी है। हेड ऑफिस से जारी पत्र में सर्वे कंपनी ने 14 बिंदुओं पर शहर का ब्योरा तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। यह पत्र 10 नवंबर को हेड ऑफिस से जारी हुआ था। इसके तुरंत बाद नप अधिकारी हरकत में आकर 14 बिंदुओं का ब्योरा तैयार करने की कवायद में जुट गए हैं। इस सर्वे से नगर परिषद के साथ-साथ लोगों को भी फायदा होगा। नप सूत्रों की मानें तो पिछली बार शहर का सर्वे 2013-14 में हुआ था। उस दौरान शहर में प्रॉपर्टी टैक्स देने वाली इकाइयों की संख्या बढ़कर 20 हजार पहुंच गई थी। उसके बाद से अब तक महज दो हजार इकाइयां ही नप के आंकड़ों के अनुसार बढ़ी हैं। उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स भरने की कवायद शुरू की है। मौजूदा आंकड़ों की बात करें तो शहर में इन इकाइयों की संख्या 30 हजार के पार है। नप अधिकारी भी छह हजार की वृद्धि होने का अंदाजा लगाए बैठे हैं। सर्वे टीम ने नगर परिषद से शहर में गलियों की संख्या, कालोनियों की संख्या, नियमित और अनियमित कालोनियों की संख्या, प्रॉपर्टी टैक्स देने वाली इकाइयों की संख्या, खाली पड़े प्लॉटों की संख्या सहित कई अन्य बिंदुओं पर ब्योरा मांगा है। नप अधिकारियों का कहना है कि अगले एक माह में सर्वे कार्य पूरा होने के साथ-साथ शहर की रिपोर्ट भी तैयार हो जाएगी और इसके बाद सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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पांच कैटेगरी में 22 हजार इकाइयां प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में
प्रॉपर्टी टैक्स लेने के लिए नगर परिषद ने पांच कैटेगरी बनाई हैं। पहली कैटेगरी रिहायशी मकानों की है। इसमें करीब 14 हजार इकाइयां हैं। दूसरी कैटेगरी कामर्शियल की है। इसमें 6000 इकाइयां हैं। इंडस्ट्रियल कैटेगरी में 10 इकाई और इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी में 300 इकाई हैं। इसके अलावा गर्वनमेंट कैटेगरी में 35 इकाइयां हैं। इनसे सालान करीब 80 लाख प्रॉपर्टी टैक्स जमा होता है।
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शहर की हो जाएगी नंबरिंग, नप का बढ़ेगा खजाना
सर्वे कार्य पूरा होने के बाद मौजूदा बिल्डिंगों की संख्या का पता चलेगा तो वहीं वर्तमान हालातों के मुताबिक डाटा भी तैयार हो जाएगा। सर्वे कार्य से हर गली, हर मोहल्ले की नंबरिंग हो जाएगी। इससे शहर की सड़कों की लंबाई-चौड़ाई का भी पता चल जाएगा। प्रॉपर्टी टैक्स देय इकाइयों की संख्या बढ़ने से नप के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। वहीं, आमजन को इसका फायदा भी मिलेगा। नप अधिकारियों के अनुसार जो लोग अपनी संपत्ति को नप के रिकॉर्ड में नहीं चढ़वा पाए थे। वे इस बार ऐसा कर सकते हैं।
चरखी दादरी शहर से संबंधी जानकारी
- 21 वार्ड
- 80 हजार जनसंख्या
- 22 हजार प्रॉपर्टी टैक्सदाता
- 1266 गलियां
- 70 लाख टैक्स प्रति वर्ष
- चार हजार प्लॉट
सर्वे के लिए जल्द ही टीम चरखी दादरी पहुंच जाएगी। यह टेंडर सरकार द्वारा लगाए गए थे और पूरे प्रदेश का टेंडर एक ही कंपनी को दिया गया है। सर्वे ड्रोन से किया जाएगा और नगर परिषद के साथ-साथ शहरवासियों को भी इसका फायदा होगा। - विजयपाल, ईओ, नगर परिषद
सर्वे के बाद प्रॉपर्टी टैक्स देने वाली इकाइयों की संख्या बढ़कर 28 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है। शहर में करीब पांच हजार लोग ऐसे हैं जो अपनी संपत्ति का रिकॉर्ड नगर परिषद में नहीं चढ़वा पाए हैं वे भी इस मौके का फायदा उठा सकते हैं। - संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद