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पांच गांवों के ग्रामीणों ने डीसी से मांगा बादली और बाढ़सा की तर्ज पर कलेक्टर रेट

Sun, 03 Feb 2019 02:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 03 Feb 2019 02:42 AM IST
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पांच गांवों के ग्रामीणों ने डीसी से मांगा बादली और बाढ़सा की तर्ज पर कलेक्टर रेट
बादली और बाढ़सा की तर्ज पर कलेक्टर रेट देने की मांग
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बादली। क्षेत्र के किसानों और पंचायतों ने एक समान कलेक्टर दिए जाने की मांग की है। इस मामले के संबंध में पांच गांवों की पंचायतों ने किसानों की सहमति पर प्रस्ताव भी पारित किया। इसमें एक समान कलेक्टर रेट कराने की मांग उठाई गई है। इससे पहले किसानों ने सीएम विंडो पर जमीन के अलग अलग कलेक्टर रेट होने की शिकायत दर्ज करवाई थी।

देवरखाना, लगरपुर, मुंडाखेड़ा, ईस्माईलपुर और लोहट के ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त को भेजे मांग पत्र में बताया कि सरकारी तौर पर उनकी जमीन के साथ भेदभाव किया गया है। ईस्माइलपुर गांव की जमीन के कलेक्टर रेट 23 लाख 92 हजार रुपये है जबकि उनके गांव की जमीन से सटी बादली की जमीन के कलेक्टर रेट 34 लाख 32 हजार रुपये प्रति एकड़ है। इसी तरह से मुंडाखेड़ा गांव की जमीन का कलेक्टर रेट 23 लाख 40 हजार रुपये है जबकि लगरपुर, लोहट और देवरखाना गांव के 26 लाख रुपये है। ग्रामीण होशियार सिंह दरियापुर, नंदू, महाबीर, संदीप, रवि, नफे, कंवर सिंह, सुखबीर, राजकुमार, रणबीर, जीतराम, विरेन्द्र, महाबीर, शिवचरण, सुनील, जगदीश फूलसिंह, अशोक, रामकुमार, मुंशीराम, अभयराम, हरेंद्र, जोगन्द्र, सुमन, प्रकाश, नरेंद्र, ओमप्रकाश का कहना है कि बादली और बाढ़सा गांव की जमीन के बीचों-बीच उनके गांवों की जमीन है मगर सरकार ने रेट के मामले में उनके साथ भेदभाव कर रखा है जबकि उनकी जमीन में वैसा भी हवा पानी है जैसा बादली और बाढ़सा गांव की जमीन में है। ऐसे में ग्रामीणों ने सरकार से कलेक्टर रेट बढ़ाकर बादली-बाढसा के समान करने की मांग की है। कलेक्टर रेट बादली और बाढ़सा के समान करने की मांग को लेकर किसानों का तर्क है कि पांचों गांव बाढ़सा और बादली के बीच गुरुग्राम और दिल्ली सीमा से सटे हैं। बादली और बाढ़सा की तरह ही केएमपी हाईवे उनके पांचों गांवों की जमीन से निकलता है। एसईजैड में दी जमीन की कीमत की एक समान कीमत मिली थी। बाढ़ और भूकंप सहित प्राकृतिक आपदाओं का समान प्रभाव पड़ता है।
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