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बिजली बिल किसी का, भेजा जा रहा किसी को, उपभोक्ता परेशान
Updated Sat, 17 Nov 2018 12:34 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। बिजली कनेक्शन किसी दूसरे के नाम है जबकि मोबाइल पर मैसेज किसी अन्य उपभोक्ता के पास पहुंच रहा है। इस तरह के एक-दो नहीं जिले में काफी केस सामने आए हैं। उपभोक्ता बिल के रूप में मोटी रकम देखकर हतप्रभ हैं और बिजली निगम कार्यालय की भागदौड़ करते नजर आ रहे हैं। बिजली बिलों में त्रुटि की शिकायतें भी लगातार अधिकारियों के पास पहुंच रही हैं। इसके बावजूद पटरी से उतरे बिजली बिल सिस्टम में सुधार नजर नहीं आ रहा है। मीटर रीडिंग के बिना ही बिल भेजने पर उपभोक्ताओं में रोष है। ऐसे में उपभोक्ता आए दिन बिजली निगम कार्यालय के चक्कर काटने को विवश हैं।
बिजली निगम की उपभोक्ताओं से जुड़ी मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। निगम के अधिकारी बार- बार संबंधित कंपनी को पत्र लिख चुके हैं लेकिन बिल और मीटर रीडिंग संबंधी शिकायतें थम नहीं पा रही हैं। निगम के अधिकारी भी विवश एवं दुविधा में हैं। इस बार कई गांवों और शहर में चार माह का बिजली बिल जारी किया गया है। पिछले कई माह तक मीटर की रीडिंग न लिए जाने पर उपभोक्ताओं के पास मोटी रकम के बिल पहुंच रहे हैं। मैसेज के जरिए बिल की सूचना पहुंच रही है। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं के पास मैसेज किसी दूसरे उपभोक्ता का भेजा जा रहा है। कई उपभोक्ता तो मैसेज में अंकित उपभोक्ता नंबर के आधार पर ही अपने बिल का भुगतान कर देते हैं जिससे दूसरे उपभोक्ता के बिल का भुगतान हो जाता है। बाद में उन्हें पता चलने पर निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। निगम कार्यालय में आए काफी संख्या में शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। उपभोक्ता बलबीर सिंह, उमेद सिंह, चंद्रभान, सुनील, सुरेंद्र और संदीप ने बताया कि मोबाइल पर मैसेज किसी दूसरे उपभोक्ता के मिल रहे हैं। ऐसे में मैसेज पर आए बिल को देखकर वे परेशान हैं। बाद में बिजली निगम के पास चक्कर काटने पड़ते हैं जबकि इससे पहले उनके पास मैसेज रूटीन में ठीक प्रकार से पहुंचते थे।
उपभोक्ता बोले: निगम की चूक, भागदौड़ कर रहे हम
बिजली निगम की ओर से मनमाना बिजली बिल भेजा रहा है जबकि उसके घर पर बिजली की खपत नाममात्र ही है। ज्यादा बिल भेज दिए जाने पर आए दिन कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। निगम को नियमित रूप से रीडिंग लेकर बिल भेजना चाहिए। - समुद्र, मानकावास
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समय पर मीटर की रीडिंग नोट नहीं की जा रही है और वैसे ही मनमाना बिल भेज दिया जाता है। बिल की राशि भी ज्यादा मात्रा में होती है। प्रति यूनिट रेट ज्यादा लगा दिए जाते हैं। निगम को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि उपभोक्ता परेशान न होने पाए। - बलवान, चरखी
उसने एक साल पहले ही मीटर लगवाया था वह नियमित रूप से बिल जमा करवाता रहा है लेकिन अब उसके पास 30 हजार 436 रुपये का बिल भेज दिया गया जबकि यूनिट बिल के हिसाब से काफी कम दर्शा रखी हैं ऐसे में उसे आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। - सुरेंद्र कुमार,
मोबाइल पर मैसेज किसी दूसरे उपभोक्ता के मिल रहे हैं। बिल के रूप में मोटी रकम का मैसेज मिलता है जबकि उसने अपना मोबाइल नंबर निगम के पास दर्ज करवा रखा है। निगम अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं की परेशानी दूर हो सके। - संदीप, मानकावास
केवाईसी डाटा में ही मोबाइल नंबर गलत दर्ज करवा रखा होगा, फिर भी किसी उपभोक्ता को परेशानी आ रही है तो निगम समस्या का समाधान करने को तैयार है। कर्मचारी त्रुटि ठीक करने में लगे रहते हैं। कुलदीप सिंह, एसडीओ, बिजली निगम
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चरखी दादरी। बिजली कनेक्शन किसी दूसरे के नाम है जबकि मोबाइल पर मैसेज किसी अन्य उपभोक्ता के पास पहुंच रहा है। इस तरह के एक-दो नहीं जिले में काफी केस सामने आए हैं। उपभोक्ता बिल के रूप में मोटी रकम देखकर हतप्रभ हैं और बिजली निगम कार्यालय की भागदौड़ करते नजर आ रहे हैं। बिजली बिलों में त्रुटि की शिकायतें भी लगातार अधिकारियों के पास पहुंच रही हैं। इसके बावजूद पटरी से उतरे बिजली बिल सिस्टम में सुधार नजर नहीं आ रहा है। मीटर रीडिंग के बिना ही बिल भेजने पर उपभोक्ताओं में रोष है। ऐसे में उपभोक्ता आए दिन बिजली निगम कार्यालय के चक्कर काटने को विवश हैं।
बिजली निगम की उपभोक्ताओं से जुड़ी मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। निगम के अधिकारी बार- बार संबंधित कंपनी को पत्र लिख चुके हैं लेकिन बिल और मीटर रीडिंग संबंधी शिकायतें थम नहीं पा रही हैं। निगम के अधिकारी भी विवश एवं दुविधा में हैं। इस बार कई गांवों और शहर में चार माह का बिजली बिल जारी किया गया है। पिछले कई माह तक मीटर की रीडिंग न लिए जाने पर उपभोक्ताओं के पास मोटी रकम के बिल पहुंच रहे हैं। मैसेज के जरिए बिल की सूचना पहुंच रही है। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं के पास मैसेज किसी दूसरे उपभोक्ता का भेजा जा रहा है। कई उपभोक्ता तो मैसेज में अंकित उपभोक्ता नंबर के आधार पर ही अपने बिल का भुगतान कर देते हैं जिससे दूसरे उपभोक्ता के बिल का भुगतान हो जाता है। बाद में उन्हें पता चलने पर निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। निगम कार्यालय में आए काफी संख्या में शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। उपभोक्ता बलबीर सिंह, उमेद सिंह, चंद्रभान, सुनील, सुरेंद्र और संदीप ने बताया कि मोबाइल पर मैसेज किसी दूसरे उपभोक्ता के मिल रहे हैं। ऐसे में मैसेज पर आए बिल को देखकर वे परेशान हैं। बाद में बिजली निगम के पास चक्कर काटने पड़ते हैं जबकि इससे पहले उनके पास मैसेज रूटीन में ठीक प्रकार से पहुंचते थे।
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उपभोक्ता बोले: निगम की चूक, भागदौड़ कर रहे हम
बिजली निगम की ओर से मनमाना बिजली बिल भेजा रहा है जबकि उसके घर पर बिजली की खपत नाममात्र ही है। ज्यादा बिल भेज दिए जाने पर आए दिन कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। निगम को नियमित रूप से रीडिंग लेकर बिल भेजना चाहिए। - समुद्र, मानकावास
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समय पर मीटर की रीडिंग नोट नहीं की जा रही है और वैसे ही मनमाना बिल भेज दिया जाता है। बिल की राशि भी ज्यादा मात्रा में होती है। प्रति यूनिट रेट ज्यादा लगा दिए जाते हैं। निगम को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि उपभोक्ता परेशान न होने पाए। - बलवान, चरखी
उसने एक साल पहले ही मीटर लगवाया था वह नियमित रूप से बिल जमा करवाता रहा है लेकिन अब उसके पास 30 हजार 436 रुपये का बिल भेज दिया गया जबकि यूनिट बिल के हिसाब से काफी कम दर्शा रखी हैं ऐसे में उसे आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। - सुरेंद्र कुमार,
मोबाइल पर मैसेज किसी दूसरे उपभोक्ता के मिल रहे हैं। बिल के रूप में मोटी रकम का मैसेज मिलता है जबकि उसने अपना मोबाइल नंबर निगम के पास दर्ज करवा रखा है। निगम अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं की परेशानी दूर हो सके। - संदीप, मानकावास
केवाईसी डाटा में ही मोबाइल नंबर गलत दर्ज करवा रखा होगा, फिर भी किसी उपभोक्ता को परेशानी आ रही है तो निगम समस्या का समाधान करने को तैयार है। कर्मचारी त्रुटि ठीक करने में लगे रहते हैं। कुलदीप सिंह, एसडीओ, बिजली निगम