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प्रेरक शिक्षकों ने मांगें पूरी करने की मांग की
Updated Mon, 15 Jan 2018 12:05 AM IST
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प्रेरक शिक्षकों ने की मांगें पूरी करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
प्रदेश में सरकार द्वारा बिना किसी ठोस वजह के प्रेरक शिक्षकों को नौकरी से हटाने से उनमें खासा रोष है। इसे लेकर संघ जिला अध्यक्ष विनोद मांढ़ी के नेतृत्व में प्रेरकों के प्रतिनिधि मंडल ने भिवानी -महेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह से मुलाकात की।
इस दौरान जिला अध्यक्ष विनोद मांढ़ी ने सांसद को बताया कि 51 सौ प्रेरक शिक्षक विभिन्न जिलों में पांच वर्षों से कार्यरत हैं। इन प्रेरकों ने प्रौढ़ शिक्षा, जन -धन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री बीमा योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रचार मेें योगदान दिया है। उनके इन कार्यों की सराहना भी हुई है, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने उन्हें नौकरी से हटाकर घर का रास्ता दिखा दिया, जिससे वे काफी आर्थिक परेशानियों एवं मानसिक चिंता के दौर से गुजर रहे हैं। संघ प्रधान ने बताया कि जिस तरह से सरकार ने उन्हें बजट की कमी का बहाना बनाकर नौकरी से हटा दिया इससे इन पांच हजार से अधिक प्रेरकों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इस दौरान प्रेरकों ने मकर संक्रांति पर बकाया वेतन न मिलने और बहाली की मांग को लेकर काले बिल्ले लगाकर रोष जताया। इस मौके पर जंगबीर, बिजेंद्र रतेरा, सुरेश शर्मा हड़ौदा, रणधीर, योगेश, सुखबीर, धर्मेंद्र, अर्चना, सरोजबाला, अनीता, मोहनलाल, प्रदीप समेत अन्य प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
प्रदेश में सरकार द्वारा बिना किसी ठोस वजह के प्रेरक शिक्षकों को नौकरी से हटाने से उनमें खासा रोष है। इसे लेकर संघ जिला अध्यक्ष विनोद मांढ़ी के नेतृत्व में प्रेरकों के प्रतिनिधि मंडल ने भिवानी -महेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह से मुलाकात की।
इस दौरान जिला अध्यक्ष विनोद मांढ़ी ने सांसद को बताया कि 51 सौ प्रेरक शिक्षक विभिन्न जिलों में पांच वर्षों से कार्यरत हैं। इन प्रेरकों ने प्रौढ़ शिक्षा, जन -धन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री बीमा योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रचार मेें योगदान दिया है। उनके इन कार्यों की सराहना भी हुई है, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने उन्हें नौकरी से हटाकर घर का रास्ता दिखा दिया, जिससे वे काफी आर्थिक परेशानियों एवं मानसिक चिंता के दौर से गुजर रहे हैं। संघ प्रधान ने बताया कि जिस तरह से सरकार ने उन्हें बजट की कमी का बहाना बनाकर नौकरी से हटा दिया इससे इन पांच हजार से अधिक प्रेरकों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इस दौरान प्रेरकों ने मकर संक्रांति पर बकाया वेतन न मिलने और बहाली की मांग को लेकर काले बिल्ले लगाकर रोष जताया। इस मौके पर जंगबीर, बिजेंद्र रतेरा, सुरेश शर्मा हड़ौदा, रणधीर, योगेश, सुखबीर, धर्मेंद्र, अर्चना, सरोजबाला, अनीता, मोहनलाल, प्रदीप समेत अन्य प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे।
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