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साल में डेढ़ करोड़ कमाकर देता है अपने मालिक को अनमोल हीरा
Updated Sat, 28 Oct 2017 01:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
पुलिस लाइन झज्जर में आयोजित तीन दिवसीय राज्यस्तरीय स्वर्ण जयंती श्रेष्ठ पशुधन प्रदर्शनी एवं मेले में मुर्राह नस्ल की भैंस लक्ष्मी का कटड़ा हीरा मेले में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हिसार के गांव सिंघवा खास के पशुपालक कपूर सिंह की मुर्राह नस्ल की भैंस लक्ष्मी 2013 में 25 लाख रुपये की बिकी तो देशभर और मीडिया में कई दिन तक चर्चा बनी रही थी। लक्ष्मी ने 28 लीटर दूध का रिकार्ड कायम किया था।
साढ़े पांच फुट ऊंचा है हीरा
हीरा की मां लक्ष्मी को आंध्र प्रदेश के पशु पालक ने 25 लाख में खरीदा, जिसने 32 लीटर दूध देकर लिमका बुक ऑफ रिकार्ड में स्थान बनाया। लक्ष्मी के कटड़े को कपूूूूर सिंह ने अपने पास रख लिया था, जिसका नाम हीरा है। लगभग साढ़े पांच फीट ऊंचे और पशु पालक के दावे के अनुसार देश के सबसे चौड़े मुर्राह नस्ल का भैंसा जिसका नाम हीरा है। हीरा की आयु लगभग पौने पांच साल की है। कपूर सिंह से हीरा की कीमत पूछी गई तो उन्होंने बड़ी सादगी से कहा कि यह उनके लिए अनमोल हीरा है।
पशुपालक का कहना है कि हीरा मुक्तसर में आयोजित ऑल इंडिया चैंपियनशिप में प्रथम स्थान का प्राप्त किया था। हीरा गुजरात के एनडीडी में पंजीकृत है। हीरा के सीमन की बाजार में बहुत ज्यादा मांग है। उन्होंने बताया कि हीरा का सीमन बेचकर प्रति वर्ष लगभग डेढ़ करोड़ की कमाई होती है। इसलिए अभी तक उसने हीरा को बेचने के बारे में नहीं सोचा।
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ये है हीरा की खुराक
कपूर सिंह ने बताया कि हीरा को प्रतिदिन आठ किलो दाना, सात से आठ किलो दूध और पाव घी दिया जाता है। हीरा के पौष्टिक आहार और उसकी मालिश आदि का विशेष ध्यान रखा जाता है। हीरा के मालिक कपूर सिंह ने बताया कि उसको बचपन से ही अच्छे पशु रखने का शौक है और उन्हें खुशी है उनका बेटा जगबीर सिंह भी अब इस कार्य को बखूबी संभाल रहा है। उन्होंने कहा कि पशु पालन फायदे का सौदा है अगर पूरे मन के साथ किया जाए तो।
श्रेष्ठ पशुओं की कीमत का होगा आकलन
कपूूर सिंह ने बताया कि कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने इस बार प्रदर्शनी में पशुओं की खरीद फरोख्त शुरू करवाकर अच्छा कार्य किया है। खरीद फरोख्त होने से निश्चित रूप से पशु पालकों को लाभ मिलेगा और श्रेष्ठ पशुओं की कीमत का आकलन भी होगा।
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झज्जर।
पुलिस लाइन झज्जर में आयोजित तीन दिवसीय राज्यस्तरीय स्वर्ण जयंती श्रेष्ठ पशुधन प्रदर्शनी एवं मेले में मुर्राह नस्ल की भैंस लक्ष्मी का कटड़ा हीरा मेले में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हिसार के गांव सिंघवा खास के पशुपालक कपूर सिंह की मुर्राह नस्ल की भैंस लक्ष्मी 2013 में 25 लाख रुपये की बिकी तो देशभर और मीडिया में कई दिन तक चर्चा बनी रही थी। लक्ष्मी ने 28 लीटर दूध का रिकार्ड कायम किया था।
साढ़े पांच फुट ऊंचा है हीरा
हीरा की मां लक्ष्मी को आंध्र प्रदेश के पशु पालक ने 25 लाख में खरीदा, जिसने 32 लीटर दूध देकर लिमका बुक ऑफ रिकार्ड में स्थान बनाया। लक्ष्मी के कटड़े को कपूूूूर सिंह ने अपने पास रख लिया था, जिसका नाम हीरा है। लगभग साढ़े पांच फीट ऊंचे और पशु पालक के दावे के अनुसार देश के सबसे चौड़े मुर्राह नस्ल का भैंसा जिसका नाम हीरा है। हीरा की आयु लगभग पौने पांच साल की है। कपूर सिंह से हीरा की कीमत पूछी गई तो उन्होंने बड़ी सादगी से कहा कि यह उनके लिए अनमोल हीरा है।
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पशुपालक का कहना है कि हीरा मुक्तसर में आयोजित ऑल इंडिया चैंपियनशिप में प्रथम स्थान का प्राप्त किया था। हीरा गुजरात के एनडीडी में पंजीकृत है। हीरा के सीमन की बाजार में बहुत ज्यादा मांग है। उन्होंने बताया कि हीरा का सीमन बेचकर प्रति वर्ष लगभग डेढ़ करोड़ की कमाई होती है। इसलिए अभी तक उसने हीरा को बेचने के बारे में नहीं सोचा।
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ये है हीरा की खुराक
कपूर सिंह ने बताया कि हीरा को प्रतिदिन आठ किलो दाना, सात से आठ किलो दूध और पाव घी दिया जाता है। हीरा के पौष्टिक आहार और उसकी मालिश आदि का विशेष ध्यान रखा जाता है। हीरा के मालिक कपूर सिंह ने बताया कि उसको बचपन से ही अच्छे पशु रखने का शौक है और उन्हें खुशी है उनका बेटा जगबीर सिंह भी अब इस कार्य को बखूबी संभाल रहा है। उन्होंने कहा कि पशु पालन फायदे का सौदा है अगर पूरे मन के साथ किया जाए तो।
श्रेष्ठ पशुओं की कीमत का होगा आकलन
कपूूर सिंह ने बताया कि कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने इस बार प्रदर्शनी में पशुओं की खरीद फरोख्त शुरू करवाकर अच्छा कार्य किया है। खरीद फरोख्त होने से निश्चित रूप से पशु पालकों को लाभ मिलेगा और श्रेष्ठ पशुओं की कीमत का आकलन भी होगा।